Back to Books
Cover image of आयुर्वेद का व्यापक क्षेत्र

आयुर्वेद का व्यापक क्षेत्र

Format TEXT Language HINDI
TEXT
Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download Hindi or the required language voice data for the best listening experience.

Reading: आयुर्वेद का व्यापक क्षेत्र · Page 1

आयुर्वेद का व्यापक क्षेत्र


आयुर्वेद आयु के ज्ञान का भण्डार है ।। वास्तव में ज्ञान का निर्माण होता नहीं, प्रत्युत्तर ज्ञान का सात्विक एवं विमल बुद्धि में प्रादुर्भाव होता है ।।
आयुर्वेद संसार का न केवल प्राचीन चिकित्सा विज्ञान है, अपितु वह विज्ञान के साथ- साथ जीवन का दर्शन भी है ।। आयुर्वेद जो मानव के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ- साथ व्यापक रूप से उसके जीवन के आध्यात्मिक, मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक पक्षों से सम्बन्धित है ।। जीवन को मौलिक रूप से प्रतिपादित करने की परम्परा प्रारम्भ से ही आयुर्वेदज्ञों की ही रही है ।।

आयुर्वेद अथर्ववेद का उपवेद एवं विश्व का आदि चिकित्सा विज्ञान है ।। आयुर्वेद सृष्टि के प्रवाह के साथ प्रवाहित है और इसकी निरन्तरता तब तक रहेगी, जब तक इस धरा पर मानवीय सृष्टि का प्रवाह होता रहेगा, क्योंकि यह पूर्णरूपेण विज्ञान पर आश्रित नहीं, बल्कि शाश्वत, सत्य एवं सदैव अपने में ही परिपूर्ण विज्ञान है ।। जिसका कारण त्रिकालदर्शी भारतीय ऋषियों ने अपने तपोबल से इसका सम्पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर प्राणिमात्र की सेवा का लक्ष्य निर्धारित किया है ।।

विश्व की एक मात्र यह विधा जिसकी सम्पूर्णता प्राणिमात्र के हित में ही निहित है, वास्तव में वह है क्या? यह प्रश्न स्वाभाविक है, अतः यह जानना आवश्यक है कि  आयुर्वेद है क्या? एवं इसकी आज के परिप्रेक्ष्य में जन सामान्य के लिए क्या उपादेयता है? तथा क्या आवश्यकता एवं उपयोगिता है?

आयुर्वेद शब्द 'आयु' और 'वेद' इन दो शब्दों के योग से बना है ।। 'आयु' का अर्थ जीवन, और 'वेद' जो विद् धातु से बना है, इसका अर्थ होता है- ज्ञान होना, जानना, विचार करना एवं पाना ।।
सत्तायां विद्यते ज्ञाने वेत्ति विन्ते विचारणे,
विदन्ते विन्दति प्राप्तौ रूपार्था हि विदः स्मृताः ।।
''आयुषो वेदः आयुर्वेदः''
- अर्थात् वेद का अर्थ ज्ञान है, और आयु का ज्ञान जिससे हो, वह आयुर्वेद है । इसका तात्पर्य यह है कि आयुर्वेद आयु से संबंधित समस्त विषयों के ज्ञान का भण्डार है
‍