Thursday 10, September 2026
गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन
आज का सद्चिंतन (बोर्ड)
आज का सद्वाक्य
नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन
परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश
नियमितता का बड़ा महत्व है माला है माला ये है कि आपको नियत नियत समय तक उपासना करने की भी पुराने जमाने में हाथ से चलने वाली घड़ी है माला जिस तरीके से हाथ से पीसने वाली चकियां थी पहले स्त्रियां चक्की पीसती थी हाथ से अब मशीन की चकियां हो गई है मशीन पर आटा बस जाता है चकियां अब नहीं पीसी जाती इस तरीके से पुराने जमाने में जैसे हाथ की चकियां थी अब जहां पड़ी हुई है पुराने जमाने में हाथ से चलने वाले दूसरे यंत्र थे और वो अब मशीन से हो गए इस तरीके से पुराने जमाने की घड़ी है क्या थी माला माला घड़ी क्या है ध्यान में आप बैठे हुए हैं रात में बैठे वो अंधेरे में बैठे हुए हैं। अब मालूम नहीं पड़ रहा है। आधा घंटा हो गया एक घंटा हो गया ढाई घंटा हो गया पौना घंटा हो गया सवा घंटा हो गया पता ही नहीं चलता ज्यादा हो गया हो तो कम हो गया हो तो पता नहीं चलता इसीलिए उसकी नाक तल करने के लिए लेखक करने के लिए पुराने जमाने में कई तरह की घड़ियां थी एक धूप भरी धूप भरी तब काम करती थी जब सूरज निकलता था और बादल नहीं होते थे सूरज बंद हो गया बादल आ गया धूप भरी देखा एक पानी की घड़ी होती थी जिसमें पानी में एक एक बर्तन डाल देते थे छेद होता था और वो ढाई घड़ी पानी का बस डूब जाता है। फिर डूब गया। अंदाजा लगा लिया कि एक घंटा हो गया। एक घड़ी हो गई। फिर दोबारा डूब गया। दो घड़ी हो गई। फिर दोबारा डूब गया। तीन घड़ी हो गई। ऐसे अंदाजा लगाओ जैसे रात को सो गए तो अब पता नहीं चलेगा। दो बार डूब गई एक बार डूब गई। तीन माला आप कितना करते हैं पांच माला ठीक बात है इसका अर्थ है कि आप 15 मिनट करते हैं इसका अर्थ है कि आप आधा घंटा करते हैं इसका अर्थ है आप इतना देर करते हैं इसका अर्थ है कि नियमितता का होना नियमितता का होना कोई आदमी ये पूछते हैं हमारे पास टाइम पीस है पंडित जी और हम टाइम पीस से जब कर लिया करें तो कुछ हर्ज है उंगलियों पे गिन लिया करें कुछ हर्ज है कुछ हर्ज उंगलियों पर आप ले सकते हैं और आप चाहे तो आप टाइम पीस से भी काम ले ले ले सकते हैं आप क्या करना है आप चाहे तो मला से काम आप तीनों में से जो भी आपको उपयोगी मालूम पड़ता हो कर सकते हैं। लेकिन उसकी एक नियत संख्या जरूर कर लीजिए। 15 मिनट कर लीजिए। 15 मिनट यदि आपने कर लिया है तो मैं समझता हूं काम चलाऊ हो सके। 15 मिनट के लिए गायत्री मंत्र की माला जपने में मेरा ऐसा ख्याल है कि एक तीन माला 15 मिनट में हो जानी चाहिए। 10 माला एक घंटे में हो जाती है। कई बार 11 हो जाती है। 10 और 11 माला का एवरेज सही है। एक घंटे में 25 माला कर डाले कहते हैं हम तो करते हैं। हम कहते हैं कि नहीं करते आप? आप हमसे झूठ बोल रहे हैं। ये कहा हमने यही हो सकता है कि आपकी बहुत तेज गाड़ी हो लिया जा रहा है। ऐसी गाड़ी आपकी होगी। लेकिन सही स्पीड जो है मंत्र की गायत्री मंत्र की एक घंटे में 10 माला 11 माला की है। ये स्पीड सही। ये स्पीड किसी की ज्यादा हो तो उसको कम कर लेना चाहिए। और कम हो तो थोड़ा सा और बढ़ाना चाहिए। समझना चाहिए। ये अभी हमारी पैसेंजर गाड़ी है और पैसेंजर गाड़ी का इंजन को और बढ़ाना चाहिए। जिससे उसकी स्पीड कुछ और ज्यादा हो जाए इस तरीके से क्या करना चाहिए? सामान्यता सामान्य समय मामूली दर्जे के औसत आदमी को मैं सोचता हूं कम से कम 15 मिनट दूर। 15 मिनट से कम से कम ज्यादा हो सकता हो ज्यादा लगा ले। वैसे आधा घंटा लगा ले, एक घंटा लगा ले। जो भी लगा सकते हो लगा ले। पर 15 मिनट जरूर होनी चाहिए और 15 मिनट के लिए तीन माला आवश्यक है।
अखण्ड-ज्योति से
जहाँ सस्ता खरीदा और बेचा जाता है वहाँ धोखा है। न ईश्वर को पाना उतना सस्ता है और न धर्म का पालन। जितना कि धूर्त लोग मूर्खों को बहकाते हुए बताया करते हैं।
मनीषियों का अभिमत है कि इक्कीसवीं सदी में ऐसी ही प्रतिभाएँ सर्वत्र उभरेंगी जिनके पिछले किये क्रिया-कलाप देखने से निराशा होती थी, उनमें से भी कितने ही ऐसे उभरेंगे जो अपने को धन्य बनायेंगे। अपने इर्द-गिर्द के लोगों को भी पार करके निहाल कर देंगे। पैसा, औलाद, स्वास्थ्य, बड़प्पन को बुरे लोग भी अपने बलबूते अर्जित कर लेते हैं, पर आदर्शों की दिशा में साहसपूर्वक चल पड़ना मात्र उन्हीं के लिए संभव होता हे, जिन पर भगवान की विशेष अनुकम्पा बरसती है जिसे परमपिता कृपापूर्वक अपने उच्चस्तरीय प्राण का वह भाग प्रदान करते हैं, जिसके सहारे नर-वानर को नर से नारायण बनने का अवसर प्राप्त होता है।
अखण्ड ज्योति जून (1990)
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