• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Monday 04, May 2026

×

VIDEO
!! शांतिकुंज दर्शन 04 May 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

!! शांतिकुंज दर्शन 04 May 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

302 views
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
2809 views
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
2821 views
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
2797 views
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
2787 views
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
2805 views
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
2783 views
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
2784 views
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
2770 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
2814 views
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
2797 views 5 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
2784 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
2781 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 2809 views
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 2787 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 2776 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 2771 views
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन






परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



भगवान की मोहब्बत गिलहरियों के लिए सुरक्षित है भगवान की मोहब्बत जब समुद्र पाटा जा रहा था तब गिलहरी आई और अपने बालों में मिट्टी भर ले जा रही थी समुद्र को भर रही थी बंदरों ने कहा गिलहरी तू क्या कर रही है तो उसने कहा तुम क्या कर रहे हो उन्होंने कहा हम समुद्र पर पुल बना रहे हैं क्यों सीता जी को वापस लाएंगे और रावण को मारेंगे तो फिर मैं गिलहरी कुछ भी नहीं कर सकती मैं गिलहरी अपने बालों में मिट्टी भर ले जाती हूं और समुद्र में डाल देती हूं ताकि समुद्र पटता हुआ और ऊंचा होता हुआ चला जाए और तुम्हारा रास्ता सरल होता हुआ चला जाए गिलहरी की हिम्मत गिलहरी की हिम्मत को लेकर चले गए गिलहरी को पकड़ ले गए बंदर और रामचंद्र जी की हथेली पर रखा उन्होंने कहा भगवान ने देखा छोटा सा जानवर उन्होंने कहा यह कौन है यह गिलहरी यह क्या करती है उन्होंने कहा यह अपने बालों में मिट्टी भर ले जाती है और समुद्र में पटक देती है क्यों इसीलिए कि हमारा समुद्र का समुद्र का पुल बनाने का मार्ग सरल होता हुआ चला जाए भगवान राम ने कलेजे से लगा लिया छाती से लगा लिया गिलहरी को और प्यार से उसके ऊपर हाथ फिराने लगे अंगुलियां फिराने लगे काली उंगलियां थी भगवान राम की कहते हैं कि वह काली अंगुलियों के निशान गिलहरी की पीठ पर अभी तक बने हुए हैं गिलहरियां जो दिखाई पड़ती हैं उन पर काली धारियां पाई जाती हैं सुनने में आया कि वह भगवान रामचंद्र जी के उंगलियों के निशान हैं क्या है क्या नहीं है मैं नहीं जानता लेकिन मैं जानता हूं भगवान का स्वरूप यही है भगवान की आदत यही है भगवान की परख यही है

588 views
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से




अखण्ड-ज्योति परिवार के सदस्य निश्चित रूप से चुने हुए मणि-मुक्ता हैं। वर्षों के परिश्रम से हमने बहुत खोज-बीन के बाद इन आध्यात्मिक संचित पूँजी के धनी मानियों को एकत्रित किया और एक माला में पिरोया है। वे आज राख से ढके हुए अंगार की तरह निष्क्रिय भले ही दिखाई पड़ते हैं, पर वस्तुतः उनके भीतर एक चिनगारी मौजूद है, जो अवसर मिलते ही अपनी उष्णता एवं प्रकाश ज्योति का परिचय देगी। ऐसे लोगों की अन्तरात्माएं इस शुभ अवसर पर उल्लासित न हों, ऐसा संभव नहीं। अजान की आवाज सुनते ही हर दीनदार मुसलमान नमाज पढ़ने को उठ खड़ा होता है। मन्दिर में होने वाली शंख-ध्वनि सुन कर हर भावनाशील हिन्दू उपासना के लिए प्रस्तुत होता है।* बिगुल बजते ही सैनिक दौड़ कर मैदान में पंक्ति बद्ध हो जाते हैं। घण्टी बजते ही सर्कस का खेल आरम्भ हो जाता है। इस वर्ष का बसन्तोत्सव कुछ ऐसी ही नवीन प्रेरणा लेकर उपस्थित हुआ है।* जिसका उद्देश्य हम में से हर किसी की उदासीनता, उपेक्षा एवं अकर्मण्यता का निराकरण करके रख देना है।

कहना न होगा कि यह ऐतिहासिक अवसर है। हजारों वर्षों बाद युगान्तर का पुण्य पर्व आता है। जब आता है तब जागृत आत्माओं के कन्धों पर कुछ विशेष जिम्मेदारी डालता है। आग लगने पर फायर ब्रिगेड वाले पुकारे जाते हैं और उन्हें तत्परतापूर्वक अपना काम पूरा करना होता है। उपद्रव होने पर पुलिस को पुकारा जाता है, सीमा आक्रमण का मुकाबला करने के लिए सैनिकों को तुरन्त मोर्चा सम्भालना पड़ता है, दुर्घटना में घायलों की मरहम पट्टी करने के लिए डाक्टरी दस्ता सब काम छोड़कर उसी में जुट जाता है, बाढ़, भूकम्प, अग्निकाण्ड, महामारी आदि आकस्मिक विपत्तियों में पीड़ितों की सेवा सहायता के लिए हर सहृदय व्यक्ति को तुरन्त दौड़ना पड़ता है। आज की स्थिति ठीक ऐसी ही है।

युगान्तर, प्रसव पीड़ा की तरह इस संसार के लिए मानव-जाति के लिए विषम विभीषिकाओं जैसी अगणित समस्यायें लेकर आँधी-तूफान की तरह बढ़ता चला आ रहा है। ऐसे आपत्तिकाल में कोई जागृत आत्मा “निर्वाह में व्यस्त होने” का बहाना लेकर अपने महान आध्यात्मिक उत्तरदायित्व की उपेक्षा नहीं कर सकती। ऐसे अवसरों पर आत्मा की, परमात्मा की, भाव भरी पुकार को अनसुना कर सकना किसी पाषाण हृदय के मूढ़ मानव के लिए ही सम्भव हो सकता है।

 परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य 
अखण्ड ज्योति 1968 फरवरी

531 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

187658676



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj