• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • तप और योग के मार्मिक पक्ष
    • इष्ट हमारे लक्ष्य-ध्येय के प्रतीक
    • एक ही देवता-भगवान
    • एकाग्रता हेतु भिन्न प्रकार के ध्यान
    • पाँच प्रकार के ध्यान
    • मन को काबू करने के उपाय
    • वैराग्य एवं अभ्यास
    • एकाग्रता के चमत्कार
    • सूक्ष्म में प्रवेश
    • योग से सिद्धि
    • सब कुछ प्राप्त करना संभव
    • ध्यानयोग
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Books - तप और योग के मार्मिक पक्ष

Media: TEXT
Language: HINDI
TEXT


तप और योग के मार्मिक पक्ष

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


2 Last
गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ—

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

आशीर्वाद लूट नहीं है

महाराज जी! आप तप कीजिए और आशीर्वाद देकर हमारा फायदा करा दीजिए। बेटे, आशीर्वाद माने लूट नहीं है, जो तू समझता है-''राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट।'' ऐसे किसी चीज की लूट नहीं पड़ रही है। आशीर्वाद की तो पड़ रही है? नहीं बेटे, आशीर्वाद की तो बिलकुल नहीं पड़ रही है। आशीर्वाद की बहुत कीमत है। कीमत चुकाए बिना न आशीर्वाद मिलता है, न वरदान मिलता है, न सिद्धि मिलती है, न चमत्कार मिलता है और न मनोकामना पूरी होती है। हर आदमी को हर चीज की कीमत चुकानी पड़ी है। नहीं गुरुजी, हम तो बिना कीमत चुकाए ही पाएँगे। क्या करेंगे? लूट करेंगे। कैसे? ''राम नाम लड्डू गोपाल नाम खीर। हरि का नाम मिसरी तो घोल-घोल पी।'' हाँ बेटे ये तो हो जाएगा। ये लूट अलग है। इसमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन जो व्यक्ति कीमती चीज पाना चाहता है, उसे कीमत चुकानी पड़ेगी ।

मित्रो! अभी मैं एकाग्रता की बात कह रहा था। एकाग्रता लाने का फैसला आप करते हैं तो मैं यह कहूँगा कि आप योग के मार्ग पर चल रहे हैं और योगी बनने की कोशिश कर रहे हैं। यह हुई नंबर एक की बात-एकाग्रता की बात। अब मैं नंबर दो-योग के दूसरे वाले लक्ष्य की बात बताता हूँ। योग के दूसरे वाले भाग में शामिल होता है-ध्यान। वह क्या है? बेटे, इसका मंतव्य यह है कि भगवान के चिंतन का कोई लक्ष्य होना चाहिए। इसका नाम हैं-इष्ट। इष्टदेव का ध्यान करना चाहिए। कौन सा इष्टदेव? जो भी आपने तय किया हो। महाराज जी! कौन सा इष्टदेव बनाऊँ? जो भी आपका मन हो, बना लीजिए लेकिन ध्यान पूरा कीजिए। इष्टदेव का आप ध्यान करेंगे तो क्या हो जाएगा? इष्ट माने लक्ष्य, इष्ट माने देवता। देवता पहला प्रतीक माना गया है। देवता किसी शक्ति के प्रतीक हैं, जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम। मर्यादा वाला व्यक्ति बनना है तो आपको अपना इष्टदेव राम को मानना चाहिए। आपको पूर्णपुरुष बनना है तो आपको अपना इष्टदेव कृष्ण को मानना चाहिए। अगर आपको रामभक्त बनना है तो आपको अपना इष्ट भक्त हनुमान को बनाना चाहिए ।
2 Last


Other Version of this book



तप और योग के मार्मिक पक्ष
Type: TEXT
Language: HINDI
...

तप और योग के मार्मिक पक्ष
Type: SCAN
Language: EN
...


Releted Books



गायत्री साधना से कुण्डलिनी जागरण
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Health Wealth and Spirituality
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

ब्रह्मवर्चस की पंचाग्नि विद्या
Type: SCAN
Language: HINDI
...

ब्रह्मवर्चस साधना की ध्यान धारणा
Type: SCAN
Language: HINDI
...

प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Health Tips From the Vedas
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

ज्ञानखन्ड भाग-4
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-2
Type: SCAN
Language: EN
...

ज्ञानखन्ड भाग-3
Type: SCAN
Language: EN
...

प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गायत्री की उच्चस्तरीय पाँच साधनाएँ
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गायत्री की उच्चस्तरीय पाँच साधनाएँ
Type: TEXT
Language: HINDI
...

आसन, प्राणायाम, बन्ध मुद्रा पंचकोश ध्यान
Type: TEXT
Language: HINDI
...

अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान - 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...

अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान -4
Type: SCAN
Language: HINDI
...

अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान -3
Type: SCAN
Language: HINDI
...

अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान-1
Type: TEXT
Language: HINDI
...

अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान -2
Type: SCAN
Language: HINDI
...

अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान -1
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Health Wealth and Spirituality
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

उपासनेच दोन सोपान जप व ध्यान
Type: SCAN
Language: EN
...

Recitation and Meditation
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

उपासना के दो चरण जप व ध्यान
Type: SCAN
Language: EN
...

गायत्री साधना से कुण्डलिनी जागरण
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Articles of Books

  • तप और योग के मार्मिक पक्ष
  • इष्ट हमारे लक्ष्य-ध्येय के प्रतीक
  • एक ही देवता-भगवान
  • एकाग्रता हेतु भिन्न प्रकार के ध्यान
  • पाँच प्रकार के ध्यान
  • मन को काबू करने के उपाय
  • वैराग्य एवं अभ्यास
  • एकाग्रता के चमत्कार
  • सूक्ष्म में प्रवेश
  • योग से सिद्धि
  • सब कुछ प्राप्त करना संभव
  • ध्यानयोग
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj