विज्ञान की अपूर्णताएँ...

विज्ञान की अधिकांश उपलब्धियाँ जड़ प्रकृति के क्षेत्र में हैं। पृथ्वी में पाए जाने वाले सभी कार्बनिक (आर्गेनिक) और अकार्बनिक (इन आर्गेनिक) धातुओं, खनिजों, गैसों और इन सबके द्वारा बनने वाले यंत्रों, प्रकाश, विद्युत्, ताप, चुंबक आदि से संबंधित अनेक महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ विज्ञान देता है, उसमें कामवासन...

March 30, 2026, 12:26 p.m.

विज्ञान की अपूर्णता और स्थिरता...

भौतिक तथ्यों की जानकारी देना और पदार्थ की शक्ति का सुविधाजनक उपयोग सिखाना— विज्ञान का क्षेत्र इतना ही है। हर बात की एक सीमा होती है। विज्ञान की सीमा भी इतनी ही है। इस परिधि को किसी प्रकार कम महत्त्व का नहीं माना जा सकता। अन्य सभी प्राणी अपनी शारीरिक क्षमता भार से निर्वाह के साधन जुटाते रहने भर में स...

March 27, 2026, 4:09 p.m.

नवरात्रि में घर घर चल रहे विभिन्न संस्का...

*नवरात्रि में घर घर चल रहे विभिन्न संस्कार*    *गायत्री मंदिर पर रामनवमी को होगा पूर्णाहुति और भंडारे का आयोजन*   संवाद सूत्र: पचपेड़वा/गैंसड़ी        राष्ट्र जागरण, मानव में देवत्व के उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण को लेकर गायत्री परिवार पचपेड़वा और गैंसडी संयुक्त रूप से आगामी 27 मार्च 2026 को गायत...

March 24, 2026, 1:16 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 157):आत्मीयजन...

कहने को गायत्री परिवार, प्रज्ञा परिवार आदि नाम रखे गए हैं और उनकी सदस्यता का रजिस्टर तथा समयदान-अंशदान का अनुबंध भी है, पर वास्तविकता दूसरी ही है, जिसे हम सब भली भाँति अनुभव भी करते हैं। वह है— जन्म-जन्मांतरों से संग्रहीत आत्मीयता। जिसके पीछे जुड़ी हुई अनेकानेक गुदगुदी उत्पन्न करने वाली घटनाएँ हमें स...

March 10, 2026, 11:35 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 156):आत्मीयज...

साधना से उपलब्ध अतिरिक्त सामर्थ्य को विश्व के मूर्द्धन्य वर्गों को हिलाने-उलटने में लगाने का हमारा मन है। अच्छा होता सुई और धागे को आपस में पिरो देने वाले कोई सूत्र मिल जाते; अन्यथा सर्वथा अपरिचित रहने की स्थिति में तारतम्य बैठने में कठिनाई होगी। मूर्द्धन्यों में सत्ताधीश, धनाध्यक्ष, वैज्ञानिक और मन...

March 10, 2026, 11:18 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 155):तीन संकल...

हमने जैसा कि इस पुस्तक में समय-समय पर संकेत किया है। जैसे हमारे बॉस के आदेश मिलते रहे हैं, वैसे ही हमारे संकल्प बनते, पकते व फलित होते गए हैं। सन् 1986 वर्ष का उत्तरार्द्ध हमारे जीवन का महत्त्वपूर्ण सोपान है। इस वर्ष के समापन के साथ हमारे पचहत्तरवें वर्ष की हीरक जयंती का वह अध्याय पूरा होता है, जिनक...

March 10, 2026, 11:04 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 154): जीवन के...

परिवर्तन और निर्माण दोनों ही कष्टसाध्य हैं। भ्रूण जब शिशुरूप में धरती पर आता है, तो प्रसवपीड़ा के साथ होने वाला खून-खच्चर दिल दहला देता है। प्रस्तुत परिस्थितियों के दृश्य और अदृश्य दोनों ही पक्ष ऐसे हैं, जिनके कण-कण से महाविनाश का परिचय मिलता है। समय की आवश्यकताएँ इतनी बड़ी हैं, जिन्हें पूरा करने के ल...

March 9, 2026, 12:26 p.m.

विशिष्ट सामायिक चिंतन: कृत्रिम बुद्धिमत्...

आज जीवन के हर क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात ए०आई० (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बोलबाला है। ए०आई० समाचार की सुर्खियों से आगे जीवन के हर पक्ष का हिस्सा बनती जा रही है। स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, यातायात, सुरक्षा, अनुवाद, भविष्यकथन, सर्च इंजन, हर क्षेत्र में इसकी सशक्त उपस्थिति दर्ज हो रही है। श...

March 8, 2026, 12:01 p.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 153): जीवन के...

कार्यक्रमों में प्रचारात्मक, रचनात्मक और सुधारात्मक अनेक कार्य हैं, जिन्हें घर से बाहर रहते हुए परिस्थितियों के अनुरूप कार्यान्वित किया जा सकता है। प्रचारात्मक स्तर के कार्य— 1. झोला पुस्तकालय, 2. ज्ञानरथ, 3. स्लाइड प्रोजेक्टर प्रदर्शन, टेपरिकॉर्डर से युगसंगीत एवं युगसंदेश को जन-जन तक पहुँचाना, 4. द...

March 8, 2026, 11:37 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 152): जीवन के...

माना कि आज स्वार्थपरता, संकीर्णता और क्षुद्रता ने मनुष्य को बुरी तरह घेर रखा है, तो भी इस धरती को वीर विहीन नहीं कहा जा सकता। 60 लाख साधु-बाबा यदि धर्म के नाम पर घर-बार छोड़कर मारे-मारे फिर सकते हैं, तो कोई कारण नहीं कि मिशन की एक लाख वर्ष की समयदान की माँग पूरी न हो सके। एक व्यक्ति यदि दो घंटे रोज स...

March 8, 2026, 11:29 a.m.

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में “साइबर शि...

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में परम वंदनीया माताजी के जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर परिसर में निवासरत महिलाओं हेतु “साइबर शिक्षा” – Cyber Security Awareness & Digital Literacy Program का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल युग में सुरक्षित, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्ह...

March 30, 2026, 11:28 a.m.

Fostering Interfaith Dialogue and Academ...

Dev Sanskriti Vishwavidyalaya, Haridwar had the privilege of welcoming Rev. Dr. Filip Jozef Krauze, Department of Fundamental Christology and Ecclesiology, John Paul II Catholic University of Lublin, during his academic engagement with institutions working in the field of spirituality, culture, and ...

March 30, 2026, 11:16 a.m.

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में 35 देशों ...

हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न देशों से आए बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। इस अवसर पर लगभग 142 बच्चे दुनिया के अनेक देशों से देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुँचे और विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय...

March 30, 2026, 11:01 a.m.

IKS–AI Confluence at Dev Sanskriti Vishw...

The Department of Computer Science at Dev Sanskriti Vishwavidyalaya organized a special industry workshop on the topic “Decoding Vedic Intelligence: Exploring Indian Knowledge Systems (IKS) through Artificial Intelligence and Technological Insights.” The session was conducted under the visionary gui...

March 30, 2026, 10:53 a.m.

10-Day Health Promotion and Training Cam...

Haridwar, March 15, 2026 — Dev Sanskriti Vishwavidyalaya successfully concluded a 10-Day Health Promotion and Training Camp organized by the Department of Complementary and Alternative Medicine from March 6 to March 15, 2026. The camp witnessed enthusiastic participation from around 30 participants ...

March 30, 2026, 10:45 a.m.

Avahan – Alumni Speak Series: Empowering...

On March 13, 2026, the Dev Sanskriti Alumni Association & Department of Computer Science successfully organized a special session under the Avahan – Alumni Speak series, focusing on the topic “How to Become AI-Assisted Industry Ready in the Current Tech Scenario: Building AI-Driven Problem-Solving S...

March 30, 2026, 10:39 a.m.

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में “पाइरेट्स...

हरिद्वार, 14 मार्च 2026। Dev Sanskriti Vishwavidyalaya के गणित विभाग द्वारा 13–14 मार्च 2026 को पाई डे के उपलक्ष्य में दो दिवसीय “मैथ फेस्ट – पाइरेट्स क्वेस्ट फॉर पाई” का आयोजन अत्यंत उत्साह और रचनात्मकता के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की गणितीय प्रतिभा और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद...

March 30, 2026, 10:31 a.m.

नवरात्रि में घर घर चल रहे विभिन्न संस्का...

*नवरात्रि में घर घर चल रहे विभिन्न संस्कार*    *गायत्री मंदिर पर रामनवमी को होगा पूर्णाहुति और भंडारे का आयोजन*   संवाद सूत्र: पचपेड़वा/गैंसड़ी        राष्ट्र जागरण, मानव में देवत्व के उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण को लेकर गायत्री परिवार पचपेड़वा और गैंसडी संयुक्त रूप से आगामी 27 मार्च 2026 को गायत...

March 24, 2026, 1:16 a.m.

Imagination to Innovation: Cultivating C...

The Dev Sanskriti Career Guidance Centre, in collaboration with DISHA (Psychological, Spiritual & Career Counselling Club) – Dev Sanskriti Students Club, organized an engaging session titled “Creative Thinking Studio” under the series “Career Launchpad – A Series on Graduate Attributes,” conducted u...

March 14, 2026, 12:10 p.m.

Department of Computer Science Faculty M...

Under the visionary guidance of Hon’ble Pro Vice Chancellor Dr. Chinmay Pandya Ji, young faculty members from the Department of Computer Science, Dev Sanskriti Vishwavidyalaya actively participated in the Faculty Development Program – “Training of Trainers”, organized by the NIIT Foundation and supp...

March 13, 2026, 4:38 p.m.
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First Meeting With Guru

At the age of 15- Self-realization on Basant Panchanmi Parva 1926 at Anwalkheda (Agra, UP, India), with darshan and guidance from Swami Sarveshwaranandaji.

Akhand Deep

More than 2400 crore Gayatri Mantra have been chanted so far in its presence. Just by taking a glimpse of this eternal flame, people receive divine inspirations and inner strength.

Akhand Jyoti Magazine

It was started in 1938 by Pt. Shriram Sharma Acharya. The main objective of the magazine is to promote scientific spirituality and the religion of 21st century, that is, scientific religion.

Gayatri Mantra

The effect of sincere and steadfast Gayatri Sadhana is swift and miraculous in purifying, harmonizing and steadying the mind and thus establishing unshakable inner peace and a sense of joy filled calm even in the face of grave trials and tribulations in the outer life of the Sadhak.

डॉ. शंकर दयाल शर्मा (पूर्व राष्ट्रपति)

आचार्य जी ने सिद्धांत और साधना को आधुनिक युग के अनुकूल तर्क व शब्द देकर सामाजिक परिवर्तन का जो मार्ग दिखाया है, उसके लिए आने वाली पीढ़ियाँ युगों-युगों तक कृतज्ञ रहेंगी।