• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
AWGP Logo
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives of Mission
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhand Jyoti Magazine
    • News
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarters
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Sunday 27, September 2026

×

IMAGE
Image अपडेट
584 views
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
550 views
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
561 views
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
555 views
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
553 views
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
527 views
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
540 views
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
539 views
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
534 views
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
544 views
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
543 views
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
531 views
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
527 views
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
529 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
569 views
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
578 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
572 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
559 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
572 views
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
589 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
574 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
563 views
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन






परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



शैतान और भगवान की दो शक्तियां इस दुनिया में है शैतान की शक्ति वह है जो जो आदमी को लुभावने रास्ते पर घसीट करके ले जाती है शैतान उस आदमी का नाम है शैतान उस सत्ता का नाम है शैतान उस शक्ति का नाम है जो जो मनुष्यों को इंद्रियों को मिलने वाले सुखों की ओर खींचती रहती है और यह कहती रहती है सारे के सारे फायदे और सारे के सारे लाभ इसमें हैं जो इंद्रियों के द्वारा लाभ उठाते हैं और जो सुख पाते हैं और शैतान की सत्ता हमको यह कहती रहती है कि आदमी को अपना घमंड और अहंकार बढ़ाना चाहिए और दूसरे लोगों की आंखों में बड़ा बन जाना चाहिए दूसरी आंखों दूसरे लोगों की आंखों में बड़ा बन जाने का असली तरीका लोगों को नहीं मालूम शैतान यह कहता है अपनी दौलत ज्यादा बढ़ा लो ताकि आदमी अपने अंदाज से यह लगाएंगे कि यह बड़ा आदमी है और यह मालदार आदमी है और यह अमीर आदमी है और और यह बड़े महल में रहता है और यह बड़ा खाना खाता है इसीलिए वह हमारे बड़प्पन को मान लेंगे और उसकी जरूरत के द्वारा यह शैतान सिखाता है भगवान नहीं सिखाता भगवान महानताएं सिखाता है भगवान गुणों की विशेषताएं सिखाता है गुणों की विशेषताएं सिखाता है इसीलिए शैतान के बहकाए हुए लोग शैतान के बहकाए हुए लोग इंद्रियों की गुलामी करते रहते हैं और सुख की तलाश इंद्रियों के छेदों में खो करके करते रहते हैं इंद्रियों के छेदों में से हमको सुख मिल जाए जबान में से हमको सुख मिल जाए काम इंद्रिय मे से हमको सुख मिल जाए काम इंद्रियों द्वारा सुख मिल जाए ताकि सिनेमा देख करके आएं अच्छा गाना सुनकर के आएं इस तरीके से इंद्रियों के छेदों में से उनको अपने सुखों की तलाश रहती है शैतान की बहकाए हुए लोग शैतान के बहकावे हुए लोग शैतान के लोग वह आदमी हैं जो अपने शरीर के बड़प्पन को अपना बड़प्पन मान लेते हैं 
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य 

43 views
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



दो इतिहास वेत्ताओं में विवाद चल रहा था कि रामायण का घटनाक्रम प्रामाणित है या नहीं? वह इतिहास है या काव्य?

तीसरे मध्यस्थ की सम्मति पूछी गई तो बोला, कि न तो मैं राम के समय में मौजूद था और न उसे लिखने वालों के साथ रहा हूँ। इसलिए उसकी ऐतिहासिक प्रामाणिकता के संबंध में तो कुछ नहीं कह सकता, पर इतना अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि रामायण पढ़ने से मेरे जीवन पर भारी प्रभाव पड़ा है और उसके कारण सुधार परिवर्तन में भारी योगदान मिला है। इस दृष्टि से तो रामायण को प्रामाणिक ही मानता है।

एक राज कुमार बड़े दुष्ट स्वभाव का था। एक दिन वह बाढ़ के पानी में बहने लगा। किसी ने उसे बचाया नहीं।

नदी में एक लट्ठा बहता जा रहा है। बाढ़ में पड़े हुए एक साँप और चूहे ने उस लट्ठे पर सवारी गाँव ली थी वह लट्ठा राज कुमार के हाथ भी पड़ गया वह भी उसे पकड़ कर तैरने लगा।

नदी के तट पर साधु रहता था। उसने लट्ठे पर सवार तीन प्राणियों को बहते देखा तो दया वश वह नदी में कूद पड़ा और लट्ठे को घसीट कर किनारे पर ले आया। उन्हें अपनी झोपड़ी में ले गया। वे सर्दी से काँप रहे थे। उनकी ठंड छुड़ाने के लिए उसने आग जलाई जो पास में था वह भोजन कराया और उनके स्वस्थ हो जाने पर विदा किया। साँप ने कृतज्ञता व्यक्त की और कहा, "मैं पड़ोस में ही रहूँगा, आपके दर्शन करता रहूँगा। मेरे पास कुछ धन है, जब आपको जितनी आवश्यकता पड़ेगी, उतना देता रहूँगा।

चूहे ने कहा आपने मेरे प्राण बचाये है। मैं आपके लिए ईधन जुटाता रहूँगा। पेड़ की टहनियाँ काट काट कर झोपड़ी के क्षेत्र में ढेर लगाता रहूँगा।

राजकुमार कृतघ्न था उस को इस बात का बहुत बुरा लगा कि उसका उचित सम्मान सत्कार नहीं मिला उसने पत्थर फैंक कर साधु की झोपड़ी उखाड़ कर फिंकवा दी।

उपकार भी हर किसी के साथ में नहीं करा चाहिए।
अखण्ड ज्योति मार्च   (1989)

202 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

None



Archive

Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts

Report website issues at -
websupport@awgp.org

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj