Yug Parivartan Ka Aadhar युग ...

जाति या लिंग के कारण किसी को ऊँचा या किसी को नीचा न ठहरा सकेंगे, छूत- अछूत का प्रश्न न रहेगा। गोरी च...

July 20, 2024, 10:13 a.m.

‘‘हम बदलेंगे युग बदलेगा’’ सूत्...

आदत पड़ जाने पर तो अप्रिय और अवांछनीय स्थिति भी सहज और सरल ही प्रतीत नहीं होती, प्रिय भी लगने लगती है...

July 20, 2024, 10:10 a.m.

‘‘हम बदलेंगे युग बदलेगा’’ सूत...

यदि वर्तमान परिस्थिति अनुपयुक्त लगती हो और उसे सुधारने बदलने का सचमुच ही मन हो तो सड़ी नाली की तली तक...

July 20, 2024, 10:08 a.m.

‘‘हम बदलेंगे युग बदलेगा’’ सूत्...

युग परिवर्तन या व्यक्ति परिवर्तन के लिए व्यक्तिगत दृष्टिकोण और समाजगत प्रवाह प्रचलन को बदलने की बात ...

July 20, 2024, 10:05 a.m.

‘‘हम बदलेंगे युग बदलेगा’’ सूत्...

भटकाव से भ्रमित और कुत्साओं से ग्रसित व्यक्ति ऐससी ललक लिप्साओं में संलग्न रहता है जिन्हें दूरदर्शित...

July 20, 2024, 10:02 a.m.

हम बदलेंगे युग बदलेगा’’ सूत्र ...

स्पष्ट है कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण जनुपात अंशदान के रूप सृजन कृत्यों के लिए नियोजित करने की आवश्य...

July 20, 2024, 9:58 a.m.

हम बदलेंगे युग बदलेगा’’ सूत्र ...

इस तथ्य से सभी अवगत है कि खर्चीली शादियाँ हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं। धूमधाम, देन दहेज की शादिय...

July 20, 2024, 9:47 a.m.

युग निर्माण योजना...

युग निर्माण योजना की सबसे बड़ी संपत्ति उस परिवार के परिजनों की निष्ठा है, जिसे कूटनीति एवं व्यक्तिगत...

July 19, 2024, 10:22 a.m.

गुरु पूर्णिमा-’युग निर्माण यो...

हमारी वास्तविकता को परखने फिर आ पहुँचा ‘युग-निर्माण योजना’ की जन्म तिथि गुरु पूर्णिमा है। इसी दिन इ...

July 19, 2024, 10:20 a.m.

हमारी वास्तविकता को परखने फिर ...

जो जितना प्रबुद्ध है उसकी उतनी ही अधिक जिम्मेदारी है। ईश्वर, आत्मा और समाज के सामने उनके उत्तरदायित्...

July 19, 2024, 10:17 a.m.

गुरु पूर्णिमा महापर्व...

गुरु शिष्य को पारसमणि की तरह बहुमूल्य बनाता है ः डॉ पण्ड्या गुरुपूर्णिमा श्रद्धा के आत्म निरीक्षण का...

July 21, 2024, 11:30 p.m.

पूर्णता का करें हम वरण ः डॉ चि...

गुरुपूर्णिमा महापर्व पर शांतिकुंज ने निकाली भव्य रैली हरिद्वार 20 जुलाई। गुरुपूर्णिमा के पूर्व संध्य...

July 20, 2024, 7:55 p.m.

अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध सप्...

अकोला। महाराष्ट्र गायत्री परिवार अकोला (महाराष्ट्र) से डॉ. सुरेश राठी व देवचंद कावळे की टोली ने अंतर...

July 19, 2024, 3:37 p.m.

आशा फेसिलेटर्स को शपथ दिलाई ...

डलमऊ रायबरेली। उत्तर प्रदेश : गायत्री परिवार डलमऊ ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाते हुए समस्त आशा फेस...

July 19, 2024, 3:19 p.m.

झारखण्ड में अनेक स्थानों में न...

जमशेदपुर। झारखण्ड : विश्व तंबाकू  निषेध दिवस के अवसर पर गायत्री परिवार टाटानगर के युवा प्रकोष्ठ नवयु...

July 19, 2024, 3:17 p.m.

जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान ...

तंबाकू को कहे ना, जीवन को कहे हाँ  जैसलमेर। राजस्थान विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर गायत्री परिवार की यु...

July 19, 2024, 3:12 p.m.

ऑनलाइन वार्ता कमिट टु क्विट...

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के 6000 से अधिक कर्मचारियों को दिया नशा मुक्ति का संदेश मुम्बई। महाराष्ट्र : ...

July 19, 2024, 3:06 p.m.

रैली ने दिया संदेश-नशा एक धीमा...

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ 31 मई-विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर गायत्री परिवार बलौदाबाजार द्वारा नशाम...

July 19, 2024, 1:14 p.m.

मानव शृंखला और रैली से दिया व्...

भोपाल। मध्य प्रदेश : विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर अखिल विश्व गायत्री परिवार और सामाजिक न्याय विभाग ने ...

July 19, 2024, 1:10 p.m.

अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिव...

रैली में माँगी नशीले पदार्थों की भिक्षा अमेठी। उत्तर प्रदेश विश्व तंबाकू निषेध दिवस के दिन अमेठी शाख...

July 19, 2024, 1:08 p.m.
as

First Meeting With Guru

At the age of 15- Self-realization on Basant Panchanmi Parva 1926 at Anwalkheda (Agra, UP, India), with darshan and guidance from Swami Sarveshwaranandaji.

Akhand Deep

More than 2400 crore Gayatri Mantra have been chanted so far in its presence. Just by taking a glimpse of this eternal flame, people receive divine inspirations and inner strength.

Akhand Jyoti Magazine

It was started in 1938 by Pt. Shriram Sharma Acharya. The main objective of the magazine is to promote scientific spirituality and the religion of 21st century, that is, scientific religion.

Gayatri Mantra

The effect of sincere and steadfast Gayatri Sadhana is swift and miraculous in purifying, harmonizing and steadying the mind and thus establishing unshakable inner peace and a sense of joy filled calm even in the face of grave trials and tribulations in the outer life of the Sadhak.

आचार्य जी ने सिद्धांत और साधना को आधुनिक युग के अनुकूल तर्क व शब्द देकर सामाजिक परिवर्तन का जो मार्ग दिखाया है, उसके लिए आने वाली पीढ़ियाँ युगों-युगों तक कृतज्ञ रहेंगी।

डॉ. शंकर दयाल शर्मा (पूर्व राष्ट्रपति)

 

मुझे ज्ञात है कि इस विश्वविद्यालय ने स्वतंत्रता सेनानी और लगभग ३००० पुस्तकों के लेखक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्यजी के स्वप्न को साकार रूप दिया है। इन्हें भारत में ज्ञान क्रांति का प्रवर्तक कहना उपयुक्त होगा। आचार्यश्री का विचार था कि अज्ञानता ही निर्धनता और बीमारी आदि सभी समस्याओं की जड़ है।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक)

 

आचार्य जी का एकाकी पुरुषार्थ सारे संत समाज की सम्मिलित शक्ति के स्तर का है, उनने गायत्री व यज्ञ को प्रतिबंध रहित करने निमित्त जो कुछ भी किया वह शास्त्रों के अनुसार ही था। मेरा उन्हें बारम्बार नमन है।

स्वामी जयेन्द्रतीर्थ सरस्वती (शंकराचार्य कांची कामकोटि पीठ)

 

श्रद्धेय आचार्य श्रीराम शर्मा जी ने जो कार्य कर दिखाया वह अद्भुत है, युग के लिए नितांत आवश्यक है। आचार्य जी के साहित्य से मैं बहुत प्रभावित हूँ। प्रज्ञा पुराण ने विशेष रूप से मुझे अपने कार्यों में बहुत बल प्रदान किया है। उनका चिंतन राष्ट्र को शक्तिशाली बनाता और मानव मात्र को सही दिशा प्रदान करता है।

श्री नानाजी देशमुख (संस्थापक ग्रामोदय विश्वविद्यालय)

 

आचार्य जी द्वारा भाष्य किए गए उपनिषदों का स्वाध्याय करने के बाद उन्होंने कहा कि- ‘‘काश! यह साहित्य मुझे जवानी में मिल गया होता तो मेरे जीवन की दिशाधारा कुछ और ही होती; मैं राजनीति में न जाकर आचार्य श्री के चरणों में बैठा अध्यात्म का ज्ञान ले रहा होता।’’

सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन्

 

विनोबा जी ने वेदों के पूज्यवर द्वारा किए गए भाष्य को ग्वालियर मेंं एक सार्वजनिक सभा में अपने सिर पर धारण करते हुए कहा- "ये ग्रन्थ किसी व्यक्ति द्वारा नहीं, शक्ति द्वारा लिखे गये हैं।"

आचार्य विनोबा भावे

 

सुप्रसिद्ध सन्त देवरहा बाबा एक सिद्ध पुरुष थे। उनने एक परिजन से कहा- ‘‘बेटा! उनके बारे में मैं क्या कहूँ? यह समझो कि मैं हृदय से सतत उनका स्मरण करता रहता हूँ। गायत्री उनमें पूर्णतः समा गयी है एवं वे साक्षात् सविता स्वरूप हैं।’’

देवरहा बाबा

 

‘‘आचार्यश्री ने गायत्री को जन-जन की बनाकर महर्षि दयानन्द के कार्यों को आगे बढ़ाया है। गायत्री और ये एकरूप हो गये हैं।’’

महात्मा आनन्द स्वामी

 

अपने भावभरे उद्गार पूज्यवर के सम्बन्ध में इस रूप में व्यक्त किए थे- ‘‘आचार्य जी इस युग में गायत्री के जनक हैं। उनने गायत्री को सबकी बना दिया। यदि इसे मात्र ब्राह्मणों की मानकर उन्हीं के भरोसे छोड़ दिया होता तो अब तक गायत्री महाविद्या सम्भवतः लुप्त हो गयी होती।’’

करपात्री जी महाराज