• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Monday 25, May 2026

×

VIDEO
विश्वास की परीक्षा संकट में होती है | Vishwas Ki Pariksha Sankat Me Hoti Hai | Dr Chinmay Pandya

विश्वास की परीक्षा संकट में होती है | Vishwas Ki Pariksha Sankat Me Hoti Hai | Dr Chinmay Pandya

282 views
Like
Share
Comment



VIDEO
अमृत सन्देश:- तपस्वी बनो, शक्तिशाली बनो। Spiritual Warrior

अमृत सन्देश:- तपस्वी बनो, शक्तिशाली बनो। Spiritual Warrior

291 views
Like
Share
Comment



VIDEO
माँ तेरे चरणों में हम शीश झुकाते है, Mata Tere Charno Me Hum Shish Jhukate Hai॥

माँ तेरे चरणों में हम शीश झुकाते है, Mata Tere Charno Me Hum Shish Jhukate Hai॥

300 views
Like
Share
Comment



IMAGE
Image वीडियो अपडेट
2 likes 1134 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
2 likes 1139 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
2 likes 1151 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
1 likes 1147 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
1 likes 1142 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
1 likes 1138 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
2 likes 1137 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
1 likes 1136 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
1 likes 1134 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
1 likes 1157 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
1 likes 1149 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
1 likes 1148 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
1 likes 1145 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 1160 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 1150 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 1151 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 1147 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
लेख
Image लेख
1 likes 1152 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 25 May 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

309 views
Like
Share
Comment



घर के रिश्तों में छुपा है अध्यात्म का ज्ञान। Ghar ke Rishton Mein Chhupa Hai Adhyatmik Gyaan अमृत सन्देश:- परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य

354 views
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश





अखण्ड-ज्योति से



“मुझे इस सुनहरे रंग के मेमने की आवश्यकता है। तुम इसके बदले जितना धन चाहोगे मैं देने को तैयार हूँ।”
परशिया के राजा ने हंगरी के राजा मत्थियस के गड़रिये को प्रलोभन देते हुए कहा।

‘मैं राजसिंहासन के सम्मुख असत्य भाषण नहीं कर सकता। यह सब राजा की भेड़े है मैं उनकी आज्ञा के बिना किसी के स्पर्श पर देने को तैयार नहीं हूँ “गड़रिये ने उत्तर दिया।
गड़रिये बड़ा ईमानदार और सत्यवादी था। हुआ यह कि उस दिन परशिया के राजा अपनी अविवाहित युवा पुत्री के साथ मत्थियस के अतिथि बने। बातों ही बातों में गड़रिये की चर्चा निकल पड़ी। मत्थियस ने अतिथि को बताया −कि गड़रिया हमेशा सत्य भाषण करता करता हैं।

बड़े से बड़े प्रलोभन भी उसे विचलित नहीं कर पाते। यही कारण है कि पिछले कितने ही वर्षों से वह मेरे पास कार्य कर रहा है”
“असम्भव! ऐसा हो ही नहीं सकता।”
“यदि मैं उसने असत्य भाषण न करवा सका तो आधा राज्य हर जाऊँगा।”
“और यदि वह असत्य बोल गया तो मैं आधा राज्य हार जाऊँ गा। इस प्रकार की प्रतिज्ञा आपके सामने करता हूँ।” मत्थियस ने जोशा में कहा।

रात्रि के भोजनोपरान्त परशिया का राजा अपने शयन कक्ष में आया और पलंग पर लेटे−लेटे काफी रात तक यही सोचता रहा कि इस गड़रिये से कैसे असत्यवादन करवाया जाये। फिर उसे ध्यान आया कि आज शाम को जब वह भेड़े चराकर वापस लाया था तब उनमें एक छोटा सा मेमना सुनहरे रंग का था। यदि अधिक से अधिक धन का प्रलोभन देकर उसे खरीद लिया जाये तो उस मेमने सुनहरे रंग का था। यदि अधिक से अधिक धन का प्रलोभन देकर उसे खरीद लिया जाये तो उसे मेमने के गायब होने की कोई कल्पित कहानी गढ़ कर राजा के सम्मुख कहनी होगी। जिससे मत्थियस का अहं चूर चूर हो जायेगा।

कंचन से अधिक प्रलोभन कामिनी का होता है। ऐसा सोचकर राजा ने अपनी अपूर्व सुन्दरी कन्या को गड़रिये के पास भेजा। उसे इस बार पूर्ण विश्वास था कि हमारा बार खाली न जायेगा। बड़े बड़े ईमानदार और संयमी व्यक्ति तक कंचन और कामिनी के प्रभाव में प्रभाव में आकर फिसलते देखे गये है। फिर वह तो एक साधारण−सा पशु−पालक है। राज कन्या गड़रिये के पास जाकर कहने लगी— “तुम्हारी भेड़ों में यह छोटा सा मेमना देखने में कितना सुन्दर लगता है। काश! यह प्यार मेमना मेरे पास होता तो मैं इस और लाड़−दुलार से रखती। इसके केश और मेरी केश राशि में कितना साम्य है। तुम यह मेमना मुझे दे दो। इसके बदले तुम जितना द्रव्य चाहोगे मैं तुम्हें अपने पिता से दिलवा दूँगी। और मैं सदा तुम्हारी आज्ञा का पालन करूंगी। भद्र, पुरुष मेरा प्रस्ताव स्वीकार लो। मैं तुम्हारे लिए एक शीतल पेय भी लायी हूँ। “

गड़रिये को उस पर समय प्यास लग रही थी। उसने राजकुमारी के हाथ से जल−पात्र लेते हुए कहा−”मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि तुम प्रलोभन देकर इस मेमने को लेना चाहती हो। पर मैं किसी भी मूल्य पर अपनी ईमानदारी और जिम्मेदारी बेच नहीं सकूँगा।”

गड़रिये ने पात्र को ओठ से लगाया और उसे रिक्त करके राजकुमारी को वापस कर दिया। वह समझ गया कि यह मधुर जल नहीं वरन् तीखी मदिरा है। शनैःशनैः उसे मूर्छा आने लगी। मौका पाकर राजकुमारी ने उस मेमने को उठा लिया और राजभवन वापस आ गई। पिता ने जब पुत्री को गोदी में मेमना देखा तो वह खुशी से चीख पड़ा −”बेटी! तुमने आज मेरे मन की मुराद पूरी करदी अब मैं मत्थियस, परक्षिया के राजा, उनकी युवा पुत्री तथा अन्य कई मन्त्री भी बैठे चर्चा कर रहे थे। युवा पुत्री तथा अन्य कई मन्त्री भी बैठे चर्चा कर रहे थे। उसी समय गड़रिया आया। उसने सबको उचित अभिवादन कर बड़े शिष्टाचार के साथ कहा −”राजन! आज मैंने सुनहरे मेमने को उससे भी सुन्दर मेमने से बदल लिया है। मेरा विश्वास है कि अपने लिये यह घाटे का सौदा नहीं है,और वह सुन्दर मेमना यह रहा,गड़रिये ने राजपुत्री की ओर संकेत करते हुए।

सारी बातें सामने आई। परशिया के राजा का सारा प्रयास व्यर्थ गया। एक सामान्य से गड़रिये की ईमानदारी और सत्यवादिता पर सब मुग्ध थे। परशिया नरेश अपनी पूर्व प्रतिज्ञा के अनुसार आधा राज्य हार चुके थे। मत्थियस ने यह जीता हुआ राज्य गड़रिये को देते हुए कहा− “वत्स! तुम्हारी कर्त्तव्य निष्ठा से मैं बहुत प्रसन्न हूँ।आज तुमने मेरे सम्मान की बहुत बड़ी रक्षा की है। मैं भी तुम्हें अपने राज्य का एक भाग पुरस्कार स्वरूप प्रदान करता हूँ। और तुम अब दोनों खण्डों के राजा हुए।”

परशिया का राजा खड़ा हो गया उसने कहा−”ईमानदारी और कर्त्तव्य मनुष्य का सबसे बड़ा गुण हैं। मैं ऐसे ही वर की तलाश अपनी लड़की के  लिए कर रहा था। मुझे ऐसा साहसी और सत्यव्रती युवक बहुत खोज के बाद पहली बार मिला है। अतः मैं अपनी कन्या क हाथ भी इसके हाथों में सौंप कर अपने भर को कम करना चाहता हूँ परशिया के राजा ने अपनी पुत्री का हाथ उस गड़रिये के हाथ में देकर बड़ी प्रसन्नता तथा सन्तोष का अनुभव किया। गड़रिये से राजा बनने वाले सम्राट इनो सेन्य की कथा−गाथा अभी भी मध्य एशिया के देशों में बड़े श्रद्धा भाव के साथ कही सुनी जाती है।

 अखण्ड ज्योति 1974 अप्रैल

11 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

196412573



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj