हमारी वसीयत और विरासत (भाग 97): बोओ एवं ...

इसे परीक्षा का एक घटनाक्रम ही कहना चाहिए कि पाँच बोर का लोडेड रिवाल्वर शातिर हाथों में भी काम न कर सका। जानवर काटने के छुरे के बारह प्रहार मात्र प्रमाण के निशान छोड़कर अच्छे हो गए। आक्रमणकारी अपने बम से स्वयं घायल होकर जेल जा बैठा। जिसके आदेश से उसने यह किया था, उसे फाँसी की सजा घोषित हुई। असुरता के ...

Oct. 1, 2025, 10:25 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 96): बोओ एवं ...

इस विराट को ही हमने अपना भगवान माना। अर्जुन के दिव्य चक्षु ने इसी विराट के दर्शन किए थे। यशोदा ने कृष्ण के मुँह में स्रष्टा का यही स्वरूप देखा था। राम ने पालने में पड़े-पड़े माता कौशल्या को अपना यही रूप दिखाया था और काकभुशुंडि इसी स्वरूप की झाँकी करके धन्य हुए थे। हमने भी अपने पास जो कुछ था, उसी विराट...

Sept. 28, 2025, 10:29 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 95): बोओ एवं ...

हिमालययात्रा से हरिद्वार लौटकर आने के बाद जब आश्रम का प्रारंभिक ढाँचा बनकर तैयार हुआ, तो विस्तार हेतु साधनों की आवश्यकता प्रतीत होने लगी। समय की विषमता ऐसी थी कि जिससे जूझने के लिए हमें कितने ही साधनों, व्यक्तित्वों एवं पराक्रमों की आवश्यकता अपेक्षित थी। दो काम करने थे— एक संघर्ष, दूसरा सृजन। संघर्ष...

Sept. 25, 2025, 11:07 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 94): शान्तिकु...

गुजारा अपनी जेब से एवं काम दिन-रात स्वयंसेवक की तरह मिशन का, ऐसा उदाहरण अन्य संस्थाओं में चिराग लेकर ढूँढ़ना पड़ेगा। यह सौभाग्य मात्र शान्तिकुञ्ज को मिला है कि उसके पास एम०ए०, एम०एस०सी०, एम०डी०, एम०एस०, पी०एच०डी०, आयुर्वेदाचार्य, संस्कृत आचार्य स्तर के कार्यकर्त्ता हैं। उनकी नम्रता, सेवाभावना, श्रमशी...

Sept. 25, 2025, 10:54 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 93): शान्तिकु...

यहाँ सभी सत्रों में आने वालों की स्वास्थ्य परीक्षा की जाती है। उसी के अनुरूप उन्हें साधना करने का निर्देश दिया जाता है। अध्यात्म और विज्ञान के समन्वय पर इस प्रकार शोध करने वाली विश्व की यह पहली एवं स्वयं में अनुपम प्रयोगशाला है। इसके अतिरिक्त भी सामयिक प्रगति के लिए जनसाधारण को जो प्रोत्साहन दिए जान...

Sept. 24, 2025, 10:02 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 92): शान्तिक...

देश की सभी भाषाओं और सभी मत-मतांतरों को पढ़ाने और उनके माध्यम से हर क्षेत्र में कार्यकर्त्ता तैयार करने के लिए एक अलग भाषा एवं धर्मविद्यालय शान्तिकुञ्ज में ही इसी वर्ष बनकर तैयार हुआ है और ठीक तरह चल पड़ा है। उपरोक्त कार्यक्रमों को लेकर जो भी कार्यकर्त्ता देशव्यापी दौरा करते हैं, वे मिशन के प्रायः 10 ...

Sept. 23, 2025, 10:05 a.m.

उत्तर प्रदेश में आयोजित हुआ रक्तदान महाय...

उत्तर प्रदेश राज्य के जनपदों में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े परिजनों ने 21 सितंबर को सामूहिक रूप से रक्तदान महायज्ञ शिविर का आयोजन किया। शिविर में सुल्तानपुर जनपद द्वारा कीर्तिमान स्थापित करते हुए 1008 यूनिट रक्तदान किया गया। उसके बाद बुलंदशहर में 220 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदान महायज्ञ म...

Sept. 23, 2025, 1:07 a.m.

जनपद कौशाम्बी के गायत्री परिजनों ने सामू...

• माता भगवती देवी शर्मा जी की जयंती के अवसर पर लोगों ने रक्तदान कर दी आहुति • जनपद के 21 परिजनों ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के रक्त केंद्र मंझनपुर में किया रक्तदान   कौशाम्बी: अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में रक्तदान महायज्ञ के तहत 21 सितंबर दिन रविवार को जिलास्तरीय रक...

Sept. 23, 2025, 12:41 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 91): शान्तिकु...

इसके अतिरिक्त चल प्रज्ञापीठों की योजना बनी। एक कार्यकर्त्ता एक संस्था चला सकता है। यह चल गाड़ियाँ हैं। इन्हें कार्यकर्त्ता अपने नगर तथा समीपवर्ती क्षेत्रों में धकेलकर ले जाते हैं। पुस्तकों के अतिरिक्त आवश्यक सामान भी उसकी कोठी में भरा रहता है। यह चल पुस्तकालय अपेक्षाकृत अधिक सुविधाजनक रहे, इसलिए वे द...

Sept. 22, 2025, 9:46 a.m.

हमारी वसीयत और विरासत (भाग 90): शान्तिकु...

मथुरा से प्रयाण के बाद हिमालय से 6 माह बाद ही हम हरिद्वार उस स्थान पर लौट आए, जहाँ निर्धारित स्थान पर शान्तिकुञ्ज के एक छोटे-से भवन में माताजी व उनके साथ रहने वाली कन्याओं के रहने योग्य निर्माण हम पूर्व में करा चुके थे। अब और जमीन लेने के उपरांत पुनः निर्माण कार्य आरंभ किया। इच्छा ऋषि आश्रम बनाने की...

Sept. 20, 2025, 10:10 a.m.

नारी जागरण की साधना को मिली पहचान: डॉ. प...

हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। गायत्री परिवार के नारी जागरण अभियान को एक नई ऊंचाई प्रदान करते हुए, धौलाना प्रखंड की सक्रिय समाजसेवी डॉ. पूर्णिमा शर्मा को ‘मिशन शक्ति 5.0’ के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण को समर्पित है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदा...

Oct. 1, 2025, 2:10 p.m.

वैश्विक शैक्षणिक सहयोग की दिशा में एक ऐत...

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने माईकोलस रोमैरिस विश्वविद्यालय के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उपकुलपति डॉ. एग्ले मलीनाउसकिएने, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी विभागाध्यक्ष डॉ. अलीना युस्किएने तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध विभागाध्यक्ष ड...

Oct. 1, 2025, 9:56 a.m.

लिथुआनिया स्थित भारतीय दूतावास में आदरणी...

लिथुआनिया स्थित भारतीय दूतावास में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने लिथुआनिया में भारत के राजदूत श्री देवेश उत्तम जी से भेंट की। इस अवसर पर संस्कृति, अध्यात्म एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर सारगर्भित एवं प्रेरणादायी संवाद...

Oct. 1, 2025, 9:30 a.m.

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक उल्ले...

विलनियस, लिथुआनिया में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने Vilniaus Kolegija की Head of International Relations डॉ. जोलांता प्र्रीडिएने तथा Vice Rector डॉ. निजोले जिन्केविचिएने से भेंट की। यह महत्वपूर्ण बैठक शैक्षणिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक समझ तथा नवोन्मेषी अवसर...

Sept. 30, 2025, 3:10 p.m.

लिथुआनिया की पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ आध...

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने विदेश प्रवास के क्रम में लिथुआनिया की पुण्यभूमि पर यज्ञ सम्पन्न कराया, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुजन एवं भारतीय मूल के परिजन सम्मिलित हुए। सभी ने आत्मिक शुद्धि, पारिवारिक समृद्धि, राष्ट्रो...

Sept. 30, 2025, 1:18 p.m.

विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर देवसंस...

हरिद्वार, 27 सितम्बर 2025। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज, हरिद्वार के पर्यटन प्रबंधन विभाग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस 2025 के उपलक्ष्य में 21 से 27 सितम्बर तक एक सप्ताहव्यापी भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Tourism and Sustainable Transformation” (पर्यटन और सतत परिवर्तन) रही,...

Sept. 29, 2025, 9:36 a.m.

लंदन में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या द्वार...

अपने विदेश प्रवास के क्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने विल्सडेन ग्रीन यूथ सेंटर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गायत्री उपासना पर प्रेरक उद्बोधन दिया। इस अवसर पर उन्होंने साधकों का मार्गदर्शन करते हुए दीक्षा का क्रम सम्पन्न कराया। पूज्य गुरुदेव की पावन प...

Sept. 29, 2025, 9:23 a.m.

Alumni Speaks Session Strengthens Leader...

The “Alumni Speaks” Session was jointly organized by the Dev Sanskriti Alumni Association & Department of Rural Studies under the guidance of the esteemed Pro-Vice Chancellor of Dev Sanskriti Vishwavidyalaya Dr. Chinmay Pandya Ji. The special session focused on the theme “Strengthening Education Thr...

Sept. 27, 2025, 4:27 p.m.

लंदन में सम्पन्न हुई विशेष बैठक: शताब्दी...

|| लंदन, यू. के. || नवरात्रि के पावन अवसर पर लंदन में गायत्री परिवार यूके के परिजनों की एक विशेष बैठक गायत्री परिवार प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी के सान्निध्य में सम्पन्न हुई। यह बैठक मुख्यतः वंदनीया माताजी के जन्मशताब्दी महोत्सव की तैयारियों पर केंद्रित रही। परिजनों ने भावपूर्ण सहभागिता के...

Sept. 27, 2025, 9:28 a.m.

राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस 2025 : सेवा और...

देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्रीकुञ्ज-शांतिकुञ्ज, हरिद्वार के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ द्वारा “स्वच्छता ही सेवा एवं स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” थीम पर राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस 2025 का सफल आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम 17 सितम्बर 2024 से 2 अक्टूबर 2024 तक चले विशेष अभियान का हिस्सा रहा। एनएस...

Sept. 26, 2025, 9:58 a.m.
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First Meeting With Guru

At the age of 15- Self-realization on Basant Panchanmi Parva 1926 at Anwalkheda (Agra, UP, India), with darshan and guidance from Swami Sarveshwaranandaji.

Akhand Deep

More than 2400 crore Gayatri Mantra have been chanted so far in its presence. Just by taking a glimpse of this eternal flame, people receive divine inspirations and inner strength.

Akhand Jyoti Magazine

It was started in 1938 by Pt. Shriram Sharma Acharya. The main objective of the magazine is to promote scientific spirituality and the religion of 21st century, that is, scientific religion.

Gayatri Mantra

The effect of sincere and steadfast Gayatri Sadhana is swift and miraculous in purifying, harmonizing and steadying the mind and thus establishing unshakable inner peace and a sense of joy filled calm even in the face of grave trials and tribulations in the outer life of the Sadhak.

डॉ. शंकर दयाल शर्मा (पूर्व राष्ट्रपति)

आचार्य जी ने सिद्धांत और साधना को आधुनिक युग के अनुकूल तर्क व शब्द देकर सामाजिक परिवर्तन का जो मार्ग दिखाया है, उसके लिए आने वाली पीढ़ियाँ युगों-युगों तक कृतज्ञ रहेंगी।