वृक्षारोपण अभियान 2025
गुरुपूर्णिमा 10 जुलाई 2025 से जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 तक विशेष वृक्षारोपण मास
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कार्य योजना
गुरुपूर्णिमा (10 जुलाई) से श्रावण पूर्णिमा (16 अगस्त) तक 5 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प।
- माताजी की बाड़ी, श्रद्धा रोपणी, स्मृतिवन आदि परियोजनाएँ।
- गमलों में औषधीय पौधे और आरोग्य वाटिका की स्थापना।
- बीज बम, तुलसी वृंदावन, एक परिजन एक वृक्ष योजना।
- सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, श्मशानों, राजमार्गों, गाँवों आदि में पौधारोपण।
हमारा उद्देश्य
पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र धर्म मानकर वृक्षों की सेवा करना। स्वस्थ तन, स्वच्छ मन, सभ्य समाज और हरित भारत का निर्माण करना।
संपर्क करें
कम से कम एक वृक्ष अपने पुत्र या पुत्री के समान जिम्मेदारी के भाव से लगाएं।
युवा प्रकोष्ठ - शांतिकुंज हरिद्वार
Call: 9258360652
WhatsApp: 9258360962
Email: youthcell@awgp.org
विस्तृत वृक्षारोपण प्रकल्प
गुरुपूर्णिमा 10 जुलाई से श्रावण पूर्णिमा 16 अगस्त 2025 तक, वर्षा ऋतु में पौधा लगाना अपेक्षाकृत सरल होता है। चातुर्मास के इस पवित्र काल में यह पुण्य कार्य अधिक फलदायी हो सकता है। इस वर्ष के लिए वृक्षारोपण के निम्नलिखित प्रकल्प प्रस्तावित हैं, जिन्हें कार्यकर्ता अपनी रुचि एवं संभावना अनुसार चुन सकते हैं:
- माताजी की बाड़ी / बाल वाटिका (Green Corner): प्रत्येक देव परिवार जिनके पास आँगन/छत/बालकनी में 3'x3' की जगह उपलब्ध हो, वे माताजी की बाड़ी में 50 पौधे स्थापित करें तथा वर्ष 2026 तक उनका पालन-पोषण करें।
- श्रद्धा रोपणी: प्रत्येक शक्तिपीठ अपने यहाँ 10'x10' की रोपणी तैयार करे जिसमें 500-1000 पौधे तैयार हो सकते हैं। इन पौधों को जन्मदिन, विवाहदिन पर तरूप्रसाद के रूप में उपयोग करें।
- उपरोक्त दोनों में तैयार पौधों का उपयोग 2026 में माताजी के शताब्दी वर्ष में स्मृतिवन, उपवन आदि में किया जाएगा।
- वृहद वृक्षारोपण: अपने क्षेत्र में खाली भूमि/टेकरी/पहाड़ी/विद्यालय/नदी के तट को गोद लेकर माँ भगवती स्मृति उपवन के रूप में विकसित करें।
- गमलों में स्वास्थ्य: चयनित 20 वनौषधियों को घर पर गमलों में रोपण कर सामान्य स्वास्थ्य रक्षण करें।
- लघु आरोग्य वाटिका: तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, वासा, हल्दी, अदरक, कालमेघ, शरपुंखा आदि का रोपण करें।
- शाक वाटिका: घर-घर में आंगनबाड़ी का विकास करें, जिससे परिवार को पोषण हेतु रसायन रहित शाक मिले।
- बीज बम: आम, जामुन, बेल आदि के बीजों को गोबरयुक्त मिट्टी के गोले बनाकर उपयुक्त स्थानों पर रखें।
- तुलसी वृन्दावन: घर-घर में तुलसी के पौधों की स्थापना एवं वितरण।
- एक परिजन एक वृक्ष: प्रत्येक परिजन कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें।
- रक्षाबंधन पर वृक्षारोपण: भाई-बहन एक-दूसरे के नाम का वृक्ष लगाएं एवं तरु भेंट दें।
ज्ञातव्य:
- औषधीय, धार्मिक, फलदार, फूलदार, छायादार स्थानीय प्रजाति के पौधों को प्राथमिकता दें।
- सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण हेतु आवश्यक अनुमति प्राप्त करें।
- स्वच्छ एवं हरित भारत, गुरुसत्ता के लिए सार्थक श्रद्धांजलि है।
लक्ष्य, दृष्टि एवं अवधारणा
- देशभर में 5 करोड़ पेड़ लगाने और बंजर पहाड़ी क्षेत्रों को उपजाऊ एवं हरा-भरा बनाने का संकल्प।
- जनभागीदारी से पर्यावरण जागरूकता का प्रसार।
- योग-ध्यान, जड़ी-बूटी उत्पादन, एक्यूप्रेशर, आयुर्वेदिक उपचार जैसे प्रोजेक्ट्स का आरंभ।
- स्वस्थ तन, स्वच्छ मन और सभ्य समाज का विकास।
- वृक्षारोपण को पुण्यदायी कर्म ही नहीं, राष्ट्र धर्म के रूप में अपनाएं।
- पर्यावरण संरक्षण के बिना सभी योजनाएँ विफल हो सकती हैं, अतः यह सर्वोपरि है।
कहाँ और कैसे लगाएँ वृक्ष?
- अपनी जमीन में अधिकाधिक वृक्ष लगाएँ।
- शहरों में घर के सामने, गेट के दोनों ओर अशोक, गुड़हल, चाँदनी आदि लगाएँ।
- सरकारी सड़कों, रेलवे लाइन, गाँव के रास्तों, ऊसर भूमि, चरागाह, जंगल, देवस्थान, विद्यालय, राजमार्ग, श्मशान घाट, खेत की मेढ़, महाविद्यालय, पहाड़ियाँ, शक्तिपीठ, मंदिर, धर्म स्थल, नदियों-तालाबों के किनारे आदि स्थानों पर वृक्षारोपण करें।
- औषधीय गुणों वाले वृक्षों (नीम, आँवला, अशोक आदि) को प्राथमिकता दें।
- यज्ञ/दीपयज्ञ में पौधे प्रसाद रूप में वितरित करें।
- मंदिरों में त्रिवेणी, पंचवटी, हरिशंकरी आदि का रोपण करें।
- कम से कम एक वृक्ष अपने पुत्र या पुत्री के समान जिम्मेदारी से लगाएँ।
प्रेरणा एवं संदेश
आपको "तरु मित्र" और "तरु पुत्र" बनने के लिए प्रेरित करने हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, स्वस्थ शरीर-शुद्ध मन, स्वच्छ, हरा और स्वस्थ भारत का निर्माण हमारा लक्ष्य है।
गायत्री परिवार एवं डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन द्वारा 5 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प।
इस आंदोलन से 350 पहाड़ियाँ हरी-भरी की गईं।
आइए, वृक्षगंगा अभियान से जुड़ें और धरती माँ का आँचल पुनः हरा-भरा करें।

