• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • परमात्मा का स्वरूप विराट् विश्व
    • सच्ची उपासना का स्वरूप
    • आत्मविकास के लिए लोक सेवा आवश्यक
    • तटस्थ रहिए- दुःख मत हूजिये
    • Quotation
    • प्रयत्न करो
    • जो तू वही मैं
    • हम शक्तिशाली बनें, निर्बल नहीं
    • शक्ति और भक्ति के मूर्त-रूप गुरु गोविन्द सिंह
    • निकृष्ट स्वार्थ के विषधर से बचे रहिए
    • राघवेन्द्र स्वामी
    • Quotation
    • श्रीरामानन्द चट्टोपाध्याय
    • आप घाटे में हैं, इसका दुःख मत मानिए।
    • अपने आपको विकसित होने दीजिये।
    • विचारों की हरियाली उगाइये
    • जिन्होंने साहसपूर्वक अपने को बदला-वे स्वामी श्रद्धानन्द
    • देशबन्धु चितरंजनदास
    • पतिव्रत धर्म की महान् महत्ता
    • बाल अपराध बढ़े तो राष्ट्र गिर जायगा।
    • उधार सौदा-ऋण समान
    • परिजनों का पालन ही नहीं, निर्माण भी
    • वर्तमान युद्ध और हमारा कर्त्तव्य
    • अगले वर्ष के लिए एक महान् पुरश्चरण-
    • युद्ध-विराम से सुरक्षा-कार्य शिथिल न हों।
    • धर्म मंच से युग-निर्माण का प्रेरणाप्रद साहित्य
    • उद्बोधन
    • उद्बोधन (kavita)
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login


Back to Books

Magazine - Year 1965 - Version 2

Media: TEXT
Language: HINDI
TEXT SCAN


उद्बोधन

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 26 28 Last
First 26 28 Last


Other Version of this book



Version 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Version 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books


Articles of Books

  • परमात्मा का स्वरूप विराट् विश्व
  • सच्ची उपासना का स्वरूप
  • आत्मविकास के लिए लोक सेवा आवश्यक
  • तटस्थ रहिए- दुःख मत हूजिये
  • Quotation
  • प्रयत्न करो
  • जो तू वही मैं
  • हम शक्तिशाली बनें, निर्बल नहीं
  • शक्ति और भक्ति के मूर्त-रूप गुरु गोविन्द सिंह
  • निकृष्ट स्वार्थ के विषधर से बचे रहिए
  • राघवेन्द्र स्वामी
  • Quotation
  • श्रीरामानन्द चट्टोपाध्याय
  • आप घाटे में हैं, इसका दुःख मत मानिए।
  • अपने आपको विकसित होने दीजिये।
  • विचारों की हरियाली उगाइये
  • जिन्होंने साहसपूर्वक अपने को बदला-वे स्वामी श्रद्धानन्द
  • देशबन्धु चितरंजनदास
  • पतिव्रत धर्म की महान् महत्ता
  • बाल अपराध बढ़े तो राष्ट्र गिर जायगा।
  • उधार सौदा-ऋण समान
  • परिजनों का पालन ही नहीं, निर्माण भी
  • वर्तमान युद्ध और हमारा कर्त्तव्य
  • अगले वर्ष के लिए एक महान् पुरश्चरण-
  • युद्ध-विराम से सुरक्षा-कार्य शिथिल न हों।
  • धर्म मंच से युग-निर्माण का प्रेरणाप्रद साहित्य
  • उद्बोधन
  • उद्बोधन (kavita)
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj