• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • सर्व सिद्धि प्रदायिनी - गायत्री।
    • पुत्र एवं स्वर्ण घट की प्राप्ति
    • गायत्री द्वारा प्राण रक्षा
    • शास्त्रों और ऋषियों द्वारा गायत्री की महिमा।
    • गायत्री की महिमा
    • गायत्री जप के लाभ
    • गायत्री से पाप और दुखों से निवृत्ति
    • गायत्री उपेक्षा की भर्त्सना
    • गायत्री के संबंध में महापुरुषों के अभिमत।
    • पुनीत गायत्री मंत्र
    • गायत्री जप की महिमा।
    • हमारा व्यक्तिगत अनुभव
    • अनेक आपत्तियों से छुटकारा
    • आत्म कल्याण की ओर
    • गायत्री मंत्र व मेरा अनुभव।
    • गायत्री का जादू
    • दुर्भाग्य टला
    • स्वर्गीय स्त्री द्वारा गायत्री के लिए उपदेश
    • स्त्री और पुत्र की प्राण रक्षा
    • गायत्री पर अटूट विश्वास
    • सर्वश्रेष्ठ और सर्व सुलभ साधना
    • गायत्री द्वारा प्राण रक्षा
    • जेल से छुटकारा
    • निराशा में आशा
    • दिव्य तेज का दर्शन
    • प्रेतात्मा का शमन
    • जप मात्र से रोग मुक्ति
    • स्वस्थता और सात्विकता
    • गायत्री साधना से भाग्योदय
    • गायत्री की कृपा से प्रिंसिपल बना
    • प्रतिष्ठा और सम्पन्नता चौगुनी
    • आर्थिक कष्ट की निवृत्ति
    • अधूरी साधना में भी दिव्य अनुभव
    • क्षमा प्रार्थना
    • क्षमा प्रार्थना
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Magazine - Year 1948 - Version 2

Media: TEXT
Language: HINDI
SCAN TEXT


क्षमा प्रार्थना

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 34 36 Last
(1) न मंत्रों को जाना नहिं यतन आती स्तुति नहीं, न आता है माता तब स्मरण आह्वन स्तुति ही, न मुद्राएं आती जननि? नहिं आता विलपना , हमें आता तेरा अनुसरण ही क्लेशहर जो।

(2) न आती पूजा की विधि न धन आलस्ययुत मैं, रहा कर्तव्यों से विमुख चरणों में रति नहीं, क्षमा दो हे माता? अयि सकल उद्धारिणि शिवो कुपुत्रों को देखा कबहुँक कुमाता नहिं सुनी

(3) धरित्री में माता सरल शिशु तेरे बहुत हैं, उन्हीं में तो मैं भी सरल शिशु तेरा जननि हूँ, अतः हे कल्याणी समुचित नहीं मोहि तजना , कुपुत्रों को देखा कबहुँक कुमाता नहिं सुनी।

(4) जगन्माता अंबे तव चरणसेवा नहिं रची, तुम्हारी पूजा में नहिं, प्रचुर द्रव्यादिक दिया, अहो! तो भी माता तुम अमित स्नेहार्द्र रहतीं, कुपुत्रों को देखा कबहुँक कुमाता नहिं सुनी।

(5) सुरों की सेवाएँ विविध विधि की, हैं सब तजी, पचासी से भी हे जननि वय बीती अधिक है, नहीं होती मुझपर कृपा तो अब भला , निरालंबी लंबोदर-जननि जाएँ हम कहाँ ?

(6) मनोहारी वाणी अधम जन चाँडाल लहते, दरिद्री होते हैं अभय बहु द्रव्यदिक भरे , अपर्णे?, कर्णों में यह फल जनींके प्रविशता अहो! तो भी आती जपविधि किसे है जननि हे!

(7) चिताभस्मालेपी गरल अशनी दिक्पट धरे,

जटाधारी कंठे भुजगपति माला पशुपति, कपाली पाते हैं इह जग जगन्नाथपदवी, शिवे! तेरी पाणिग्रहण परिपाटी फल यही।

(8) न है मोक्षाकाँक्षा नहिं विभववाँछा हृदय में, न विज्ञानापेक्षा शशिमुखि सुखेच्छा अब नहीं, यही याँचा मेरी निज तनय को रक्षित करो

मृडानी रुद्राणी शिव शिव भवानी जपति जो।

(9) नाना प्रकार उपचार किए नहीं हैं, रूखा न चिंतन किया वचसा कभी भी, श्यामे ! अनाथ मुझको लख जो कृपा हो, तो है यही उचित अंब! तुम्हें सदा ही ।

(10) आपत्ति से व्यथित हो तुमको भजूँ मैं , करो कृपा हे करुणार्णावे! शिवे !! मेरे शठत्व पर आप न ध्यान देना, क्षुधा तृषार्ता जननी पुकारते।

(11) जगदंब विचित्र यह क्या, परिपूर्ण करुणा यदि करो, अपराध करे तनय तो, जननी नहिं अनादर करे ।

----***----

*समाप्त*

First 34 36 Last


Other Version of this book



Version 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Version 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...


Releted Books


Articles of Books

  • सर्व सिद्धि प्रदायिनी - गायत्री।
  • पुत्र एवं स्वर्ण घट की प्राप्ति
  • गायत्री द्वारा प्राण रक्षा
  • शास्त्रों और ऋषियों द्वारा गायत्री की महिमा।
  • गायत्री की महिमा
  • गायत्री जप के लाभ
  • गायत्री से पाप और दुखों से निवृत्ति
  • गायत्री उपेक्षा की भर्त्सना
  • गायत्री के संबंध में महापुरुषों के अभिमत।
  • पुनीत गायत्री मंत्र
  • गायत्री जप की महिमा।
  • हमारा व्यक्तिगत अनुभव
  • अनेक आपत्तियों से छुटकारा
  • आत्म कल्याण की ओर
  • गायत्री मंत्र व मेरा अनुभव।
  • गायत्री का जादू
  • दुर्भाग्य टला
  • स्वर्गीय स्त्री द्वारा गायत्री के लिए उपदेश
  • स्त्री और पुत्र की प्राण रक्षा
  • गायत्री पर अटूट विश्वास
  • सर्वश्रेष्ठ और सर्व सुलभ साधना
  • गायत्री द्वारा प्राण रक्षा
  • जेल से छुटकारा
  • निराशा में आशा
  • दिव्य तेज का दर्शन
  • प्रेतात्मा का शमन
  • जप मात्र से रोग मुक्ति
  • स्वस्थता और सात्विकता
  • गायत्री साधना से भाग्योदय
  • गायत्री की कृपा से प्रिंसिपल बना
  • प्रतिष्ठा और सम्पन्नता चौगुनी
  • आर्थिक कष्ट की निवृत्ति
  • अधूरी साधना में भी दिव्य अनुभव
  • क्षमा प्रार्थना
  • क्षमा प्रार्थना
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj