निर्मल गंगा जन अभियान

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उद्देश्य

सदानीरा शुद्ध गंगा

लक्ष्य

जल ही जीवन है, इसलिए जल की शुद्धता और जैव विविधता के संरक्षण का एक संगठित प्रयास है।

लोक माता जाह्नवी- गंगा लोकमाता हैं...

हरित आवरण

गंगा क्षेत्र में सघन वनीकरण द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रयास।...

माँ गंगा भारतीय संस्कृति, दर्शन, और अध्यात्म की पवित्र धारा हैं। आज उनकी रक्षा करना हर भारतवासी का धर्म बन चुका है।

पाँच क्षेत्र

  • भागीरथी क्षेत्र- गोमुख से हरिद्वार
  • विश्वामित्र क्षेत्र- हरिद्वार से कानपुर
  • भारद्वाज क्षेत्र- कानपुर से बनारस
  • गौतम क्षेत्र- बनारस से सुल्तानगंज
  • रामकृष्ण क्षेत्र- सुल्तानगंज से गंगासागर

अभियान के चरण

  1. सर्वे
  2. गंगा संवाद
  3. गंगा अमृत कुंभ
  4. सहयोग आंदोलन
  5. दस वर्ष की भक्ति

क्या करें, क्या न करें

क्या करें

  • बासी फूलों को खाद में बदलें
  • कागज का प्रयोग करें
  • शौचालय का उपयोग करें
  • पर्यावरण अनुकूल मूर्तियाँ लगाएँ

क्या न करें

  • कचरा गंगा में प्रवाहित न करें
  • प्लास्टिक का प्रयोग न करें
  • साबुन या शैंपू का उपयोग न करें
  • रासायनिक मूर्तियाँ विसर्जित न करें

संकल्प

हम अपने घर, शहर, गाँव, संस्थान, आश्रम से गंगा को प्रदूषित नहीं करेंगे और दूसरों को भी नहीं करने देंगे।

हार्दिक पुकार

यदि हम गाँवों और शहरों में गंगा सेवक मंडल बनाकर उत्साह के साथ काम करें तो हमारा पवित्र उद्देश्य अवश्य ही प्राप्त होगा।

“हम बदलेंगे, युग बदलेगा”