परिव्राजक सत्रों की महत्ता एवं स्वरूप:- परम पूज्य गुरुदेव हिमालय की ऋषि सत्ताओं के प्रतिनिधि के रूप में इस Read More.........
युग पुरोहितों की भूमिका:- परम पूज्य गुरुदेव ने कहा भव्य निर्माण मठ, मंदिर तो अनेकों बने हुए हैं , Read More.........
परिव्राजक सत्र के अन्तर्गत निर्धारित विषय:- उक्त परिव्राजक सत्र के अन्तर्गत प्राय: निम्र विषयों का शिक्षण निर्धारित है Read More .........
आवेदन पत्र:- एक मासीय परिव्राजक प्रशिक्षण सत्र के लिए Read More.........
परिव्राजक में प्रवेश हेतु अनिवार्यताएँ- १. परिव्राजक प्रशिक्षण सत्र हर माह के १ से २८ तारीख तक नियमित चलते हैं Read More.........