• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Downloads
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Friday 24, July 2026

×

VIDEO
 साधना के बारह तप | Sadhna Ke Barah Tap | Dr Chinmay Pandya

साधना के बारह तप | Sadhna Ke Barah Tap | Dr Chinmay Pandya

2 likes 15734 views 1 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
बड़ा बनने की दौड़ में लोग क्या खो देते हैं? Bada Banne Ki Daud Mein Log Kya Kho Dete Hain? अमृत सन्देश:- परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी

बड़ा बनने की दौड़ में लोग क्या खो देते हैं? Bada Banne Ki Daud Mein Log Kya Kho Dete Hain? अमृत सन्देश:- परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी

2 likes 15507 views 1 comments
Like
Share
Comment



IMAGE
Image अपडेट
2 likes 15641 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
5 likes 16250 views 1 comments 4 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
4 likes 16314 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
3 likes 16090 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
2 likes 15962 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
2 likes 15841 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
2 likes 15755 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
2 likes 15680 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
3 likes 15630 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
2 likes 16290 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
2 likes 16292 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 16020 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
2 likes 15891 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
4 likes 16426 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
3 likes 16186 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
2 likes 16046 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
2 likes 15921 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
लेख
Image लेख
2 likes 16477 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 24 July 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

1 likes 15906 views 1 comments
Like
Share
Comment



तपस्वी जीवन ही दिव्य जीवन है। Tapasvi Jeevan Hi Divya Jeevan Hai परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

1 likes 15940 views 1 comments
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



इस दुनिया में जिंदा रहने के लिए बहुत सी चीजें ऐसी हैं जिनसे हमको लड़ाई करनी पड़ती है आलस्य और प्रमाद को ही लीजिए आलस्य और प्रमाद से अगर आप लड़ाई नहीं लड़ेंगे तब तब फिर आपका बहुत मुश्किल हो जाएगी आलस्य और प्रमाद आप को खा जाएंगे गंदगी से आप नहीं लड़ेंगे तब गंदगी को बुखारेंगे नहीं तब तो आपका शरीर मन कपड़ा और घर इमारत सब गंदगी से भर जाएंगे यह क्या है यह तपश्चर्या है बुराइयों के विरुद्ध लड़ाई लड़ना तपश्चर्या और अपने भीतर की बुराइयों से लड़ने का तपश्चर्या इसके अलावा एक और बात भी है क्या चीज आपको उन्नति के लिए आपको तरक्की करने के लिए अपनी योग्यता बढ़ानी पड़ेगी और सामर्थ्य संग्रह करनी पड़ेगी यह कैसे हो सकता है यह भी तपश्चर्या से होगा अगर आप तपश्चर्या नहीं कर सकते अर्थात अपने आप को संयम नहीं लगा सकते अपने आप को पुरुषार्थी नहीं बना सकते अपने आप को संघर्षशील नहीं बना सकते तो फिर आपके लिए सफलताएं कहां से आएंगी धन बल विद्या कला वगैरह यह संपदा क्या किसी ने बिना परिश्रम किए कमा ली है बिना पुरुषार्थ की कमाई जा सके कमाई नहीं जा सके नहीं तो जो पुरुषार्थ करना पड़ता है उन्नति के लिए उस उन्नति के लिए किए गए पुरुषार्थ का नाम भी एक तप है

1 likes 15798 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



सच्ची सेवा वही है जो भार (बोझे) को हल्का कर दे- यह नहीं कि उसे एकदम हटा ही दे। तुम तभी औरों की पूरी सहायता कर सकोगे तब तुम उन्हें अपने अपने आदर्श का गठित हुआ समझकर स्वीकार करोगे।

मनुष्य में जो उत्तम गुण हैं उसी से वह दूसरे की सेवा सहायता करने में समर्थ है। सेवा की उतनी ही भाँतियाँ संसार में हैं जितने सहाय्यापेक्षी मनुष्य हैं। सुरभित सुन्दर सुमनों का सौरभ लेकर सर्व साधारण को घ्राणामोद पहुँचाने वाली हवा को ग्रीष्मातप क्लान्त तृषार्त्त पथिक को सुखाश्रय देने वाले शीतल जलान्वित कूप को गोदी में लिए हुए सघन विशाल वटवृक्ष देव को- इन दोनों सेवा पथ के पथिकों को- आदर्श बना कर चलो।

विचारो- दिन को एक एक मुहूर्त सत्सेवा के लिए है। कारण यद्यपि प्रतिक्षण दया पूर्ण कार्य करने का अवसर नहीं प्राप्त हो सकता है तथापि दयार्द्र भाव बनाये रखने का शुभ अवसर हर घड़ी सामने रहता है। मनुष्य जितना ही अपने (सुख के) विषय में कम विचार करेगा उतना ही वह अपनी उन्नति का सहायक हो सकेगा। सेवा का छोटा से छोटा कार्य भी- सेवी के समक्ष- विश्व सेवक भाव की उत्तरोत्तर वृद्धि के रूप में दिखाई देता है।

यदि कोई मनुष्य तुम्हारी सेवा उस रूप में अंगीकार नहीं करता है जिस रूप में तुम देना चाहते हो तो कोई दूसरी (नई रीति) राह निकालो। तुम्हारी मनोकामना तो यहीं रहनी चाहिए किसी प्रकार से सेव्य पात्र की उचित सेवा बन पड़े। उसके प्रति तुम्हें यह कदापि प्रकट न करना होगा कि किस प्रकार तेरे द्वारा उसकी सेवा की जायगी।

किसी की सेवा करने में लज्जित मत हो। चाहे वह तुम्हारा परिचित हो या अपरिचित। उसकी आवश्यकता (चाह-दरकार) तुम्हें उसका भाई बना देती है किन्तु तुम्हारी लज्जा एक प्रकार का मोहमय गर्व है जो उसकी आवश्यकता पड़ने पर एक सहायक से उसे वंचित कर डालती है।

आप मन में कभी ऐसी भावना न आने दो कि तुमने आज औरों की कुछ सहायता की है बल्कि यही सोचते रहो कि तुम और अधिक सहायता किसी को पहुँचा सकते हो या नहीं। साथ ही साथ यह भी ध्यान रखो कि इस प्रतारणामूलक संसार के कितने प्राणियों का कष्ट निवारण करने में तुमने सहायता पहुँचाई है। अर्थात् तुम्हारी सेवा द्वारा कितने दुःखी जीव सुख प्राप्त कर सकते हैं।

जो लोग सद्गुरु के सच्चे शिष्य हैं वे ही लोग (समाज के) नेता हो सकते हैं क्योंकि जो आज्ञा-पालन करना नहीं जानता वह कदापि दूसरे को अपनी आज्ञा का वशवर्ती नहीं बना सकता।

यदि किसी मनुष्य को तुम अपनी सलाह मानने को बाध्य करना चाहते हो तो पूर्व ही से तुम स्वयं उसके सदुपदेशों के अनुसार चलने लग लाओ।

निष्कलंक एवं अनवद्य कार्य तुम तभी सम्पादन कर सकते जब तुम अपनी प्रशंसा या कीर्ति का विचाराँकुर अपने मानस क्षेत्र से एकदम ध्वंस कर दोगे। संसार में अमर होना चाहो तो बिना किसी लाग लपेद या स्वार्थ के अपनी सेवा व्यय करते जाओ। यदि सज्जनों द्वारा अपने अच्छे कार्य और विचारों के बदले में तुम अपनी प्रशंसा चाहते हो तो दूसरों के अच्छे कार्य और विचारों पर अपनी हार्दिक हर्ष और प्रशंसा वादिनी सम्मति प्रकट किया करो। अपनी भलाई चाहते हो तो दूसरों की भलाई करने का दृढ़ व्रत धारण कर लो।

अखण्ड ज्योति अक्टूबर 194

1 likes 15883 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

234566238



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your comment and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj