• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
AWGP Logo
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives of Mission
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhand Jyoti Magazine
    • News
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarters
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Wednesday 23, September 2026

×

IMAGE
Image अपडेट
9 likes 222208 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
17 likes 222199 views 1 comments 16 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
15 likes 222195 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
14 likes 221221 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
13 likes 220976 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
11 likes 220096 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
15 likes 219440 views 2 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
14 likes 218778 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
12 likes 218126 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
6 likes 222035 views 1 comments 14 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
6 likes 222153 views 1 comments 11 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
6 likes 220734 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
6 likes 220660 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
5 likes 222259 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
5 likes 221882 views 1 comments 4 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
5 likes 220637 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
5 likes 220678 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 23 September 2026 !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

8 likes 221071 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Comment



अमृतवाणी:- आखिर हर किसी को ज्ञान क्यों नहीं दिया जाता -पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

5 likes 220323 views 1 comments
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



 व्यक्तियों का महापुरुषों का यह हमेशा तरीका रहा है कि जो आदमी श्रद्धालु जो आदमी श्रद्धालु हैं उन्हीं को ज्ञान दिया जाए पहले अपनी श्रद्धा नहीं बताई और जिन्होंने अपना अहंकार बताया और वह खड़ा रहा और जानने वाले के सामने आदमी को नम्र होकर के जाना चाहिए यह प्राचीन काल की परंपरा का तूने पालन नहीं किया है इसीलिए रावण ने नहीं सिखाया तो क्या बुराई की बात है हां ठीक केवल पात्र को ज्ञान दिया जा सकता है कुपात्रों को नहीं कुपात्रों को अगर ज्ञान दिया जाए तो वह ग्रहण नहीं कर सकते मैं आपको बहुत सी योग विद्याएं सीखना चाहता था जो मैंने अपने जीवन में सीखी और चार दिन अपने गुरु के पास दोबारा जब मैं रहा तो उसने मुझे बहुत सी महत्वपूर्ण बातें बताई जो इंसान के भीतर की दबी हुई शक्तियों को उभार सकती हैं और मैं अपने रहस्यों को दबाकर के चला जा रहा हूं और मैं बहुत मजबूर हूं कि मैं चाहता था किसी आदमी को वह चीजें सिखा करके चला जाऊं ताकि हमारी अध्यात्मिक परंपराएं दुनिया में जिंदा रहे लेकिन लेकिन मैं किस तरीके से सिखा सकता हूं आपको आपको मैं सिखाने लगूं तो आप सीख नहीं सकेंगे और सीख भी लें तो धारण नहीं कर सकेंगे और धारण कर लें तो फायदा नहीं कर सकेंगे क्यों क्योंकि आदमी को धारण करने की पात्रता चाहिए श्रद्धा वह पात्रता है श्रद्धा अगर आदमी के भीतर न हो तो पात्रता नहीं आएगी |

पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य 
 

6 likes 220938 views 1 comments
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



बुझता दीपक पूरी लौ को उभार कर जलता है। मरते समय मनुष्य की लंबी साँसें चलती हैं। चींटी के मरते समय पंख उगते हैं। रात्रि के अंतिम पहर में अंधियारा अत्यधिक सघन होता है। हारा जुआरी बढ़-चढ़कर दाँव लगाता है। “ मरता क्या न करता” वाली उक्ति बहुत बार चरितार्थ होकर देखी जाती है। भ्रष्ट चिंतन और दुष्ट आचरण वाले असुर तत्व अपने सिंहासन के पदच्युत होते समय यदि कुछ असाधारण उपद्रव खड़े करें तो इसे आश्चर्यजनक नहीं माना जाना चाहिए।

महर्षि विश्वामित्र ने अपने समय में नई दुनिया बनाने का प्रचंड यज्ञ किया था। जिसमें हरिश्चंद्र जैसी कितनी ही उच्च आत्माओं ने भरपूर सहयोग भी किया। उनके प्रयास को असफल बनाने के लिए युग यज्ञ में विघ्न डालने वाले अनेकों उभरे और उछले। मारीच, सुबाहु और ताड़का इनमें अग्रणी थे। दशरथ पुत्रों ने आगे बढ़कर आसुरी आक्रमण से लोहा लिया और दिव्यशक्ति प्राप्त कर लंका का दमन तथा सतयुगी रामराज्य के संस्थापन का प्रबल प्रयत्न किया।

अनाचरण से कुपित प्रकृति का प्रकोप इन दिनों पुनः बरस सकता है। पिछले दिनों अपनाए गए अनाचरण का दंड अथवा समय का प्रायश्चित भी इसे कह सकते हैं।

परिवर्तन काल में प्रसव पीड़ा की तरह कष्ट भी सहने पड़ते हैं। यदि बीसवीं सदी की अंतिम अवधि में कुछ ऐसे ही अप्रिय प्रसंग दिख पड़ें तो इसे परीक्षा की घड़ी ही समझना चाहिए। पैनापन लाने के लिए शस्त्रों को पत्थर की सान पर घिसा ही जाता है। बलिदानों से सुषुप्त न्याय-निष्ठा में नया उभार भी आता है। बलिदानों की घटनाएं नये बलिदानी उत्पन्न करती हैं। आक्रोश से उभरने के लिए अनीति भरे आचरण की ऐसी पहल होती है जो उसे जड़मूल से उखाड़कर फेंक सके। महा चंडी का अवतरण ऐसी अनीति को निरस्त करने के लिए ही संपन्न हुआ था।

सूरज डूबते-डूबते संध्याकाल को रक्तरंजित कर देता है। ऐसी ही विडंबनाएँ यदि युग परिवर्तन की बेला में उभरें तो उनके लिए पहले से ही तैयार रहा जाए। स्वयं को अवरोधों से निपटने हेतु सक्षम, आत्मबल से संपन्न बनाया जाए।


अखण्ड ज्योति अप्रैल   (1994)

4 likes 220971 views 1 comments
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

None



Archive

Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts

Report website issues at -
websupport@awgp.org

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj