• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Wednesday 29, April 2026

×

VIDEO
अखंड ज्योति की प्रथम अंक की कथा गाथा | Shantikunj Rishi Chintan Youtube Channel

अखंड ज्योति की प्रथम अंक की कथा गाथा | Shantikunj Rishi Chintan Youtube Channel

1014 views
Like
Share
Comment



VIDEO
अमृत सन्देश:- परिवार आध्यात्मिक प्रयोगशाला का रूप हैं। Spiritual Laboratory

अमृत सन्देश:- परिवार आध्यात्मिक प्रयोगशाला का रूप हैं। Spiritual Laboratory

1057 views
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
3 likes 4626 views 2 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
1 likes 4643 views 2 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
1 likes 4619 views
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
1 likes 4611 views
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
1 likes 4594 views
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
1 likes 4586 views
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
1 likes 4577 views
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
1 likes 4572 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
1 likes 4644 views 2 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
1 likes 4624 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
1 likes 4604 views
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 4689 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
1 likes 4627 views 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 4612 views
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
1 likes 4599 views
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 29 April 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

958 views
Like
Share
Comment



अमृतवाणी:- गुरु कृपा का अधिकारी कौन

990 views
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश





अखण्ड-ज्योति से




इस परिवार में पूर्व जन्मों की संग्रहित तेजस्विता वाली आत्माएँ ही बहुत करके एकत्रित की गयी है। उनके पास संस्कार सम्पदा की कमी नहीं। शक्ति और सामर्थ्य का संग्रहित भंडार भी बहुत बड़ा है। कमी केवल एक ही है- आत्म विस्मृति ने उन्हें मूर्छा ग्रसित कर दिया है। मेघनाद के शस्त्र प्रहार से वे लक्ष्मण की तरह मूर्छित होकर पड़ गये है। आवश्यकता उन हनुमानों की है जो जागृति की संजीवनी बूटी लाने और पिलाने का पर्वत उखाड़ने जैसा कठिन कार्य स्वयं कर सके। सूत्र संचालक और उनके परिवार को राम लक्ष्मण की उपमा दी जा सकती है। दोनों के सहयोग से हो चुके दैत्य को निरस्त किया जाना संभव होगा। लंका विजय और राम राज्य की स्थापना का लक्ष्य पूरा करने में हनुमानों की बढ़ी-चढ़ी भूमिका होनी चाहिए हर जगह दो-दो तीन-तीन सदस्यों की जो संगठनों टोलियाँ आगे बढ़कर आवेंगी उन्हें युग दृष्टा तत्वदर्शी निश्चित रूप से ही हनुमान की उपमा देंगे। महाकाल ने उन्हीं के कंधों पर उपरोक्त दोनों संगठनों के ढाँचे खड़े कर देने का उत्तरदायित्व सौंपा है। विश्वास किया जाना चाहिए कि जहाँ भी अखण्ड-ज्योति का थोड़ा बहुत प्रकाश पहुँचा होगा वहाँ एक-दो हनुमान भी अवश्य सजग रहे होंगे और वे युग के आमन्त्रण को स्वीकार करके समुद्र लाँघते और अपनी पूँछ जलाकर लंकादहन में निरत दिखाई पड़ेंगे।

अखण्ड-ज्योति परिवार से जुड़े हुए प्रायः सभी परिजन समय की विषमता को समझने हैं और यह मानते हैं कि उन्हें अपनी जागरुक आत्मा को सन्तोष देने के लिए कुछ न कुछ करना ही चाहिए। वे यह भी समझते हैं कि संगठन का आधार खड़ा किये बिना युग परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण कार्य सम्भव नहीं हो सकते। विचार क्रान्ति के अतिरिक्त युग की अनेकानेक समस्याओं के स्थिर समाधान का कोई दूसरा विकल्प नहीं। इतना सब समझते हुए भी आश्चर्य इसी बात का है इस जागरुक परिवार में से युगी उत्तरदायित्वों के निर्वाह में संलग्न कर्मवीरों की संख्या नगण्य है। उन नगण्य संख्या वालों के आधार पर ही अपने समय का अद्भुत कार्य सम्पन्न हो रहा है। होना यह चाहिए कि अपने प्रखर परिवार में नगण्य व्यक्ति ही आलस्यग्रस्त ढूंढ़ें जा सके है। सभी सक्रिय कर्मनिष्ठ का निर्वाह कर रहे हों। इस अभाव की पूर्ति के लिए संगठन टोलियों को आगे आना है। उन्हें अपनी व्यक्तिगत कामों में हर्ज करके भी राग-काज में जुटना हैं। वह संजीवनी बूटी उन्हें ही लानी-पिलानी है जिसके सहारे अपना लक्ष्मण जैसा समर्थ परिवार पुनः सक्षम, सक्रिय, सजीव होकर उठ खड़ा हो।

विचारशीलों और सद्भाव संपन्नों को कमी नहीं-अभाव तो आगे बढ़ाकर नेतृत्व करने का होता है। सत्प्रयोजनों के लिए आगे बढ़ने में विचारवान भी झेंपते सकुचाते रहते हैं। आगे बढ़कर जो दूसरों को झकझोर सके, सोतों को जगा सके, जगों को खड़ा कर सके, खड़ों को चला सके ऐसी प्रखर तेजस्विता किसी-किसी में ही पाई जाती है। जिनमें पाई जाती है उन्हें प्राणवान कह सकते हैं। आवश्यकता आज प्राणिवानों की है।

इस बार-इस विशेष अवसर पर तो हमें अपने विशाल परिवार में से ऐसे प्राणवान मोती ही ढूंढ़ने हैं। उनकी परख परीक्षा के लिए यह चुनौती प्रस्तुत की गई है कि हमारी सबसे बड़ी-सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करने के लिए अपना काम छोड़कर दरवाजे-दरवाजे पर धक्के खाने के लिए-व्यंग, उपहार, तिरस्कार, आरोप सहने के लिए आगे आवें और कम से कम इतना मनोयोग, इतना समय तो इस कार्य के लिए समर्पित कर ही दें।

आज तो साहसी रीछ, वानरों को ढूंढ़कर एक में भर्ती करने का समय है। इन घड़ियों में, गोवर्धन उन में योगदान दे सकने योग्य दुस्साहसी ग्वाल-बालों तलाश है। आज तो भिक्षु-भिक्षुणियों को दीक्षा सम में सम्मिलित करके चीवर धारण कराने का पर्व है। मंगल प्रभात में गाँधी ने सत्याग्रही स्वयंसेवकों को है। ब्रह्ममुहूर्त के अरुणोदय की इस पुण्य वेला में जागरण का संदेश दसों दिशाओं में वितरित किया जा रहा है। जो सुन सकें, जो उठ सकें और जो कर सकें तो आना समस्त साहस समेट कर कुछ आगे बढ़ाने के लिए अपनी वरिष्ठता सिद्ध करें।

 परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य 
 अखण्ड ज्योति जुलाई 1975

92 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

184657305



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj