• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Tuesday 07, October 2025

×

VIDEO
वासनाएँ बनाम आत्मशक्ति | लक्ष्यहीन जीवन का दुर्भाग्य और आत्मिक संपदा का महत्व

वासनाएँ बनाम आत्मशक्ति | लक्ष्यहीन जीवन का दुर्भाग्य और आत्मिक संपदा का महत्व

3 likes 8529 views 1 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
प्रतिभा — जीवन के प्रश्नों के नए समाधान खोजने की शक्ति

प्रतिभा — जीवन के प्रश्नों के नए समाधान खोजने की शक्ति

3 likes 8528 views 1 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
आध्यात्मिक वातावरण: जीवन की आत्मिक चिकित्सा का स्रोत

आध्यात्मिक वातावरण: जीवन की आत्मिक चिकित्सा का स्रोत

3 likes 8564 views 1 shares
Like
Share
Comment



IMAGE
Image वीडियो अपडेट
4 likes 8578 views 5 shares
Like
Share
Download
Comment
IMAGE
Image वीडियो अपडेट
5 likes 8498 views 7 shares
Like
Share
Download
Comment
VIDEO
बसायें एक नया संसार, कि जिसमें छलक रहा हो प्यार, Basayen Ek Naya Sansaar | Mata Bhagwati Devi Bhajan

बसायें एक नया संसार, कि जिसमें छलक रहा हो प्यार, Basayen Ek Naya Sansaar | Mata Bhagwati Devi Bhajan

16 likes 11264 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
अमृत सन्देश:- ब्रह्ममुहूर्त का संदेश

अमृत सन्देश:- ब्रह्ममुहूर्त का संदेश

16 likes 11271 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
28 likes 11579 views 3 comments 33 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
23 likes 11434 views 2 comments 12 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
23 likes 11431 views 2 comments 7 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
22 likes 11428 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
22 likes 11424 views 6 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
25 likes 11429 views 1 comments 9 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
22 likes 11417 views 6 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
23 likes 11421 views 12 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
15 likes 11462 views 14 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
15 likes 11470 views 16 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
10 likes 11431 views 5 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
10 likes 11436 views 7 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
15 likes 11470 views 11 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
13 likes 11489 views 10 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
9 likes 11422 views 9 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
9 likes 11451 views 8 shares
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


मस्तिष्क और हृदय का संतुलन | Mastisk Aur Hriday Ka Santulan

10 likes 11321 views
Like
Share
Comment



!! शांतिकुंज दर्शन 07 October 2025 !! !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

15 likes 11320 views 1 comments 4 shares
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



05   हमारा मस्तिष्क सिद्धांत से भरा हुआ पड़ा हो, इसमें क्या करना पड़ेगा? कुछ भी नहीं करना पड़ेगा। मस्तिष्क को वो ठीक करना पड़ेगा और हृदय में श्रद्धा। हृदय में श्रद्धा बेटे, वो ले ले। पीपल की लकड़ी को हाली से फाड़ नहीं जायेगी बेटे।

क्रिया पक्ष नहीं है, वह क्रिया पक्ष नहीं। क्रिया पक्ष वही था, कल जो हम बता रहे थे। कल जो बता रहे थे, हम चिंतन बता रहे थे, दृष्टिकोण बता रहे थे, आदर्श बता रहे थे, आस्थाएँ बता रहे थे, मान्यताएँ बता रहे थे, प्रज्ञा की बात कह रहे थे, निष्ठा की बात कह रहे थे, आस्थाओं की बात कह रहे थे।

और यह केवल विश्वास और संबंध रखती है। इसके लिए क्रिया की कोई जरूरत नहीं है। अब आपको क्रिया की कोई जरूरत नहीं बेटे।

क्रिया की जरूरत बताते हैं। आज हम क्रिया की जरूरत बताते हैं। चार क्रियाएं करनी पड़ती हैं। इसके लिए—किसके लिए? अगर हमको आध्यात्मिक मार्ग पर चलना पड़े, तो हमको चार क्रियाएँ करनी पड़ेगी। एक क्रिया करने से काम चलेगा नहीं। एक से नहीं चलेगा, चार क्रियाएँ करनी पड़ती हैं।

चार क्रियाएँ कैसे? देख, इमारत जो हमने बनाई है, इस इमारत में चार चीजें लगाई हैं। क्या-क्या लगाई हैं इनमें?
ईंट — एक।
दूसरा, चूना या सीमेंट — दो।
और एक लकड़ी — तीन।
और एक लोहा — चार।

इनके बिना इमारत नहीं बन सकती। कोई भी इमारत ढूंढ लो, चार के बिना नहीं बनेगी।

खेती करने के लिए चार चीजों की जरूरत पड़ती है। क्या-क्या चीज की जरूरत पड़ती है?
जमीन — एक।
बीज — दो।
खाद-पानी — तीन।
और रखवाली — चार।

बिना रखवाली किए ले लेगा नहीं बेटे। चाहे जमीन अच्छी हो तेरी, चाहे खाद-पानी डाल ले, बिना रखवाली के कुछ नहीं होगा। जानवर खा जाएंगे, कौवे खा जाएंगे, सियार खा जाएंगे। कुछ नहीं होगा, रखवाली नहीं करेगा तो।

शरीर को जिंदा रखने के लिए, हमको चार चीजों की जरूरत होती है। हमारा पेट नहीं भरेगा, तो हम मर जाएंगे भूखे। इसलिए हमको पेट भरना चाहिए, रोटी-पानी मिलनी चाहिए — एक।
हमको सोने का इंतज़ाम होना चाहिए — दो।
सोएंगे नहीं, तो बेटे, पंद्रह दिन जब हम नहीं सोएंगे, तब हम हो जाएंगे पागल। और पंद्रह दिन के अलावा, कोई महीने भर तक अगर हम ऐसा करें, सोने नहीं दें, तो हमारा दिमाग खराब हो जाएगा और हमारी मृत्यु हो जाएगी।
हम जी नहीं सकेंगे किसी तरीके से अगर हमको सोने को नहीं मिलेगा।
तो सोने की जरूरत है, खाने के बराबर सोने की जरूरत है — दो।

और मुझे श्रम की जरूरत है। हमारे हाथ-पाँव को हिलने का मौका मिलना चाहिए और हमको चलना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए — तीन।
नहीं करेंगे, हाथ-पाँव लिए बैठे रहेंगे, तो महीने भर के भीतर, हाथ-पाँव सब जकड़ जाएंगे।
और जकड़कर के गठिया, लकवा हो जाएगा। फिर हाथ हिलना मुश्किल पड़ जाएगा।
फिर हमारा यह हाथ हिलना ही मुश्किल पड़ जाएगा।

पेट हमारा काम ही नहीं करेगा! अगर हम हिलेंगे नहीं तो बेटे, हजम ही नहीं होगा। खून चलेगा ही नहीं।
हाथ-पाँव हिलेंगे नहीं, तो श्रम जरूरी है हमारे जीवन के लिए।

9 likes 11328 views 1 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



संसार की अच्छी-बुरी तस्वीर वस्तुतः हमारे दृष्टिकोण और मनोदशा का ही प्रतिफलन है। दूसरों को भले रूप में देखना, भले दृष्टिकोण और बुरे रूप में देखना, बुरे दृष्टिकोण का ही परिणाम है। एक ही कोई व्यक्ति किसी को भला और हमें बुरा दीखता है तो इसको हम दोनों का दृष्टि वैचित्र्य ही माना जायेगा। यदि वह व्यक्ति अच्छा या बुरा ही होता, तो हम दोनों को अच्छा या बुरा ही दीखना चाहिये। जिस मरणासन्न रोगी कुत्ते को देखकर लोग घृणा से मुंह फेर लेते थे, उसको छू कर आती हुई हवा से बचते थे, उसी में दया और प्रेम की पवित्रता से प्रकाशमान् हृदय वाले ईसा मसीह ने भगवान् की प्रभुता का दर्शन किया और विह्वल होकर गोद में उठा लिया।

एक मन्दिर में भौतिक और आध्यात्मिक भिन्न दृष्टिकोण वाले दो व्यक्ति जाते हैं और प्रतिमा को ध्यानपूर्वक देखते हैं। जहां भौतिक दृष्टिकोण का व्यक्ति मूर्ति के पत्थर, मुकुट और साज-श्रृंगार तक सीमित रहकर उसका मूल्य और कोटि ही देखता रहता है, वहां आध्यात्मिक दृष्टिकोण वाला उसमें भगवान् की झांकी का दर्शन करता हुआ, भक्ति-भावना में विभोर हो जाता है। उसी प्रकार यदि चोर व्यक्ति उसको देखता है, तो उसे बड़ा माल दीखता है और चोरी के दांव-घात सोचने लगता है और यदि कोई उदार दानी देखता है, तो सोने लगता है कि अभी यहां पर इस वस्तु या इस बात की पूर्ति नहीं हो पाई है, यह पूर्ति होनी चाहिये और उसकी उदार वृत्ति कुछ कर सकने के लिये प्रेरित हो उठती है।

 

संसार की भलाई-बुराई इतना महत्त्व नहीं रखती, जितना कि हमारा निज का दृष्टिकोण। यदि हमारा दृष्टिकोण दूषित नहीं है, तो हमको संसार में दोष दिखाई ही न देंगे और यदि दिखाई भी देंगे, तो न हमारा ध्यान ही उधर जायेगा और न हम उसको कोई महत्त्व ही देंगे। जिसे हम प्यार करते हैं, जिसके प्रति हमारी मनोभावना अनुकूल है, दृष्टिकोण स्निग्ध एवं सरल है वह यदि कोई अप्रियता भी कर देता है, किसी बुराई या हानि का प्रमाण भी देता है, तो भी हमारे मन में उसके लिए द्वेष अथवा घृणा उत्पन्न नहीं होती, हम उसे हंसकर टाल देते हैं अथवा उधर ध्यान ही नहीं देते। इसके विपरीत यदि हमारा दृष्टिकोण दूषित है, तो पीलिया के रोगी की तरह हमें सारा संसार पीला-पीला ही दिखाई देगा। किसी की साधारण-सी भूल भी हमें पहाड़ जैसी दीखेगी और हम अपना अप्रिय करने वाले से लड़ने-झगड़ने को तैयार हो जायेंगे।

संसार का अपना कोई विशेष स्वरूप नहीं है। वह हर मनुष्य को उसके मनोभावों के अनुकूल ही दिखाई देता है। हमारा मानसिक प्रतिबिम्ब ही हमें बाह्य संसार में प्रतिफलित होता हुआ दिखाई देता है। दूसरे को भले रूप में देखना हमारी पुरोगामी मानसिक दशा का और बुरे रूप में देखना प्रतिगामी मानसिक दशा का परिणाम है। मनुष्य का जैसा दृष्टिकोण होता है, उसके विचार भी उसी के अनुसार बन जाते हैं। सर्वत्र सच्चाई और अच्छाई का दृष्टिकोण रखने वाले को संसार में कहीं भी अप्रियता अथवा प्रतिकूलता दिखलाई नहीं देती और दृष्टिकोण के प्रतिगामी होते ही संसार में बुराई के सिवाय और कुछ दिखाई ही नहीं देता।

.... क्रमशः जारी
पं श्रीराम शर्मा आचार्य
 अखण्ड ज्योति दिसम्बर 1968 पृष्ठ 38

8 likes 11395 views 1 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

220472328



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj