• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Patron Founder
    • Mission Vision
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives of mission
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Monday 14, September 2026

×

IMAGE
Image अपडेट
2 likes 12093 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
IMAGE
Image अपडेट
3 likes 12048 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
IMAGE
Image अपडेट
2 likes 12010 views 2 shares
Like
Share
Download
Comment
IMAGE
Image अपडेट
3 likes 11969 views 2 shares
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
4 likes 12085 views
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
3 likes 12087 views
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
3 likes 12052 views
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
3 likes 12020 views
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
3 likes 11973 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
4 likes 11947 views
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
3 likes 11917 views
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
3 likes 11899 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
1 likes 12103 views
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
1 likes 12066 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
1 likes 12036 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
2 likes 11996 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
2 likes 12112 views
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
2 likes 12076 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 12049 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
2 likes 12022 views
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 12 September 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

3 likes 11892 views
Like
Share
Comment



अमृतवाणी:- जहाँ साधना होती है वहीं तीर्थ बनते हैं -पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

3 likes 11951 views
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



 तीर्थ कब हुए हैं जहां किसी समय में किसी ऋषि ने कोई खास उपासना की वह आदमी वहां जाने के बाद जाते ही आदमी एक शांति अनुभव करता है एक आदमी उल्लास अनुभव करता है एक प्रकाश अनुभव करता है महर्षि रमण के आश्रम में मैं कुछ दिन तक रहा हूं महर्षि रमण का आश्रम महर्षि रमण के आश्रम में मैंने कई चमत्कार देखे यह तो मैंने यह देखा एक क्या नाम है बंदर बंदर जो था जब उनके व्याख्यान का समय होता तो चुपचाप आकर के अपने नियत स्थान पर बैठ जाता पेड़ पर रहता था पालतू नहीं था जंगली बंदर था जंगली बंदर था आकर बैठ जाता महर्षि जब बाहर निकलते तो उनका व्याख्यान होता व्याख्यान उनका मौन होता मैं जैसे बोलता हूं वैसे नहीं बोलते थे मौन आ करके बस बैठ जाते थे बैठ जाते हैं बाकी सब लोग बैठ जाते उनका व्याख्यान शुरू हो जाता है जबान से नहीं परा वाणी से परा वाणी से बस सब लोग निकलते पूछते आपने क्या क्या सुना हर आदमी यह कहता रहता मैंने यह सुना मैंने यह सुना हर एक को अलग-अलग बुला लीजिए पूछिए आपने क्या सुना हर एक एक ही बात बताएगा मैंने यह सुना इस तरीके से वहाँ छोटे छोटे जानवर चिड़िया है यह क्या नाम है गिलहरियां है कौन-कौन मोर सब धीरे धीरे धीरे धीरे जैसे यह आश्रम का सत्संग का समय हुआ सब आ करके लाइन से बैठ जाते हैं ऐसा मैंने वह चमत्कार देखा समय का जो बहुत ठीक बैठता है स्थान की विशेषता व्यक्ति की विशेषता वातावरण की विशेषता वातावरण बनाया जाता है बड़े श्रम से पूजा का स्थान जो मेरा है अखंड दीपक जलता रहता है वहां उसका एक विशेष वातावरण है मैं दूसरों को प्रवेश नहीं करने देता बाहर कोई आते हैं दर्शन करने के लिए कहता हूं बाहर से दर्शन करो भीतर मत जाओ क्यों अनेक मनुष्यों के अनेक संस्कार होते हैं और वह संस्कार उस स्थान के वातावरण को घटा भी सकते हैं बढ़ा भी सकते हैं बढ़ा भी सकते हैं घटा भी सकते हैं इस तरीके से मैं अलग लिखता रहता हूं हम और हमारी धर्मपत्नी दो ही आते हैं पहले बूढ़ी माता भी आती थी हमारी वह दीपक को संभालती थी घी वगैरह को संभालती थी और दूसरा काम करती थी अब बूढ़ी माता जी ज्यादा बुड्ढी हो गई हैं अब उनका शरीर उनकी आंखें उतनी ज्यादा काम नहीं करती अब उनको 90 वर्ष करीब होने को आए तो बेचारी को छुट्टी भी कर दिया हमने अब उनके ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं है भूल भी जाती है वह कई बार इसीलिए वह हम और हमारी पत्नी दो ही उस दीपक को संभालते हैं वातावरण बनाते हैं उस वातावरण में हम जब बैठते हैं कभी तब तब न जाने कैसे उल्लास कैसे मन कैसे क्या हो जाता है सिंहासन पर टीले पर बैठ कर के जो लकड़हारे की गडरिये की स्थिति हो जाती है ऐसी स्थिति मेरी हो जाती है उन उन घंटों में बाहर निकलकर मैं सामान्य मनुष्य हो जाता हूं यह बात मैं आपको उपासना वाली बात बता रहा हूं |

पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य 
 

1 likes 12003 views
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



एक न्यायप्रिय राजा सादे वेश में अपनी प्रजा की खैर-खबर लेने निकला। अब कभी वह जनता के दुःख दर्द को सुनने निकलता तो किसी अंगरक्षक को संतरी या मंत्री को साथ में नहीं लेता था और न राज्य के अधिकारियों को किसी प्रकार की सूचना देता।

कितने ही व्यक्तियों से संपर्क करते हुए वह एक बगीचे में पहुँचा। वहाँ एक वृद्ध माली नया पौधा लगा रहा था। उसे देखकर राजा ने पूछा- “यह तो अखरोट जैसा पौधा मालूम पड़ता है।

“हाँ हाँ। भैया तुम्हारा अनुमान ठीक है”, माली का उत्तर था।

“अखरोट तो बीस-बाईस वर्षों में फलता है, तब तक क्या इस पौधे के फल खाने के लिए बैठे रहोगे?

“बात यह है कि हमारे बाप-दादा ने इस बगीचे को लगाया था। खून-पसीना एक करके इसको सींचा, देखभाल की और फल हम लोगों ने खाए। अब हमारा भी तो कर्तव्य है कि कुछ वृक्ष दूसरों के लिए लगा दें। अपने खाने के लिए पेड़ लगाना तो स्वार्थ की बात होगी। मैं यह नहीं सोच रहा हूँ कि आज इस पौधे की क्या उपयोगिता है यह भविष्य में दूसरों को फल प्रदान करे बस यही इच्छा है।”

वृद्धमाली की बात सुनकर राजा बहुत प्रभावित हुआ।

 अखण्ड ज्योति जनवरी  (1988)

1 likes 12025 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

None



Archive

Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts

Report website issues at -
websupport@awgp.org

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj