अंगदान करने के लिए कोई बहुत कठिन प्रक्रिया नहीं है। लेकिन यह ज़रूरी है कि आप अपनी इच्छा को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, पंजीकरण कराएं, और अपने परिवार को इसके बारे में बताएं, ताकि आपकी मृत्यु के बाद आपकी इच्छा का सम्मान हो सके।
अंगदान करने की प्रक्रिया – चरण दर चरण
1. अंगदान करने की इच्छा बनाएं
सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है कि आप अंगदान करने का निर्णय लें। यह एक व्यक्तिगत, भावनात्मक और मानवीय निर्णय है।
2. ऑनलाइन पंजीकरण करें (Donor Card प्राप्त करें)
भारत सरकार द्वारा अंगदान के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल उपलब्ध है:
https://www.notto.mohfw.gov.in
यहाँ पर आप "Pledge for Organ Donation" सेक्शन में जाकर अपना नाम, पता, रक्त समूह, अंग/ऊतक आदि की जानकारी भरकर अंगदाता बनने की शपथ ले सकते हैं।
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फॉर्म भरने के बाद आपको एक Donor Card मिलेगा।
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इसे आप डाउनलोड करके प्रिंट कर सकते हैं या डिजिटल रूप में अपने पास रख सकते हैं।
3. अपने परिवार को बताएं
यह सबसे ज़रूरी कदम है। आपकी मृत्यु के बाद अंगदान तभी हो सकता है जब आपके परिवार के सदस्य इसके लिए अनुमति दें। यदि वे इस बारे में नहीं जानते होंगे, तो वे सहमति न भी दें।
उन्हें बताएं कि आपने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है और आप चाहते हैं कि आपके जाने के बाद अंगदान हो।
4. Donor Card अपने पास रखें
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कार्ड को अपने पहचान पत्रों (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड) के साथ रखें।
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आप चाहें तो अपने मोबाइल में एक नोट या मेडिकल आईडी में यह जानकारी सेव कर सकते हैं।
5. जीवनकाल में अंगदान (यदि संभव हो)
अगर आप जीवित अंगदाता बनना चाहते हैं (जैसे कि किसी जरूरतमंद को गुर्दा या यकृत का हिस्सा देना), तो आपको संबंधित अस्पताल और ट्रांसप्लांट सेंटर से संपर्क करना होगा।
ज़रूरी बातें
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कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हो, अंगदाता बनने की शपथ ले सकता है।
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मृत्यु के बाद दान तभी संभव है जब ब्रेन डेड घोषित किया गया हो और अंग उपयोग करने योग्य हों।
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सरकार द्वारा अधिकृत अस्पताल ही अंग प्रत्यारोपण प्रक्रिया को अंजाम देते हैं।
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कोई शुल्क नहीं लिया जाता – अंगदान पूरी तरह निःशुल्क और सेवाभाव से होता है।
किसी को तत्काल मदद चाहिए तो क्या करें?
अगर आप किसी ऐसे रोगी को जानते हैं जिसे ट्रांसप्लांट की ज़रूरत है:
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वह अस्पताल से संपर्क करें जो ट्रांसप्लांट सुविधा देता है।
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अस्पताल Zonal Transplant Coordination Centre (ZTCC) या NOTTO से जुड़ा होता है और आवश्यक प्रक्रिया करता है।
महत्वपूर्ण संपर्क (भारत में)
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NOTTO हेल्पलाइन: 1800 11 4770 (टोल फ्री)
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ईमेल: dir@notto.nic.in

