• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Tuesday 05, May 2026

×

VIDEO
Book: 10, A08 सच्ची मित्रता का रहस्य | मैत्री-भाव की वृद्धि कैसे करें? |

Book: 10, A08 सच्ची मित्रता का रहस्य | मैत्री-भाव की वृद्धि कैसे करें? |

2872 views
Like
Share
Comment



VIDEO
अमृतवाणी:- फूल, चंदन, दीपक सबके पीछे का छिपा संदेश समझो | Phool, Chandan, Deepak Sabke Peeche Ka Chhipa Sandesh Samjho परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी

अमृतवाणी:- फूल, चंदन, दीपक सबके पीछे का छिपा संदेश समझो | Phool, Chandan, Deepak Sabke Peeche Ka Chhipa Sandesh Samjho परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी

2883 views
Like
Share
Comment



VIDEO
दाम्पत्य जीवन समानता और सहयोग का रिश्ता। Dampatya Jeevan Samanata Aur Sahyog Ka Rishta. अमृत सन्देश:-  पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

दाम्पत्य जीवन समानता और सहयोग का रिश्ता। Dampatya Jeevan Samanata Aur Sahyog Ka Rishta. अमृत सन्देश:- पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

5 likes 25803 views 1 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
अमृतवाणी:- समर्पण के बिना भक्ति अधूरी है | उपासना का क्रियात्मक स्वरूप : भाग 4 |

अमृतवाणी:- समर्पण के बिना भक्ति अधूरी है | उपासना का क्रियात्मक स्वरूप : भाग 4 |

3 likes 25589 views 1 comments
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
5 likes 26702 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
3 likes 26769 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
गुरुजी माताजी
Image गुरुजी माताजी
3 likes 26568 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
3 likes 26401 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
3 likes 26285 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
3 likes 26195 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
3 likes 26119 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
3 likes 26057 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
4 likes 26856 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
4 likes 26681 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
5 likes 26522 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
5 likes 26389 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
4 likes 26876 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
4 likes 26701 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
4 likes 26541 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
2 likes 26409 views 1 comments
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 05 May 2026!! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

5 likes 26089 views 1 comments
Like
Share
Comment



कमजोर हृदय वालों को नहीं मिलता भगवान | Bhagwan Kamzor Hriday Walon Ko Prapt Nahi Hote अमृतवाणी: परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य

4 likes 26113 views 1 comments
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



भगवान का सवालक्ष गायत्री मंत्र जप करने के बाद में भगवान के साक्षात्कार हो जाएंगे मैं नहीं जानता आपको हो जाएंगे कि नहीं हो जाएंगे कब तक हो जाएंगे बता दीजिए ज्योतिषी में नहीं हूं पंडा के पास जाइए जो आपका हाथ देख कर के बता देगा कब तक हो जाएंगे आप क्या कहते हैं मैं तो सिर्फ एक बात कहता हूं  आपके भीतर वह साहस आपके भीतर वह चरित्र आपके भीतर वह हिम्मत जिस दिन से उदय हो जाएगी उसी दिन आपको भगवान के साक्षात्कार होंगे उसी दिन भगवान आएगा आपको दर्शन देने के लिए आपको जाना नहीं पड़ेगा लेकिन कमजोर तबीयत के लोगों स्वार्थ और कायरता से भरे हुए लोगों जब तक अपनी मन की मलिनताओं को दूर न कर सकोगे मत देखो भगवान के ख्वाब केवल ख्वाब देखो हमको यह चीजें मिल जाएंगी वह चीजें मिल जाएंगी मांगने के लिए खड़े हो गए हो गए तो दुनिया में देने वाले भी हैं देने वाले लूट लेंगे देने वाले भी जिंदा हैं मांगने वाले जिंदा हैं तो दुनिया में देने वाले भी हैं बीमार दुनिया में है तो दवा खाने भी हैं अस्पताल भी हैं बेशक तुम इसी बात पर कमर करके खड़े हो गए हो कि हम दुनिया से मांग मांग कर लाएंगे आशीर्वाद मांगेंगे आशीर्वाद देने वालों की वंश सिमेट्री है वह भी अभी हैं लेकिन आपको जानना चाहिए उन लोगों ने जो कमाया है सिर्फ उन्हीं आधार पर कमाया है जिसका मैं हवाला देता हुआ चला जा रहा हूं और कोई तरीका नहीं उन्होंने कमाया है सिर्फ उसी रास्ते से और वह तुमको दे भी सकते हैं लेकिन उसी अपनी उदारता से प्रेरित होकर के जो अध्यात्म वादी के भीतर होनी चाहिए उदारता से उदारता से विहीन मनुष्यों तुम्हारी ही तरीके से वह लोग भी रहे होंगे कौन जिनके यहां तुम मांगने जा रहे हो जा रहे थे तो तुम्हारे लिए सब द्वार बंद हो गए थे द्वार खुले हुए सब तुम्हारे इसीलिए हैं आध्यात्मिकता दुनिया में जिंदा है और आध्यात्मिकता के सिद्धांतों को मानने वाले उनका अनुसरण करने वाले दुनिया में लोग जिंदा है जो जानते हैं अपना चरित्र और अपना व्यक्तित्व ऊंचा उठाया जाना चाहिए उसके द्वारा भगवान की संपदाओं का प्राप्त करने का अधिकारी बनाया जाना चाहिए

1 likes 3214 views
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



 

नियमित उपासना हमारे जीवन का एक अनिवार्य अंग रहे। कभी किया कभी नहीं, यह ढील-पोल अब बन्द करनी चाहिए। अन्य उपासनाएं जो भी करनी हो करते रहें पर एक माला, 108 मन्त्र-गायत्री के हर किसी को नित्य जपने चाहिए। जिन्हें शारीरिक निर्बलता या अन्य असुविधा हो वे प्रातः उठते ही हाथ-मुँह धोकर पालथी मार कर बैठें और 6 मिनट में वह गायत्री मन्त्र मौन मानसिक जप करके उपरोक्त संख्या पूरी करलें। इतना तो हर कोई कर सकता है। बाल, वृद्ध, रोगी आसक्त, व्यस्त, नर-नारी किसी के लिए भी यह कठिन नहीं है। इसके बाद एक पाठ युग-निर्माण सत्संकल्प का अवश्य होना चाहिए। हम को एक बार इस आधार पर अपने मिशन की रूप-रेखा मस्तिष्क में घुमा लेना आवश्यक है। इसलिए जप के साथ यह पाठ भी आवश्यक रूप से जुड़ा रहना चाहिए। यह न्यूनतम एवं अनिवार्य है। अधिक जितना जिससे बन पड़े स्नान, पूजन आदि के साथ पूरे विधिविधान के साथ प्रसन्नतापूर्वक करते रहना चाहिए। अपने घर में एक पूजा स्थली स्थापित करनी चाहिए, जहाँ महिलायें साँयकाल दीपक, आरती और दोनों के समय चौके में बने हुए भोजन का भोग लगाने की प्रक्रिया जारी रख सकें।

छोटे बच्चों को भी इतना तो सिखा ही देना चाहिए कि वे माता-पिता, बड़ों की तरह इस पूजा वेदी के समीप जाकर प्रणाम किया करें। युग-निर्माण संकल्प का सामूहिक पाठ हमारे घरों का एक आवश्यक धर्म कृत्य बन जाना चाहिए। अपने यहाँ यह क्रम चल रहा हो तो अपने प्रभाव परिचय के अन्य लोगों के यहाँ इस आस्तिकता एवं उपासना की प्रक्रिया को फैलाया जाय।

जिनकी उपासना देर से चल रही है। उन्हें अब ध्यान साधना की ओर कदम बढ़ाने चाहिए। ‘उपासना में भावना का समावेश’ पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। परमेश्वर को अपना जीवन सहचर साथी, सभी मान कर उससे अनन्त प्रेम करना उसकी सत्ता में अपनी सत्ता-उसकी इच्छा में अपनी इच्छा समर्पित करना, प्रेम का सच्चा स्वरूप है। परमात्मा से केवल प्रकाश और साहस माँगा जाय, उसे अपनी प्रेम की सच्चाई प्रकट करने का प्रमाण सेवा और पवित्रता की प्रवृत्ति बढ़ा कर दिया जाय। साँसारिक पदार्थ न माँगे जाय न उसके लिए रोया गिड़गिड़ाया जाय। सच्ची भक्ति का यही स्वरूप है। वह केवल आत्म-कल्याण और ईश्वरीय प्रेम प्राप्ति के लिए की जाती है। लौकिक कामनाओं को जब तक भक्ति के साथ जोड़ रखा जायेगा तब तक उसमें वास्तविकता नहीं आ सकती, इसलिए जिनका उपासना क्रम देर से चल रहा है। अब उन्हें स्तर की उत्कृष्टता बढ़ानी चाहिए और उपासना में प्रेम भावना का समन्वय कर अपने सारे जीवन-क्रम को प्रेम, सेवा, मधुरता, पवित्रता, त्याग और परमार्थ की भावना से ओत-प्रोत करना चाहिए ताकि उन्हें इसी जीवन में स्वर्ग और मुक्ति का प्रत्यक्ष रसास्वादन उपलब्ध होना तत्काल आरम्भ हो जाय।

 परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य 
 अखण्ड ज्योति 1968 फरवरी

1 likes 3408 views
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

188470446



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj