• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Patron Founder
    • Mission Vision
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Wednesday 19, August 2026

×

VIDEO
ध्यान:- उगते हुए सूर्य के प्रकाश का ध्यान | Ugte Huye Surya Ka Dhyan | Shraddheya Dr. Pranav Pandya

ध्यान:- उगते हुए सूर्य के प्रकाश का ध्यान | Ugte Huye Surya Ka Dhyan | Shraddheya Dr. Pranav Pandya

5 likes 35594 views 1 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
क्या अलग-अलग देवताओं की पूजा ज़रूरी है? Kya Alag-Alag Devataon Ki Pooja Zaroori Hai? अमृत सन्देश:- परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

क्या अलग-अलग देवताओं की पूजा ज़रूरी है? Kya Alag-Alag Devataon Ki Pooja Zaroori Hai? अमृत सन्देश:- परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

6 likes 34215 views 1 comments
Like
Share
Comment



IMAGE
Image अपडेट
7 likes 33779 views 6 shares
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
8 likes 36594 views 1 comments 9 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
7 likes 36616 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
8 likes 35678 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
7 likes 34825 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
7 likes 34120 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
7 likes 33447 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
7 likes 32922 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
5 likes 36375 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
5 likes 36209 views 1 comments 7 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 34699 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
4 likes 34555 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
3 likes 36049 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
6 likes 36535 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
4 likes 34810 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
4 likes 34519 views
Like
Share
Download
Comment
लेख
Image लेख
6 likes 36854 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 19 August 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

6 likes 35686 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Comment



अमृत सन्देश:-दूसरों को सुधारो, खुद मत बिगड़ो

4 likes 35722 views 1 comments
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



आप ईमानदारी से रहिए आप अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन कीजिए समाजनिष्ठ हो कर रहिए ऐसा व्यवहार कीजिए जिसकी परंपराएं जिसकी परंपराओं से दूसरे आदमियों को गलत रास्ते पर चलने का मौका ना मिले बल्कि आपको इस तरीके से जिंदगी जीनी चाहिए जिससे कि आपके पीछे वाले लोग आपके जमाने वाले लोग कुछ प्रेरणा ग्रहण कर सकें तो आप के रास्ते पर चलने वाले कदम बढ़ा सकें यह आपके कर्तव्य हैं फर्ज हैं आप चारों ओर से अपने कर्तव्य से घिरे हुए हैं कर्तव्यों को आप समझिए समझिए बच्चा अपने गैर कर्तव्य बच्चा छोटेपन में अपनी जिम्मेदारियों को समझता नहीं है इसलिए बच्चा कहते हैं बड़े आदमियों को हर मामले में जिम्मेदारी समझ नहीं पड़ती है बच्चा नंगा भी फिर सकता है पर जवान आदमी कैसे नंगा फिरेगा जवान आदमी को तो कपड़े पहनने चाहिए क्यों क्योंकि वह अपने आप को जिम्मेदार समझता है बालक अगर आप हैं बौद्धिक दृष्टि से और भावना की दृष्टि से तब तब तो मैं क्या कहूं आपसे लेकिन अगर आप समझदार हो गए हैं और जिम्मेदार हो गए हैं तो जिम्मेदारी और समझदारी यह यह कहती है आपसे आप हर मामले में ईमानदार रहें अपनी जिम्मेदारियों के बारे में आप पूरी ईमानदारी से काम करें दूसरे आदमी दूसरे आदमियों को सुधारिये दूसरे आदमियों से झगड़िए दूसरे आदमियों के लिए जो कुछ हो सकता है कीजिए पर दूसरे आदमियों की गलती का आप अपने आप को सजा मत दीजिए कि आप भी बेईमानी करें दूसरे आदमी ने आपसे बेईमानी की तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको भी बेईमानी करनी चाहिए आप उसके साथ में लड़ाई कीजिए सुधारने के जो कोई और कानूनी तरीके हैं वह कीजिए लेकिन इस तरीके को मत अख्तियार कीजिए जिससे आपका व्यक्तित्व और आपका चरित्र भी उसी सामने वाले घटिया आदमी की बराबरी के तरीके का हो जाता हो ऐसे ऐसे बहुत से और कर्तव्य और फर्ज है इन्हीं का नाम कर्म योग है कर्मयोग को कीजिए आध्यात्मिक क्षेत्र में ज्ञान योग कि आप अपने बारे को जानिए और समझिए और मैं आपसे कर्तव्यों की पालन की प्रार्थना करता हूं कर्म योग उसी का नाम है जिसका नाम पूरा नाम कर्तव्य योग है फर्ज कर्तव्य ड्यूटी आप इस चीज को पूरी करके जागरूक होकर के रहे तो मैं आपको धर्मात्मा कहूंगा और धर्म प्राण कहने वाला व्यक्ति आप ऐसे ही कीजिए यदि इतना कर सकेंगे तो आप धन्य हो करके रहेंगे समाप्त

5 likes 36102 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



ईश्वर के दो रूप हैं, साकार और निराकार। जो कुछ इस संसार में इन भौतिक आँखों से दिखाई देता है, यह सब ईश्वर का साकार रूप है। किसी न किसी रूप में हमें ईश्वर के दर्शन होते ही रहते हैं। यह जो कुछ दिखाई पढ़ रहा है, ईश्वर का ही साकार दर्शन समझना चाहिए।

हमें चाहिए कि इसी साकार ईश्वर की पूजा में जनता जनार्दन की सेवा में, इस भौतिक शरीर को अर्पण कर दें। यही साकार ईश्वर की सच्ची पूजा है। यह भौतिक शरीर इसी साकार ईश्वर की अमानत है। हमारा कर्त्तव्य है कि ईश्वर की अमानत ईश्वर को सौंप दें, अन्यथा हम ईश्वर के चोर होंगे। हमें चाहिए कि इस पंच भौतिक शरीर को जनता जनार्दन की सेवा में मिटा दें, तभी हम सच्चे ईश्वर भक्त बन सकेंगे।

इस समस्त संसार में एक ही चैतन्य शक्ति व्याप्त रूप से समाई हुई है, जिसके द्वारा यह सारा संसार चेतन दिखाई देता है, प्रकृति का अणु-अणु उससे प्रेरित होकर कम्पायमान हो रहा है। हमारे अंदर भी वही आत्मा काम कर रही है जो समस्त संसार में। इस आत्मा को जान लेना ही आत्म दर्शन है। आत्म दर्शन ही निराकार ईश्वर की सच्ची पूजा है।

यदि हम निराकार प्रभु के सच्चे भक्त बनना चाहते हैं तो हमें समस्त विश्व में व्याप्त रूप से समाये हुए घट-घट वासी उस प्रभु परमात्मा को सर्वत्र व्यापक ओर सर्वशक्तिमान के रूप में सदैव देखना चाहिए। यदि साकार की उपासना करना रुचिकर हो तो संसार के प्रत्येक प्राणी एवं पदार्थ को सुँदर सुव्यवस्थित एवं सतोगुणी बनाने के लिए आत्म त्याग के साथ सेवापरायण होना चाहिए। ईश्वर को सर्वव्यापी सर्व शक्तिमान समझकर पापों से बचना और लोकहित के लिए अधिक आत्म-त्याग करना यह साकार ओर निराकार की उभय पक्षीय पूजा का संमिश्रण है।

इस प्रकार अपने विचारों और कार्यों को विशुद्ध, सेवामय, ईश्वरमय बना लेने वाला मनुष्य अपने आप को ईश्वर में स्थित समझता है और अपने अंदर ईश्वर की झाँकी करता है। ईश्वर भक्ति केवल ध्यान या जप मात्र से ही नहीं हो सकती, उसके लिए आचरण का समन्वय भी होना चाहिए। जिसका जीवन ईश्वरमय है। वही सच्चा ईश्वर भक्त है और उसे ही अपनी अन्तरात्मा में ‘अहं ब्रह्मास्मि’ के महातत्व का दर्शन होता है। सेवा सदाचार, प्रेम, श्रद्धा और संयम की पाँच विभूतियाँ जिसके अन्तःकरण में मौजूद हैं वह ईश्वर प्राप्ति से किसी भी प्रकार वंचित नहीं रह सकता।

 अखण्ड ज्योति अगस्त 1949

3 likes 36379 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

246702958



Archive

Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts
We value your thoughts

Write to Us

Share your suggestions, feedback, questions, or experiences with us.

Write to us

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj