• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • आत्मा की आवाज सुनो और उसका अनुसरण करो
    • आत्मा की आवाज सुनो और उसका अनुसरण करो
    • कर्म कुशल होना ही योग है।
    • अपना संकल्प जगाइये, आपमें वही शक्ति है।
    • बात केवल रुख बदलने भर की है।
    • रीति-प्रीति सब सों भली
    • शक्ति का स्रोत हमारे अन्दर है।
    • सबसे बड़ा सुख-सन्तोष
    • परोपकाराय मिदं शरीरम्
    • “ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघ्नत”
    • श्रद्धा और सद्भावना के केन्द्र—देवालय
    • अहंकार का परित्याग करिये
    • जीवन में साहचर्य और एकान्त का समन्वय हो।
    • Quotation
    • भोजन का जीवन तत्व जला मत डालिये
    • आश्रम व्यवस्था पर एक सापेक्ष दृष्टि
    • वर-वधू का चुनाव कैसे करें?
    • बच्चों का समुचित विकास कीजिये
    • नारियाँ गुण-सौंदर्य बढ़ायें, आभूषण नहीं
    • Quotation
    • रामायण पारायण करिये पर उसे जीवन में उतारिये भी।
    • कृपया अन्न की बरबादी न कीजिये
    • गुरु पूर्णिमा-’युग निर्माण योजना’ का अवतरण पर्व
    • युग-निर्माण योजना का ‘समाज सुधार’ विशेषांक
    • Quotation
    • धर्म मंच से युग-निर्माण का प्रेरणाप्रद साहित्य
    • क्षमता का विस्तार
    • क्षमता का विस्तार (Kavita)
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Magazine - Year 1965 - Version 2

Media: TEXT
Language: HINDI
SCAN TEXT


क्षमता का विस्तार (Kavita)

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 29 31 Last
है, असीम क्षमता मनुष्य में जो चाहे वह ही बन जाए।

पौरुष जागे पार्थ बने नर, मन का अँधियारा मिट जाए॥

भरी अथक संघर्ष-शक्ति है, सहिष्णुता-विश्वास वहाँ है।

और कहो, सन्तुलित-समन्वित जीवन का आवास कहाँ है॥

धरती के कुल भोग वीर हो, निश्चयतः भोगा करते हैं।

दुर्बल दीन-हीन रोने में, ही जीवन खोया करते हैं॥

नहीं वीर; जो शस्त्र उठा लेता है निःशस्त्रों पर कर में।

वह कायर है जो हथियारों को लखकर घुस जाता घर में॥

बात-बात पर आपस में ही, कट-मरने वालो—ठहरो तो!

मूल्याँकन कुछ करो प्राण का, प्रेम-सरोवर में—लहरो तो!!

निर्मल मानस से निकली, मुसकान शत्रुता से बढ़कर है।

जिसके आगे विश्व पराजित, वश हो जाता जगदीश्वर है॥

निस्सन्देह उजागर, शाश्वत-सत्य सदा अविचल रहता है।

मानव क्यों, विषमय विषयों की, धारा में अविरल बहता है॥

युवकों, अब सारा भारत ही, प्रभु का मन्दिर बना जा रहा।

नये-नये तीर्थों-पर्वों का, नित नूतन उल्लास छा-रहा॥

जाग रहा है कर्म देश में, कण-कण है श्रमगीत गा रहा।

जन-जन में भगवान जग रहे, नव जीवन सुविकास पा रहा॥

लो, कृतित्व उभराया फिर से, प्रज्ञावादी भगे जा रहे।

सार्व-भौम निर्माण कार्य में, भारतवासी लगे जा रहे॥

उठो, बढ़-चलो ज्योति मार्ग-पर, भारत माता है पुकारती।

प्राणों के निर्मल कुसुमों से, एक बार फिर सजे आरती॥

सखे, शौर्य भाव से भर कर, नव शंख-ध्वनि गुँजित कर दो।

मातृ भूमि को रक्त दान दो, पुण्य-धरा अनुरंजित कर दो॥

—आचार्य सर्वे

*समाप्त*

First 29 31 Last


Other Version of this book



Version 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Version 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...


Releted Books


Articles of Books

  • आत्मा की आवाज सुनो और उसका अनुसरण करो
  • आत्मा की आवाज सुनो और उसका अनुसरण करो
  • कर्म कुशल होना ही योग है।
  • अपना संकल्प जगाइये, आपमें वही शक्ति है।
  • बात केवल रुख बदलने भर की है।
  • रीति-प्रीति सब सों भली
  • शक्ति का स्रोत हमारे अन्दर है।
  • सबसे बड़ा सुख-सन्तोष
  • परोपकाराय मिदं शरीरम्
  • “ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघ्नत”
  • श्रद्धा और सद्भावना के केन्द्र—देवालय
  • अहंकार का परित्याग करिये
  • जीवन में साहचर्य और एकान्त का समन्वय हो।
  • Quotation
  • भोजन का जीवन तत्व जला मत डालिये
  • आश्रम व्यवस्था पर एक सापेक्ष दृष्टि
  • वर-वधू का चुनाव कैसे करें?
  • बच्चों का समुचित विकास कीजिये
  • नारियाँ गुण-सौंदर्य बढ़ायें, आभूषण नहीं
  • Quotation
  • रामायण पारायण करिये पर उसे जीवन में उतारिये भी।
  • कृपया अन्न की बरबादी न कीजिये
  • गुरु पूर्णिमा-’युग निर्माण योजना’ का अवतरण पर्व
  • युग-निर्माण योजना का ‘समाज सुधार’ विशेषांक
  • Quotation
  • धर्म मंच से युग-निर्माण का प्रेरणाप्रद साहित्य
  • क्षमता का विस्तार
  • क्षमता का विस्तार (Kavita)
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj