राष्ट्र रक्षा हेतु गायत्री परिवार का पावन आह्वान
गायत्री परिवार का जीवन मंत्र सदा से रहा है — "हम बदलेंगे, युग बदलेगा"। यह परिवर्तन केवल आत्मविकास में नहीं, अपितु राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा में भी प्रकट होना चाहिए। राष्ट्र की अखंडता, एकता और मर्यादा बनाए रखना हम सबका परम कर्तव्य है।
गायत्री परिवार ने अपने जीवनदायिनी उद्देश्यों में सदैव राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक जागरण और जनचेतना को सर्वोपरि रखा है। अब समय है कि हम इन आदर्शों को कर्मरूप दें। इसी हेतु शांतिकुंज, हरिद्वार में एक विशेष प्रशिक्षण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें शरीर, मन और बुद्धि — तीनों स्तरों पर राष्ट्र रक्षा की तैयारी कराई जाएगी।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ
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शारीरिक प्रशिक्षण – आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया हेतु शरीर को सक्षम बनाना।
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मानसिक सुदृढ़ता – संकट की घड़ी में स्थिर और निर्णयक्षम बने रहना।
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रणनीतिक कौशल – पुलिस, अर्धसैनिक बलों एवं सेना के मूलभूत अनुशासन व कार्यप्रणाली की जानकारी।
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आपात सेवा – प्राकृतिक आपदा, सामाजिक संकट या सीमाई परिस्थिति में तत्काल सेवा प्रदान करने की योग्यता।
कौन आ सकते हैं?
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युवा परिवारजन जो राष्ट्र सेवा हेतु उत्साह और तत्परता रखते हैं।
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पूर्व सैनिक बंधु जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा में योगदान दिया है और अनुभव बाँट सकते हैं।
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पुलिस व अर्धसैनिक बलों के पूर्व सदस्य जो सुरक्षा कौशल और अनुशासन का मार्गदर्शन दे सकते हैं।
हमारी आपसे विनम्र अपील
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यदि आपके हृदय में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ रहा है, तो आगे आएँ और इस साधना का अंग बनें।
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यदि आप देश सेवा में पहले से योगदान दे चुके हैं, तो अपने अनुभव से युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करें।
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इस प्रशिक्षण को केवल सैन्य अभ्यास न मानें, यह युगधर्म निभाने का पवित्र अवसर है।
पंजीकरण प्रक्रिया
इच्छुक परिवारजन शीघ्र पंजीकरण करें।
apda.rastrarakhsa.prashikshan@awgp.org
पर संपर्क करें।

