• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • प्रथम खण्ड की प्रस्तावना
    • द्वितीय खण्ड की प्रस्तावना
    • तृतीय खण्ड की प्रस्तावना
    • प्रस्तुत चतुर्थ खण्ड की प्रस्तावना
    • एकाकी यतचित्तात्मा निराशीः अपरिग्रहः
    • ध्यान हेतु व्यावहारिक निर्देश देते एक कुशल शिक्षक
    • सबसे बड़ा अनुदान परमानंद की पराकाष्ठा वाली दिव्य शांति
    • युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु
    • कैसा होना चाहिए योगी का संयत चित्त
    • योग की चरमावस्था की ओर ले जाते योगेश्वर
    • परमात्मारूपी लाभ को प्राप्त व्यक्ति दुःख में विचलित नहीं होता
    • बार-बार मन को परमात्मा में ही निरुद्ध किया जाए
    • चित्तवृत्ति निरोध एवं परमानन्द प्राप्ति का राजमाग
    • ध्यान की पराकाष्ठा पर होती है सर्वोच्च अनुभूति
    • यो मां पश्यति सर्वत्र सर्वं च मयि पश्यति
    • सुख या दुख में सर्वत्र समत्व के दर्शन करता है योगी
    • कैसे आए यह चंचल मन काबू में?
    • अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते
    • कल्याणकारी कार्य करने वाले साधक की कभी दुर्गति नहीं होती
    • भविष्य में हमारी क्या गति होगी, हम स्वयं निर्धारित करते हैं
    • योग पथ पर चलने वाले का सदा कल्याण ही कल्याण है
    • तस्मात् योगी भवार्जुन्
    • वही ध्यानयोगी है श्रेष्ठ जो प्रभु को समर्पित है
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Books - युग गीता भाग-4

Media: SCAN
Language: HINDI
SCAN SCAN SCAN SCAN


प्रथम खण्ड की प्रस्तावना

2 Last
2 Last


Other Version of this book



युगगीता (भाग-४)
Type: TEXT
Language: EN
...

युग गीता भाग-3
Type: SCAN
Language: HINDI
...

યુગગીતા ભાગ - ૧
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

युग गीता (भाग-1)
Type: SCAN
Language: HINDI
...

યુગગીતા ભાગ - ૨
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

युगगीता (भाग-३)
Type: TEXT
Language: EN
...

युगगीता - (भाग-२)
Type: TEXT
Language: EN
...

युग गीता भाग-2
Type: SCAN
Language: HINDI
...

युग गीता भाग-4
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books



A GLIMPSE OF THE GOLDEN FUTURE
Type: TEXT
Language: ENGLISH
...

A Glimpse of The Golden Future
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-4
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-2
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-3
Type: SCAN
Language: EN
...

गायत्री की शक्ति और सिद्धि
Type: SCAN
Language: EN
...

यज्ञोपवीत की महान उपयोगिता
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गायत्री और यज्ञोपवीत
Type: TEXT
Language: HINDI
...

पितरों को श्रद्धा दें, वे शक्ति देंगे
Type: SCAN
Language: HINDI
...

पितरों को श्रद्धा दें, वे शक्ति देंगे
Type: TEXT
Language: HINDI
...

પિતૃઓને શ્રદ્ધા આપો, શક્તિ આપશે
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

ગૃહસ્થ યોગ
Type: SCAN
Language: EN
...

गृहस्थ योग एक सिद्ध योग
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गृहस्थ एक योग साधना
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Married Life A Perfect Yoga
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

गृहस्थ एक योग साधना
Type: TEXT
Language: HINDI
...

पुनर्जन्म : एक ध्रुव सत्य
Type: SCAN
Language: EN
...

पुनर्जन्म : एक ध्रुव सत्य
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री द्वारा प्राण शक्ति का अभिवर्धन्
Type: SCAN
Language: EN
...

ગાયત્રીનો વૈજ્ઞાનિક આધાર
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

गायत्री का वैज्ञानिक आधार
Type: TEXT
Language: HINDI
...

મારી વસીયત અને વિરાસત
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

हमारी वसीयत और विरासत
Type: TEXT
Language: EN
...

A Glimpse of the Golden Future
Type: SCAN
Language: EN
...

Articles of Books

  • प्रथम खण्ड की प्रस्तावना
  • द्वितीय खण्ड की प्रस्तावना
  • तृतीय खण्ड की प्रस्तावना
  • प्रस्तुत चतुर्थ खण्ड की प्रस्तावना
  • एकाकी यतचित्तात्मा निराशीः अपरिग्रहः
  • ध्यान हेतु व्यावहारिक निर्देश देते एक कुशल शिक्षक
  • सबसे बड़ा अनुदान परमानंद की पराकाष्ठा वाली दिव्य शांति
  • युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु
  • कैसा होना चाहिए योगी का संयत चित्त
  • योग की चरमावस्था की ओर ले जाते योगेश्वर
  • परमात्मारूपी लाभ को प्राप्त व्यक्ति दुःख में विचलित नहीं होता
  • बार-बार मन को परमात्मा में ही निरुद्ध किया जाए
  • चित्तवृत्ति निरोध एवं परमानन्द प्राप्ति का राजमाग
  • ध्यान की पराकाष्ठा पर होती है सर्वोच्च अनुभूति
  • यो मां पश्यति सर्वत्र सर्वं च मयि पश्यति
  • सुख या दुख में सर्वत्र समत्व के दर्शन करता है योगी
  • कैसे आए यह चंचल मन काबू में?
  • अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते
  • कल्याणकारी कार्य करने वाले साधक की कभी दुर्गति नहीं होती
  • भविष्य में हमारी क्या गति होगी, हम स्वयं निर्धारित करते हैं
  • योग पथ पर चलने वाले का सदा कल्याण ही कल्याण है
  • तस्मात् योगी भवार्जुन्
  • वही ध्यानयोगी है श्रेष्ठ जो प्रभु को समर्पित है
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj