• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Thursday 02, July 2026

×

VIDEO
अमृत सन्देश:- क्या बिना इच्छा के भी उपासना की जा सकती है? Nishkam Upasana

अमृत सन्देश:- क्या बिना इच्छा के भी उपासना की जा सकती है? Nishkam Upasana

7 likes 49617 views 1 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
 गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना | Gurudev Daya Karke Mujhko Apna Lena |

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना | Gurudev Daya Karke Mujhko Apna Lena |

6 likes 48964 views 1 comments
Like
Share
Comment



IMAGE
Image वीडियो अपडेट
6 likes 50326 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
10 likes 52019 views 1 comments 7 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
8 likes 52226 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
7 likes 51678 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
8 likes 51275 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
7 likes 50919 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
7 likes 50677 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
6 likes 50482 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
6 likes 50312 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
6 likes 50195 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
7 likes 50053 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
6 likes 49960 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
6 likes 49867 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
6 likes 49812 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
5 likes 52615 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
3 likes 52023 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 51613 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 51253 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
लेख
Image लेख
5 likes 52650 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


2026_07_02_V2_GR2.mp4

3 likes 50188 views 1 comments
Like
Share
Comment



!! शांतिकुंज दर्शन 02 july 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

5 likes 49374 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Comment



परोपकार की ओर बढ़िये। अमृत सन्देश:- पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

3 likes 50349 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश




सच्चा परोपकार वही है, जिसका लाभ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ियाँ उठाएँ। इस अमृतवाणी में गुरुदेव हजारी किसान का प्रेरक उदाहरण देते हुए बताते हैं कि उन्होंने किसी एक व्यक्ति की सहायता तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि हजारों आम के बगीचे लगाकर पूरे क्षेत्र को हरियाली, स्वास्थ्य और समृद्धि का उपहार दिया।

 गुरुदेव का संदेश है कि सबसे बड़ा पुण्य लोगों के विचार, भावनाएँ और जीवन की दिशा बदलना है, क्योंकि यही लोकमंगल का स्थायी मार्ग है।

 "ऐसे कार्य करें, जिनका लाभ केवल आज नहीं, आने वाली पीढ़ियों को भी मिलता रहे—यही सच्चा परमार्थ है।

3 likes 51233 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से




स्वाध्याय के लिए, आत्म चिन्तन के लिए, साधना के लिए अक्सर लोग यह कहा करते हैं कि “क्या करें, फुरसत नहीं मिलती।” वे अपने को बहुत कार्य व्यस्त बताते हैं। जरूरी कामों से फुरसत पाये बिना भला आध्यात्मिक कामों के लिए इन्हें किस प्रकार समय मिल सकता है।

विचार करना चाहिए कि- क्या वास्तव में उन्हें फुरसत नहीं मिलती? क्या वास्तव में वे इतने कार्य व्यस्त होते हैं कि आत्म निर्माण के लिए जरा भी समय न निकाल सकें? जिन कामों को वे जरूरी समझते हैं क्या वे वास्तव में इतने जरूरी होते हैं कि उनसे थोड़ा भी समय कम न किया जा सके? हम देखते हैं कि अपने को बहुत ही व्यस्त समझने वाले व्यक्ति भी नित्य काफी समय, गप, शप में, मनोरंजन में, मटरगस्ती में, तथा आलस्य में व्यतीत करते हैं। उनके कार्यों का बहुत सा भाग ऐसा होता है जो उतना आवश्यक नहीं होता। फिर भी वे अपनी रुचि एवं दृष्टि के अनुसार उसे जरूरी समझते हैं।

असल बात यह है- फुरसत न मिलना मतलब है- ‘दिलचस्पी न होना।’ जिस काम में आदमी को दिलचस्पी नहीं होती, जो उतना आवश्यक, महत्वपूर्ण, लाभदायक एवं रुचिकर प्रतीत नहीं होता, उसके लिए कह दिया जाता है कि इस काम के लिए हमें फुरसत नहीं है।

अपना सगा बेटा बीमार पड़ जावे तो तिजारत के सारे कामों को एक तरफ हटाकर पिता, अपने बेटे की चिकित्सा में लग जाता है। विवाह शादी के दिनों में सोने के लिए पूरा समय नहीं मिलता। विश्राम के घंटों का कार्यक्रम घटाकर उस समय को शादी संबंधी कामों में लगाता है। सिनेमा, नाटक, स्वाँग, तमाशे, देखने में लोग रातें बिता देते हैं। इस सब कार्यों के लिए फुरसत मिल जाती है पर कथा कीर्तन के लिए समय नहीं मिलता। दैनिक कार्यक्रम को बारीकी से देखा जाय तो हर आदमी के पास थोड़ा बहुत समय फालतू अवश्य मिलेगा। वह चाहे तो आसानी से थोड़ा समय आत्म साधना के लिए निकाल सकता है।

प्रश्न रुचि का है। विचार करना चाहिए कि क्या आत्म साधना ऐसी निरर्थक चीज है जिसके लिए दुनियादारी के साधारण कामकाजों में से बचाकर समय का एक टुकड़ा भी न फेंका जा सके? घर में कुत्ते और भिखारी को थोड़ा बहुत भोजन दिया जाता है सोचना चाहिए कि आत्मा का महत्व क्या कुत्ते और भिखारी से भी कम है जिसकी झोली में समय का एक छोटा सा टुकड़ा भी न डाला जा सके? शरीर की भूख बुझाने के लिए हम तरह तरह के बढ़िया-बढ़िया साधन जुटाते हैं, काफी समय खर्च करके भोजन सामग्री कमाते हैं, पर आत्मा की भूख बुझाने के लिए-स्वाध्याय, चिन्तन, मनन तथा साधन के लिए-थोड़ा भी समय नहीं लगाया जा सकता? क्या सचमुच आत्मा ऐसी तुच्छ वस्तु है, जिसकी शरीर के मुकाबले में इतनी उपेक्षा की जाय?

यह विचारणीय प्रश्न है। इसे इसी प्रकार अधर लटका रहने देने से काम न चलेगा। हमें सोचना होगा कि-क्या हम शरीर मात्र हैं? क्या हमारी प्राप्ति धनसंचय एवं इन्द्रिय भोगों से ही हो सकती है? क्या मानव जीवन का उपयोग शरीर पोषण और धन उपार्जन मात्र है? क्या साँसारिक उन्नति ही पूर्ण उन्नति है? इन प्रश्नों पर विचार करने से पता चलेगा कि जो कुछ हम कर रहे हैं, वह ही पूर्ण नहीं है। आत्मोन्नति भी एक कार्य है और वह कार्य शरीर पोषण से कम महत्व का नहीं है।

आत्मा की महत्ता पर विचार कीजिए आत्मोन्नति के महत्व को समझिए और तब निर्णय कीजिए कि आपको फुरसत है या नहीं?

 अखण्ड ज्योति जून 1947

4 likes 51956 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

222055216



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your comment and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj