• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • yug geeta
    • प्रस्तुत द्वितीय खण्ड की प्रस्तावना
    • Vishay Soochi
    • मैं जानता हूँ कि तुम कौन हो और किसलिए आए हो?
    • धर्म संस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे
    • जन्म कर्म च मे दिव्यम्
    • वीतराग होने पर प्रभु के स्वरूप को प्राप्त होना
    • ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्
    • कर्म, अकर्म तथा विकर्म
    • कर्म में अकर्म और अकर्म में कर्म का मर्म
    • गहना कर्मणोगति
    • कैसे बनें दिव्यकर्मी और कैसे हों बंधनमुक्त
    • कर्म में ब्रह्मदर्शन से ब्रह्म की ही प्राप्ति
    • हर श्वास में संपादित दिव्य कर्म ही हैं यज्ञ
    • यज्ञ बिना यह लोक नहीं तो परलोक कैसा?
    • यज्ञों में श्रेष्ठतम-ज्ञानयज्ञ
    • ज्ञान की नौका से भवसागर को पार करें
    • पूर्ण तृप्त ज्ञानी की परिणति
    • उठो भारत स्वयं को योग में प्रतिष्ठित करो
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Books - युग गीता भाग-2

Media: SCAN
Language: HINDI
SCAN SCAN SCAN SCAN


मैं जानता हूँ कि तुम कौन हो और किसलिए आए हो?

First 16 18 Last
First 16 18 Last


Other Version of this book



युगगीता (भाग-४)
Type: TEXT
Language: EN
...

युग गीता भाग-3
Type: SCAN
Language: HINDI
...

યુગગીતા ભાગ - ૧
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

युग गीता (भाग-1)
Type: SCAN
Language: HINDI
...

યુગગીતા ભાગ - ૨
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

युगगीता (भाग-३)
Type: TEXT
Language: EN
...

युगगीता - (भाग-२)
Type: TEXT
Language: EN
...

युग गीता भाग-2
Type: SCAN
Language: HINDI
...

युग गीता भाग-4
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books



A GLIMPSE OF THE GOLDEN FUTURE
Type: TEXT
Language: ENGLISH
...

A Glimpse of The Golden Future
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-4
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-2
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-3
Type: SCAN
Language: EN
...

गायत्री की शक्ति और सिद्धि
Type: SCAN
Language: EN
...

यज्ञोपवीत की महान उपयोगिता
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गायत्री और यज्ञोपवीत
Type: TEXT
Language: HINDI
...

पितरों को श्रद्धा दें, वे शक्ति देंगे
Type: SCAN
Language: HINDI
...

पितरों को श्रद्धा दें, वे शक्ति देंगे
Type: TEXT
Language: HINDI
...

પિતૃઓને શ્રદ્ધા આપો, શક્તિ આપશે
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

ગૃહસ્થ યોગ
Type: SCAN
Language: EN
...

गृहस्थ योग एक सिद्ध योग
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गृहस्थ एक योग साधना
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Married Life A Perfect Yoga
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

गृहस्थ एक योग साधना
Type: TEXT
Language: HINDI
...

पुनर्जन्म : एक ध्रुव सत्य
Type: SCAN
Language: EN
...

पुनर्जन्म : एक ध्रुव सत्य
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री द्वारा प्राण शक्ति का अभिवर्धन्
Type: SCAN
Language: EN
...

ગાયત્રીનો વૈજ્ઞાનિક આધાર
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

गायत्री का वैज्ञानिक आधार
Type: TEXT
Language: HINDI
...

મારી વસીયત અને વિરાસત
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

हमारी वसीयत और विरासत
Type: TEXT
Language: EN
...

A Glimpse of the Golden Future
Type: SCAN
Language: EN
...

Articles of Books

  • yug geeta
  • प्रस्तुत द्वितीय खण्ड की प्रस्तावना
  • Vishay Soochi
  • मैं जानता हूँ कि तुम कौन हो और किसलिए आए हो?
  • धर्म संस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे
  • जन्म कर्म च मे दिव्यम्
  • वीतराग होने पर प्रभु के स्वरूप को प्राप्त होना
  • ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्
  • कर्म, अकर्म तथा विकर्म
  • कर्म में अकर्म और अकर्म में कर्म का मर्म
  • गहना कर्मणोगति
  • कैसे बनें दिव्यकर्मी और कैसे हों बंधनमुक्त
  • कर्म में ब्रह्मदर्शन से ब्रह्म की ही प्राप्ति
  • हर श्वास में संपादित दिव्य कर्म ही हैं यज्ञ
  • यज्ञ बिना यह लोक नहीं तो परलोक कैसा?
  • यज्ञों में श्रेष्ठतम-ज्ञानयज्ञ
  • ज्ञान की नौका से भवसागर को पार करें
  • पूर्ण तृप्त ज्ञानी की परिणति
  • उठो भारत स्वयं को योग में प्रतिष्ठित करो
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj