Saturday 25, April 2026
कर्तव्य से भागना सबसे बड़ी हार हैं। Kartavya Se Bhaagna Sabse Badi Haar Hai. अमृत सन्देश:- पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य
हर क्षण में छुपा है सफलता का स्वर्ण अवसर | समय संपदा का सदुपयोग EP:- 07,
गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन
आज का सद्चिंतन (बोर्ड)
आज का सद्वाक्य
नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन
!! शांतिकुंज दर्शन 25 April 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!
साहस ही सच्ची आज़ादी है।
परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश
अखण्ड-ज्योति से
परमात्मा के अनंत वैभव से विश्व में कभी किसी बात की नहीं। भगवान आपके हैं और उसके राजकुमार के नाते सृष्टि की हर वस्तु पर आपका समग्र अधिकार है। उसमें से जब जिस चीज की जितनी आवश्यकता हो उतनी लें और आवश्यकता निबटते ही अगली बात सोचें। संसार में सुखी और संपन्न रहने का यही तरीका है।
बादल अपने, नदी अपनी, पहाड़ अपने, वन उद्यान अपने। इनमें से जब जिसके साथ रहना हो, रहें। जिसका जितना उपयोग करना हो, करें। कोई रोक-टोक नहीं है। दुःखदायी तो संग्रह है। नदी को रोककर यदि अपनी बनाना चाहेंगे और किसी दूसरे को पास न आने देंगे, उपयोग न करने देंगे तो समस्या उत्पन्न होगी। एक जगह जमा किया हुआ पानी अमर्यादित होकर बाढ़ के रूप में उफनने लगेगा और आपके निजी खेत खलिहानों को ही डुबो देगा। बहती हुई हवा कितनी सुरभित है पर उसे आप अपने ही पेट में भरना चाहेंगे तो पेट फूलेगा, फटेगा। औचित्य इसी में है कि जितनी जगह फेफड़े में है, उतनी ही सांस लें और बाकी हवा दूसरों के लिए छोड़ दें। मिल-बांटकर खाने की यह नीति ही सुखकर है।
परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य
अखण्ड ज्योति जनवरी 1985
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