• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • भारतीय संस्कृति—देवसंस्कृति
    • प्रवासी भारतीय इतना तो करें
    • अनेकता में एकता – देव संस्कृति की विशेषता
    • भावी संभावनायें
    • विशेष उत्तरदायित्व
    • विश्व को देवमानवों के अजस्र अनुदान
    • संस्कृति का पराभव-काल
    • उज्ज्वल भविष्य, एक सुनिश्चित सत्य
    • संस्कृति के पुनरोत्थान का संकल्प
    • युगांतर चेतना के तीन कार्यक्रम
    • प्रवासी भारतियों के लिये एक सुनिश्चित कार्यक्रम
    • कुछ व्यावहारिक समस्यायें और उनका समाधान
    • स्वावलम्बी प्रकाशन तंत्र
    • संस्कार युक्त शिक्षा की व्यवस्था
    • सशक्त सुव्यवस्थित धर्मतंत्र
    • शांति कुंज : हरिद्वार सांस्कृतिक पुनरुत्थान का केन्द्र
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Books - देव संस्कृति व्यापक बनेगी सीमित न रहेगी

Media: TEXT
Language: MARATHI
TEXT


स्वावलम्बी प्रकाशन तंत्र

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 12 14 Last
जिन देशों में भारतियों की संख्या अधिक है, धार्मिक साहित्य छापने का तन्त्र वहीं खड़ा करना चाहिए। लिखने की जिम्मेदारी भारत में उठाई जा सकती है पर छापकर वहां तक पहुंचाने में जो डाक खर्च लगता है उसे वहन कर सकना कठिन है। उस स्थिति में वह साहित्य बहुत महंगा पड़ेगा और लोकप्रिय न हो सकेगा। होना यह चाहिए कि प्रवासियों के उपयुक्त साहित्य यहां के मनीषी लिखें। उसकी थोड़ी-थोड़ी प्रतियां उन देशों के प्रकाशन तंत्र को भेजें। वे लोग इसकी ‘‘ऑफ सैट’’ प्रिंटिंग व्यवस्था कर लें। इस प्रकार प्रकाशित हुआ साहित्य सस्ता पड़ेगा, अधिकाधिक लोगों तक पहुंच सकेगा और उससे कुछ बचत होती होगी तो उस लाभ से उस संस्थान का खर्च भी चलता रह सकता है।

विदेशों में अंग्रेजी मुद्रण का तो प्रबन्ध है पर भारतीय भाषाओं के न तो टाइप मिलते हैं न कम्पोजीटर। ऐसी दशा में वहां मुद्रण का प्रबंध बन नहीं पड़ता। भारत में छपाया जाय तो मार्ग-व्यय पुस्तकों की लागत से भी महंगा पड़ता है। भारत से पुस्तकें ढूंढ़ी, मंगाई जायें तो इस प्रयोजन का व्यक्ति कदाचित ही कोई मिले जिससे प्रवासियों की जिज्ञासा एवं आवश्यकता का समाधान बन पड़े। यह कार्य भारतीय मनीषियों का है कि वे समय के अनुरूप धार्मिक साहित्य सृजें। उसकी आरंभिक प्रतियां भारत में छापने के उपरान्त भावी प्रकाशन का कार्य उन-उन देशों के प्रकाशन संस्थानों को सौंप दें। ‘‘आफ सेट’’ प्रिंटिंग में पृष्ठों की ज्यों की त्यों फोटो प्रति उतरती और सरलता पूर्वक छपती रह सकती हैं। जो साहित्य अंग्रेजी में छपे वह सामान्य टाइप प्रेस में भी मुद्रित होता रह सकता है। इस प्रक्रिया को अपनाने में निरत प्रवासी भारतियों को उसी प्रकार की सुविधा मिलने लगेगी जिस प्रकार की कि ईसाई मिशनों द्वारा संसार भर के ईसाइयों को उनकी आवश्यकता का साहित्य उन्हीं की भाषा में उपलब्ध कराया जाता है।

First 12 14 Last


Other Version of this book



देव संस्कृति व्यापक बनेगी सीमित न रहेगी
Type: TEXT
Language: MARATHI
...


Releted Books



સર્વતોમુખી ઉન્નતિ
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

सर्वतोमुखी उन्नति
Type: SCAN
Language: HINDI
...

सर्वतोमुखी उन्नति
Type: TEXT
Language: HINDI
...

बलि वैश्व
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री साधना से कुण्डलिनी जागरण
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री साधना से कुण्डलिनी जागरण
Type: SCAN
Language: HINDI
...

गायत्री साधना के दो स्तर
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री सर्वतोन्मुखी समर्थता की अधिष्ठात्री
Type: TEXT
Language: HINDI
...

ઇન્દ્રિય સંયમ
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

इंद्रिय संयम
Type: SCAN
Language: HINDI
...

इन्द्रिय संयम
Type: TEXT
Language: HINDI
...

महिलाओं की गायत्री साधना
Type: SCAN
Language: EN
...

પિતૃઓ આપણા અદૃશ્ય સહાયકો
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

पितर हमारे अदृश्य सहायक
Type: SCAN
Language: EN
...

Sensitization Program for Parents
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

પ્રકૃતિનું અનુસરણ
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

प्रकृति का अनुसरण
Type: SCAN
Language: HINDI
...

प्रकृति का अनुसरण
Type: TEXT
Language: HINDI
...

નારીની મહાનતા
Type: SCAN
Language: EN
...

नारी की महानता
Type: SCAN
Language: EN
...

नारी की महानता
Type: SCAN
Language: EN
...

नारी की महानता
Type: TEXT
Language: EN
...

भारतीय संस्कृति का स्वरूप
Type: SCAN
Language: EN
...

भारतीय संस्कृति का स्वरूप
Type: SCAN
Language: EN
...

Articles of Books

  • भारतीय संस्कृति—देवसंस्कृति
  • प्रवासी भारतीय इतना तो करें
  • अनेकता में एकता – देव संस्कृति की विशेषता
  • भावी संभावनायें
  • विशेष उत्तरदायित्व
  • विश्व को देवमानवों के अजस्र अनुदान
  • संस्कृति का पराभव-काल
  • उज्ज्वल भविष्य, एक सुनिश्चित सत्य
  • संस्कृति के पुनरोत्थान का संकल्प
  • युगांतर चेतना के तीन कार्यक्रम
  • प्रवासी भारतियों के लिये एक सुनिश्चित कार्यक्रम
  • कुछ व्यावहारिक समस्यायें और उनका समाधान
  • स्वावलम्बी प्रकाशन तंत्र
  • संस्कार युक्त शिक्षा की व्यवस्था
  • सशक्त सुव्यवस्थित धर्मतंत्र
  • शांति कुंज : हरिद्वार सांस्कृतिक पुनरुत्थान का केन्द्र
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj