शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष एवं हरिद्वार कुंभ -- एक अद्भुत संयोग
आपके द्वार -- पहुँचा हरिद्वार
॥ हर- हर गंगे -- घर- घर गंगे- गायत्री ॥ लक्ष्य :: ० शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष २०२१ एवं आगामी वर्ष मे आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व २०२१ के अवसर पर ग्राम- ग्राम और घर- घर युग संदेश पहुँचाना ० २०२६ के मिशन ‘आदर्श शक्तिपीठ’ के लिये आधार तैयार करना ० गृहे- गृहे गायत्री यज्ञ- उपासना का विस्तार करना एवं देव परिवार विकसित करना
प्रक्रिया :: > प्रदेशों में स्थित ज़ोनल केंद्रों ( २५ केंद्र ) को योजना का केंद्र एवं १०० उपजोन के उप केन्द्र बनाना > इन केंद्रों के माध्यम से सक्रिय- समर्थ तीन हजार शक्तिपीठों का चयन करना > प्रत्येक शक्तिपीठ द्वारा न्यूनतम ११ ग्रामों का चयन किया जायेगा > प्रत्येक ग्राम में न्यूनतम २४ नये घरों का चयन कर संपर्क किया जायेगा > इस प्रकार न्यूनतम कुल दस लाख नये परिवारों में गंगाजली, देवस्थापना चित्र,साहित्य,गायत्री यज्ञ उपासना पद्धति, कुंभ पर्व महात्म्य जो शांतिकुंज द्वारा तैयार कर केंद्रों को प्रेषित किया जायेगा उन्हें पहुँचाना > प्रत्येक ग्राम में घर- घर गौ पालन, सरोवर संरक्षण, विद्यालयों में युगऋषि का साहित्य एवं श्रेष्ठ नागरिक निर्माण की प्रेरणा दी जाये > कार्यक्रम मकर संक्रांति ( १४ जन २१) से प्रारंभ हो कर कुंभ के अंतिम स्नान दि २७ अप्रैल २१ तक चलेगा > लगभग हर सक्रिय जिले में ज्ञान रथ हैं उनके माध्यम से यह योजना क्षेत्र में संचालित की जायेगी। इस हेतु केन्द्रीय व क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को मिला कर टोलियाँ बनाई जायेंगी। प्रत्येक रथ में गंगा अमृत कुंभ स्थापित होंगे > समन्वय हेतु शक्तिपीठ संगठन कार्यालय+संबंधित जोन+तकनीकी सहयोग युवा प्रकोष्ठ एक टोली के रूप में कार्य करेंगे > अंचल एवं उपांचल स्तर पर कार्यक्रम के संचालन हेतु कार्यकर्ताओं की विस्तृत संगोष्ठी केन्द्रीय टोली द्वारा की जायेगी > जोन तक सामग्री शांतिकुंज भेजेगा, जोन अपने उपजोन तक भेज देंगे, उपजोन अपने शक्तिपीठों तक पहुँचा देंगे, शक्तिपीठ अपने क्षेत्र में ११ ग्रामों के २४- २४ घरों में स्थापित करेंगे > इस प्रकार ३००० संस्थान 3११ ग्राम 3२४ घर 3 कुल समग्र दस लाख नये घरों तक विस्तार > प्रज्ञा अभियान पाक्षिक, अखण्ड ज्योति के माध्यम से प्रचार किया जायेगा > बाद में सभी घरों तक गुरुधाम से आशीर्वाद पत्र प्रेषित किया जायेगा