Saturday 19, September 2026
गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन
आज का सद्चिंतन (बोर्ड)
आज का सद्वाक्य
नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन
!! शांतिकुंज दर्शन 19 September 2026 !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!
अमृतवाणी:- सोऽहम्’ का वास्तविक अर्थ क्या है -पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य
परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश
मैं भगवान का पुत्र हूं। सोहम मसमी सोहम सोहम का जब मुझे बहुत पहले मेरे गुरु ने बता दिया एक आदमी ने मुझे बता दिया था और ये बता दिया था साथ में सो और निकले साथ में हम सो हम सो हम मैंने बहुत दिन जब कर लिए लेकिन सोहम सोहम क्या कह कहते वैसे मेरे जीवन में कोई फर्क नहीं पड़ा था लेकिन जिस दिन मुझे ये ख्याल आया जिस दिन मुझे ये खुमारी आई कि मैं वो हूं वो हूं तो मेरे मेरा काया कल्प हो गया मैंने विचार करने की सारी की सारी समस्याएं उल्टी हो गई। मनुष्य के भीतर एक ऐसा ही दृष्टिकोण विकसित होता है जब जब उसको यह मालूम पड़ता है कि सो मसमी अपने आप को जान अपने आप को जान लेता है तो ये कहता है ये धर्मशाला है और ये सराय बस मैं यहां धर्मशाला की तरीके से सराय की तरीके से काम करने के लिए आया हूं और मैं यहां ड्रामा कर रहा हूं। ड्रामा करने वाले मंच पर करने वाले नर्स आपस में दुखी नहीं होते। एक था राजा और एक था दूसरा राजा और ड्रामे की मंच पर लड़ाई हुई और उसने तलवार चलाई और उसका असर काट डर बस वो सर में लगा बस वो जमीन पर सो गया और बस वो सब आए उसको उठा ले गए जब वो मर के चला गया तो पूछा गया उससे पूछा कि भाई तेरा तो सर काट डाला था तू तो मर मर गया था और तेरे तो बड़ा दुख हो गया होगा स्वर्ग में गया कि नहीं गया अरे गुरु जी वो तो तमाशा था ऐसे ही काट डालते हैं रोज करते हैं इतने सर काटते यहां तो एक ही दिन में दो-दो बार ड्रामा होता है और दोद हमारे सिर कट जाते हैं। ऐसे हम रोया करें, चिल्लाया करें तो हमारा क्या क्या बिगड़ जाता है? मित्रों दृष्टिकोण में जमीन आसमान का फर्क पड़ जाता है। उस दिन जब आदमी को यह बात मालूम पड़ती है कि मैं कौन हूं।
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य
अखण्ड-ज्योति से
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