राम-नाम ने तारा तुलसीदास को
अच्छा, आप यह बताइए कि '' गणिका, गीध, अजामिल तारे '' के अतिरिक्त और कौन-कौन से व्यक्ति हैं, जिनका उद्धार हो गया? हाँ साहब! तुलसीदास जी का उद्धार हो गया। तुलसीदास जी का उद्धार कैसे हो गया और उनमें क्या खराबी थी? साहब! आपको मालूम नहीं है, वे बहुत खराब आदमी थे। तुलसीदास जी बड़े कामुक थे। उनकी काम-वासना इतनी तीव्र थी कि सावन के महीने में उनकी बीबी मायके गई हुई थी तो उन्होंने कहा कि हम तो अपनी पत्नी के पास जाएँगे। मुरदे के ऊपर सवारी गाँठकर उनने नदी पार की थी। घर वाले सब सोए हुए थे तो पनाले को छलाँग मारकर छत पर लटक रहे साँप को रस्सी समझकर ऊपर चढ़ गए थे और वहाँ जा पहुँचे थे, जहाँ सब सोए हुए थे। वहाँ बीबी को जगाया और पूछने पर बताया कि हम इस प्रकार से ऊपर चढ़े थे और तुमसे मिलने के लिए आए थे। बीबी ने धिक्कारते हुए कहा कि जितना प्रेम आपको हमसे है, इस शरीर से है, उतना प्रेम यदि आपको भगवान से होता तो आपका कल्याण भी हो सकता था।


