• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Sunday 16, August 2026

×

VIDEO
अमृत सन्देश:-   सच्चा शिष्य वही, जो आदेश निभाए । Saccha Shishya Wahi, Jo Aadesh Nibhaye पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

अमृत सन्देश:- सच्चा शिष्य वही, जो आदेश निभाए । Saccha Shishya Wahi, Jo Aadesh Nibhaye पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

11 likes 62694 views 2 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
आत्म- ज्ञान का तत्व- दर्शन | Aatmagyan Ka Tatwadarshan गुरुदेव के बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक से

आत्म- ज्ञान का तत्व- दर्शन | Aatmagyan Ka Tatwadarshan गुरुदेव के बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक से

8 likes 61261 views
Like
Share
Comment



IMAGE
Image अपडेट
10 likes 59664 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
12 likes 62934 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
11 likes 62905 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
9 likes 61808 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
9 likes 61022 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
9 likes 60358 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
9 likes 59220 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
8 likes 58746 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
10 likes 59063 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
8 likes 58968 views 1 comments 4 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
9 likes 58712 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
9 likes 57863 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
9 likes 57611 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
9 likes 57373 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
5 likes 62615 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
5 likes 63360 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
6 likes 61418 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
6 likes 60948 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
5 likes 62742 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
5 likes 63484 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
5 likes 61012 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
6 likes 61535 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
लेख
Image लेख
7 likes 63974 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! परम पूज्य गुरुदेव का कक्ष गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 16 August 2026

6 likes 60830 views 1 comments
Like
Share
Comment



!! अखण्ड दीपक Akhand_Deepak (1926 से प्रज्ज्वलित) चरण पादुका गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 16 August 2026

5 likes 59698 views 1 comments
Like
Share
Comment



!! शांतिकुंज दर्शन 16 August 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

7 likes 61320 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Comment



!! देवात्मा हिमालय मंदिर Devatma Himalaya Mandir गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 16 August 2026

4 likes 59090 views 1 comments
Like
Share
Comment



!! सप्त ऋषि मंदिर गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 16 August 2026

6 likes 60064 views 1 comments
Like
Share
Comment



!! गायत्री_माता_मंदिर Gayatri_Mata_Mandir गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 16 August 2026

5 likes 58927 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment



भगवान सदाशिव एवं माता पार्वती | प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर 16 August 2026

6 likes 58285 views 1 comments
Like
Share
Comment



अमृत सन्देश:-संयमित जीवन क्यों आवश्यक है

5 likes 63674 views 1 comments
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



आपको हर काम के बारे में जागरूक होना चाहिए जो भी आपके जिम्मे काम है इनको आप शानदार ढंग से काम करें यह आपका फर्ज है जो वस्तुएं आपके हाथ में सुपुर्द की गई हैं आप बेहतरीन ढंग से उनका इस्तेमाल करें यह आपका फर्ज है मसलन आपको एक अच्छा खासा शरीर मिला हुआ है यह भगवान ने एक ऐसी मशीन दी है कि आप इसको ठीक तरीके से चलाएं तो लंबे समय तक काम भी दे सकती है और बीमार भी बीमार भी नहीं पड़ सकती यह मोटर जो आपके हाथ में दी गई है अगर आप ठीक तरीके से चलाएं लाइन पर चलाएं कायदे से चलाएं तो यह मोटर बहुत लंबे सफर कर सकती है और आप ठीक काम आ सकती है और अगर आप उतावली में काम करें जल्दबाजी में काम करें आंखें बंद करके काम करें सेखी करके काम करें तब मोटर एक दिन में चकनाचूर हो जाएगी शरीर के तई आपकी जिम्मेदारी है कि आपको लंबे समय तक भगवान का काम करने के लिए सुपुर्द किया गया है यह शरीर आपकी अपनी ही नियामत दौलत नहीं है इस पर आपके सारे कुटुंबियों का भी हक है आपके बच्चों का भी हक है आपके माता-पिता का भी हक है जिन्होंने कि आपको जन्म दिया है उन सब की अमानत उन सबकी सेवा करने की सामर्थ्य को बनाए रखने के लिए आपका यह फर्ज हो जाता है कि आप अपने शरीर को ठीक तरीके से ठीक तरीके से बनाए रखें इस शरीर में बीमारियां ना होने दें आप संयम पालन करें प्रकृति के नियमों का ध्यान रखें खानपान के बारे में आहार-विहार के बारे में उस समझदारी के साथ काम ले जिससे कि आपका शरीर जो भगवान ने अमानत के रूप में दिया है ठीक तरीके से बना रहे यह क्या है यह आपका फर्ज है

6 likes 63368 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से




जीवन संघर्षमय है। मनुष्य को जीवित रहने के लिए, आगे बढ़ने के लिए, विविध दिशाओं में संघर्ष करना पड़ता है। जिसके कारण गर्मी, बेचैनी और अशांति उत्पन्न होती रही है। यह अशान्ति थकान और उद्विग्नता पैदा करती रहती है जिससे त्राण पाने के लिए मनुष्य शान्ति की तलाश करता रहता है। जहाँ शांति मिलती है वहीं आत्मा को चैन तथा संतोष मिलता है। ऐसी सुख-शाँति पूर्व स्थिति प्राप्त करने के लिए आत्मा सदा तरसती रहती है।

कई लोग जंगलों, पर्वतों, एकान्त स्थलों, तीर्थों, मंदिरों आदि में शाँति की तलाश करते हुए भ्रमण किया करते हैं। इन स्थानों में स्थूल और क्षणिक शांति की झाँकी भले ही हो जाए, पर पूर्ण शांति नहीं मिल सकती। कारण यह है कि संसार का प्रत्येक परमाणु गतिशील, परिवर्तन शील और चंचल है, स्थूल जगत का कोई भी पदार्थ कोई भी अणु स्थिर नहीं, शाँत नहीं, जो वस्तु स्वयं ही शाँत नहीं वह दूसरों को शाँति कहाँ से दे सकेगी। स्थिर वस्तु एक ही है वह है-आत्मा। इसलिए आत्मा में ही शांति है। जब हम आत्म-परायण होते हैं, आत्मा में रमण करते हैं तो स्थिर शाँति के दर्शन करते हैं, जिससे अनन्त विश्राम उपलब्ध होता है।

‘मौन’ वह साधना है जो चित्र वृत्तियों को बिखरने से बचाती है। चुप रहने से वाणी और वाणी के साथ व्यय होने वाली मानसिक शक्तियों की क्षति होने से बचत होती है। यह बचत आत्म-चिन्तन में लगा दी जाय तो शाँति के उस स्रोत तक पहुँच हो सकती है जो हमारी अशान्तियों को हटाकर सुखद शीतल और स्निग्ध शाँति का आस्वादन कराती है। इस प्रकार के विश्वास के उपरान्त नवीन चैतन्यता, स्फूर्ति और जीवनी शक्ति प्राप्त होती है जो कार्यक्षमता, सूक्ष्मदर्शिता और प्रतिभा को कई गुना बढ़ा देती है।

सांसारिक दृष्टि से भी और आत्मिक दृष्टि से भी मौन एक महत्वपूर्ण साधन है। महात्मा गांधी इतने कार्यव्यस्त और अनेक उत्तरदायित्वों को अपने कंधों पर उठाए रहने वाले महापुरुष थे। उनके पास समय का बड़ा अभाव रहता था तो भी वे सप्ताह में एक दिन मौन व्रत के लिए अवश्य निकाल लेते थे। उनका कथन था कि इससे मुझे बड़ा विश्राम मिलता है और कार्य करने के लिए नई ताजगी का अनुभव होता है।

मौन की साधना के साथ यदि मनोवृत्तियों को आत्म-चिंतन में लगा दिया जाय तो आध्यात्मिक आनन्द का एक निर्झर झरने लगता है। जिसके रसास्वादन की अनुभूति भुक्त भोगी ही जानते हैं। अरुणाचल के तपस्वी महर्षि रमण विगत 50 वर्षों से मौन की साधना कर रहे हैं। उनकी सिद्धावस्था संदेह से परे है। इस अकेली मौन साधना से वे सब सिद्धियाँ मिल सकती हैं जो अन्य योग साधनों से मिल सकती हैं।

मौन एक दैवी रेडियो है। साँसारिक कोलाहलों से मन को हटाकर जब हम अन्तरात्मा की सुई परमात्मा के केन्द्र पर सटा देते हैं तो ईश्वरीय वाणी सुनाई पड़ने लगती है। जो कुछ जानने लायक है, जो कुछ सुनने लायक है वह मौन के देवी रेडियो के माध्यम द्वारा जाना और सुना जा सकता है।

जो व्यक्ति आत्मोन्नति की दिशा में बढ़ना चाहते हैं और उद्विग्नता मिटाने वाली शाँति के दर्शन करना चाहते हैं उन्हें मौन साधना की ओर बढ़ना चाहिए। जिस दिन फुरसत रहती हो सप्ताह में एक रोज पूरे, आधे या दिन चौथाई मौन रहना चाहिए। यदि नित्य एक दो घंटे मौन रहा जा सके तो और भी अच्छा, किन्हीं विशेष पर्वों या अवसरों पर एक दिन या कई दिन का मौन रखना चाहिए। इस प्रकार मौन की ओर प्रवृत्ति बढ़ाते चलने से आत्मिक मार्ग में रुचि बढ़ती चलती है और शाँति के पथ पर प्रगति होने लगती है।

अखण्ड ज्योति अगस्त 1949

5 likes 63823 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

246305883



Archive

Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts
We value your thoughts

Write to Us

Share your suggestions, feedback, questions, or experiences with us.

Write to us

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj