• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives of Mission
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarters
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Friday 18, September 2026

×

IMAGE
Image अपडेट
4 likes 29563 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
8 likes 29459 views 9 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
6 likes 29563 views 22 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
6 likes 29531 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
6 likes 29500 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
6 likes 29477 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
6 likes 29455 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
7 likes 29435 views 3 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
2 likes 29552 views 17 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
3 likes 29582 views 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 29523 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 29494 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
3 likes 29570 views 4 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
2 likes 29537 views 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
3 likes 29489 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
3 likes 29516 views
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 18 September 2026 !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

4 likes 29364 views 1 shares
Like
Share
Comment



अमृतवाणी:- जीवन में आनंद कैसे आए -पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

2 likes 29351 views 1 shares
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश





अखण्ड-ज्योति से



 

रामतीर्थ एक बार जा रहे थे अमेरिका जापान के लोगों ने निमंत्रित किया उन्होंने कहा एक दिन व्याख्यान तो हमारे यहां भी होना चाहिए और टोक्यो यूनिवर्सिटी में एक प्रोग्राम होने वाला था स्वामी रामतीर्थ का रामतीर्थ ने कहा मैं युवाओं को भाषण दूंगा देने से पहले मैं देखना चाहूंगा कि यह जापान इसके मॉडल कैसे हैं जिनके सामने व्याख्यान दूं और स्वामी रामतीर्थ घूमे सारे जापान में उन्होंने काम करने वाले मजदूरों को देखा काम करने वाले मजदूररो ने लाल रंग के कपड़े पहने हुए जापान के लिए कमाता था हम और आप तो बाबाजियों को देखते हैं वहां पर कमाता था हर आदमी है जो अपनी ख्यालों पर काम कर रहा था जीप चला रहा था अपनी जीप पर सफर कर रहा था काम करते हुए देखा हर आदमी मशीन की तरीके से काम कर रहा था हर आदमी मशीन की तरीके से लगा हुआ था पिछले वर्ष के बाद में अमेरिकन लोगों ने स्ट्राइक कर जापानी लोगों ने स्ट्राइक कर डाली अमेरिकन के खिलाफ अमेरिकनों ने 6 दिन का इकट्ठा 5 दिन कर दिया सब 1 दिन छुट्टी मना ली सारे जापान के मजदूरों ने जो कि अमेरिकनों की फैक्ट्री में काम कर रहे थे स्ट्राइक कर दी उन्होंने कहा क्यों कहा क्यों आप 1 दिन कम काम किये उन्होंने कहा अब तनख्वाह हमारी बढ़ा दीजिए हम काम 6 ही दिन करेंगे हमारे देश का प्रोडक्शन बनता है हमारे यहां हमारे देश का उत्पादन होता नहीं है ऐसे भूखे मारेंगे देश को हम हम देश की खुशहाली को बर्बाद करेंगे मजदूर हैं यह समझ लिया है कि हमारे देश की खुशहाली से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है हमारा बड़ा ताल्लुक है और अमेरिकनों को 6 दिन का ही इकट्ठा रखना पड़ा तनख्वाह बढ़ानी पड़ी इस तरह की कौमें जैसे देश जहां होते हैं मजा आता है और रामतीर्थ घूमते हुए चले गए रामतीर्थ ने देखा सायंकाल को सायंकाल को जब मजदूर कारखाने से छूट करके आया ऐसा मालूम पड़ा ऐसा मालूम पड़ा जापान के ऊपर अपना सब न्योछावर कर दें छोटी-छोटी लड़कियां नए-नए फ्रॉक पहने हुए अपना पति अपना जो बाप आ रहा था जो भी आ रहा था उसके लिए एक छोटा वाला प्यानो जिसमें उसकी मां कह रही थी गर्म पानी ले आई मीठी मीठी चाय ले आई साहब ऐसा लगा ऐसा मालूम पड़ा मानो कोई रूपया लूट लूट करके ला रहे हैं जाने क्या आनंद था सारा घर हंस पड़ा हंस रहा था झूमते हुए कोई नाच रहा था कोई प्यानो बजा रहा था कोई खाना खा रहा था कोई चावल खा रहा था कोई चीनी खा रहा था कोई क्या खा रहा था ऐसे ऐसा आनंद ऐसा उल्लास जीवन उल्लास जीवन में कभी आए हमको कभी उल्लास आता है हमको सिर्फ शिकायत आती है हमारी बीवी तो काली है ठीक है और क्या हुआ हमारी तो केवल बेटियां हैं तीन हमारा बेटा नहीं है और क्या हुआ हमारा घर भी बहुत छोटा है आपने कभी खुशी ही नहीं मनाई जीवन में छोटा सा गुड्डा हाथ में दे देते हैं सब रुपए का और बच्चा कूदते कूदते नाचते-नाचते उसे बजाता है और कहता है यह हमारे पापा लाए कितने का लाये हैं डेढ़ रुपए का लाए हैं क्या बोलता है चूँ चूँ बोलता है चूँ चूँ बोलता है और आपकी चूँ चूँ बोलने वाली गुड़िया पापा हमको क्यों नहीं ले जाते हम तो आपके साथ चला करेंगे हम भी साथ किया करेंगे आपके साथ काम बेटा उसे गोदी में उठा लिया यहां क्यों आया हंसना चाहता है हर वक्त चिल्लाते रहते हैं हर वक्त झल्लाते रहते हैं अरे यह क्या तुमको बच्चे को साफ करना नहीं आता और तुम साफ कर दोगे तो क्या हो जाएगा |

पंडित श्रीराम श्रम आचार्य 

3 likes 29231 views 1 shares
Like
Share
Comment


एक राजा था। उसकी नेक नीयती की सर्वत्र धूम मची थी। वह जब गद्दी पर बैठा, तो लोगों ने खूब खुशियाँ मनायीं। सबने सोचा—इस बार प्रजा को पग-पग पर न्याय मिलेगा और अन्यायी दण्ड के भागी बनेंगे। सब उसकी बढ़-चढ़कर प्रशंसा करने लगे।

दुर्भाग्यवश सत्ता संभालते ही राज्य में चोरियों की बाढ़ आ गयी। राजा के पास लगातार शिकायतें आने लगी। वह उत्तेजित होकर बोलता कि जिस भी अपराधी को पकड़ा जायेगा उसकी सजा मृत्युदण्ड होगी, ताकि फिर कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। संयोग से एक बार दो चोर पकड़े गये । दरबार में उन्हें पेश किया गया। राजा ने दोनों को मृत्युदण्ड सुनाया। कुछ दिन बाद पुनः वे ही चोर, चोरी करते पकड़े गये। लोग भारी असमंजस में थे कि जब उन्हें फाँसी हो गयी, तो फिर जीवित कैसे हैं? पुनः उनको उनको राजसभा में प्रस्तुत किया गया और राजा से फाँसी की बात बतायी गयी।

राजा ने गंभीर होते हुए कहा कि उनके शरीरों की अन्त्येष्टि तो उसके ही समक्ष कर दी गयी। अतः उनके जिंदा रहने का सवाल नहीं। निश्चय ही यह उनकी मृतात्मा है। चोरी की उनकी आदत प्रेतयोनि में भी नहीं छूट सकी है। उन्हें कारावास में डाल दिया गया। पर अगले दिन वे फिर वे घूमते-फिरते नजर आये। अगली बार दूसरे चोर पकड़े गये। राजाज्ञा के अनुसार उन्हें भी फाँसी हुई। कुछ दिन पश्चात् वे भी घूमते देखे गये। शिकायत राजा के पास पहुँची। राजा ने बनावटी गंभीरता के साथ फिर पुरानी बात दुहरा दी।

मंत्री राजा की चाल समझता था। उसे भली-भाँति ज्ञात था कि धूर्त राजा घूस लेकर प्रजा को लुटवा रहा है और प्रजा त्राहि-त्राहि कर रही है। उससे इससे मुक्ति का उपाय सोचा। राजा से कहा कि उसकी हत्या का षड्यंत्र रचा जा रहा है। अतः कुछ दिन दरबार में न आये। राजा ने उनकी बात मान ली। इसी बीच मंत्री ने उसकी मृत्यु की घोषणा करवा दी। एक सप्ताह बाद जब राजा राजसभा में पधारें, तो मंत्री ने सभासदों को सूचित किया कि प्रतिनिधि के रूप में राजसिंहासन पर जो राजा की मृतात्मा ही बैठेगी। पर संचालन कार्य अब मैं संभालूंगा । भरे दरबार में उसने क्षमा-याचना की ओर आगे से प्रजा के प्रति ईमानदार रहने का वचन दिया। जैसे को तैसा की नीति ही उचित है।

अखण्ड ज्योति फ़रवरी (1993)
 

3 likes 29271 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

None



Archive

Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts

Report website issues at -
websupport@awgp.org

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj