• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Friday 10, July 2026

×

VIDEO
मानसिक विकास का अटल नियम

मानसिक विकास का अटल नियम

9483 views
Like
Share
Comment



VIDEO
5 मिनट में बदल सकती थी किस्मत |  5 Minute Mein Badal Sakti Thi Kismat प्रेरणादायक कहानी |

5 मिनट में बदल सकती थी किस्मत | 5 Minute Mein Badal Sakti Thi Kismat प्रेरणादायक कहानी |

9388 views
Like
Share
Comment



VIDEO
मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है | श्रद्धेय डॉ प्रणव पण्ड्या जी  Manushya Apne Bhagya Ka Nirmata Swayam Hai. पुस्तक - जीवन पथ के प्रदीप

मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है | श्रद्धेय डॉ प्रणव पण्ड्या जी Manushya Apne Bhagya Ka Nirmata Swayam Hai. पुस्तक - जीवन पथ के प्रदीप

9352 views
Like
Share
Comment



VIDEO
पत्नी का सम्मान ही परिवार का स्वर्ग है। Patni ka Sammaan Hi Parivaar Ka Swarg Hai अमृत सन्देश:- पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

पत्नी का सम्मान ही परिवार का स्वर्ग है। Patni ka Sammaan Hi Parivaar Ka Swarg Hai अमृत सन्देश:- पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

1 likes 45155 views 1 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
 भगवान् स्वयं भक्त से मिलने आते है | Bhagwan Swayam Bhakt Se Milte Hai | Dr Chinmay Pandya

भगवान् स्वयं भक्त से मिलने आते है | Bhagwan Swayam Bhakt Se Milte Hai | Dr Chinmay Pandya

1 likes 44596 views 1 comments
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
3 likes 46385 views 1 comments 4 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
1 likes 46665 views 1 comments 9 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
1 likes 45982 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
1 likes 45531 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
1 likes 45225 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
2 likes 44998 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
2 likes 44800 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
2 likes 44656 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
1 likes 46945 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
3 likes 46230 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
1 likes 45749 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
1 likes 45435 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 46986 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 46282 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 45839 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 45485 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
लेख
Image लेख
1 likes 47139 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 10 July 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

1 likes 45894 views 1 comments
Like
Share
Comment



हम अपने-पराए में फर्क क्यों करते हैं? Hum Apne-Paraaye Mein Fark Kyon Karte Hain? परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

1 likes 46026 views 1 comments
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



आप हर चीज को अपनी मानना शुरू कीजिए बस फिर देखिए कि वह आपको प्यारी लगेगी कि नहीं लगेगी अपना बच्चा काला होता है कुरूप होता है नाक में से नाक भी टपकती है पेट भी बड़ा होता है बहुत सी बुरी आदतें भी है पर आप गोदी में लिए लिए फिरते हैं क्योंकि यह हमारा है और पड़ोसी का बच्चा पड़ोसी का बच्चा घूमता रहे गोदी में आने की कोशिश करें ऐसे धमका के भगा देते हैं क्यों बच्चे-बच्चे सब एक से नहीं वह हमारा है हमारा होने से जो कोई भी चीज है जो कोई भी चीज होगी आपके पास बड़ी अच्छी मालूम पड़ेगी खुशनुमा मालूम पड़ेगी प्यारी मालूम पड़ेगी और उसकी उपस्थिति में आपको आनंद भी मिलेगा प्यारे को साथ मिलने में कितना आनंद होता है जिनको आप अपना मित्र मानते हैं वह अगर आपके घर आ जाते हैं तब तो कितनी खुशी होती है आइए साहब चाय पिलायेंगे आपको बैठिये अरे खूब आ गए आप तो आपका बहुत दिन से इंतजार था क्यों इसीलिए इंतजार था कि आप उसको यह मानते हैं कि यह हमारा था और अगर यह न माने तब भिखारी आ जाए तब कोई ऐसा मेहमान आ जाए जो आपका समय खराब करने के लिए चला है जिससे आपको कोई फायदा नहीं है जिससे आपकी कोई जान पहचान नहीं है तो आप क्या पसंद करेंगे चाय पिलाएंगे बिठाएंगे स्वागत करेंगे घंटों बातचीत करेंगे नहीं ऐसा नहीं हो सकता आपसे कोई कामकाज की बात होगी तो एक 2 मिनट में बात करने के बाद में उसको भगा देंगे कहेंगे चलो भाई समय मत खराब कीजिए आप जाइए क्यों एक आपका मित्र जो आपके नजदीक आया था उसको  आप इतने स्वागत कर रहे थे और इस तरीके से घंटों खुल खुल कर बात कर रहे थे अपना काम भी हर्ज कर रहे थे दूसरा भी तो आदमी का उससे क्यों नहीं की वह हमारा था वह पराया था अपने और पराए की का जो फर्क है बहुत बड़ा फर्क है बहुत बड़ा फर्क है अपना घनिष्ठ आपने देखा है टॉर्च कभी जलाते हैं तो जितनी चीज के ऊपर टॉर्च का प्रकाश पड़ता है अंधियारे में उतनी चीज चमकती है और जहां टॉर्च का प्रकाश नहीं पड़ता वहां अंधकार छाया रहता है आप प्यार की टॉर्च आत्मीयता की टॉर्च जहां कहीं भी डालेंगे जिस किसी पर भी डालेंगे वही चीज खुशनुमा मालूम पड़ेगी सुंदर मालूम पड़ेगी अच्छी मालूम पड़ेगी बढ़िया मालूम पड़ेगी हर तरीके से अच्छी अच्छी बात मालूम पड़ेगी और जिसको आप पराया मान लें वो वह कैसा ही सुंदर क्यों न हो कैसा भी गुणवान क्यों न हो आपका आपका उससे कोई खास लगाव नहीं हो सक

45666 views
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



जो अपनी आत्मा के आगे सच्चा है, जो अपनी अन्तरात्मा की आवाज के अनुसार आचरण करता है, जो बनावट, धोखेबाजी, चालाकी को तिलाँजलि देकर ईमानदारी को अपनी जीवन नीति अपनाये हुए है वह इस दुनिया का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है। क्योंकि सत्य को अपनाने से मनुष्य शक्ति का पुँज बन जाता है। महात्मा कन्फ्यूशियस कहा करते थे कि सत्य में हजार हाथियों के बराबर बल है। परन्तु वस्तुतः सत्य में अपार बल है। उसकी समता भौतिक सृष्टि के किसी भी बल से नहीं हो सकती।

स्मरण रखिए, झूठ आखिर झूठ ही है। वह आज नहीं तो कल जरूर खुल जायगा। असत्य का जब भण्डाफोड़ होता है तो उससे मनुष्य की सारी प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है। उसे अविश्वासी, टुच्चा और ओछा आदमी समझा जाने लगता है। झूठ बोलने में तात्कालिक थोड़ा लाभ दिखाई पड़े तो भी आप उसकी ओर ललचाइए मत, क्योंकि उस थोड़े लाभ के बदले में अन्ततः अनेक गुनी हानि होने की संभावना है।

आप अपने वचन और कार्यों द्वारा सचाई का परिचय दीजिए। सत्य उस बीज के समान है जो आज छोटा दीखता है पर अन्त में फल फूल कर विशाल वृक्ष बन जाता है। जो ऊंचा, प्रतिष्ठायुक्त और सुख−शांति का जीवन बिताने के इच्छुक हों उनका दृढ़ निश्चय होना चाहिए कि हमारे वचन और कार्य सचाई से भरे हुए होंगे।

अखण्ड ज्योति जुलाई 1947
 

46121 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

227059938



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your comment and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj