• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • गायत्री महामन्त्र
    • धर्म का अभ्युत्थान करो।
    • धर्म का अभ्युत्थान करो (Kavita)
    • गायत्री महिमा के 24 सूत्र
    • सच्ची शिक्षा का महान आयोजन
    • सच्चे धन की याचना
    • साधकों को चेतावनी
    • माता को आत्म समर्पण
    • आर्य समाज और गायत्री
    • गायत्री उपासक सोम शर्मा
    • गायत्री साधना निष्फल नहीं होती।
    • Quotation
    • गायत्री साधना के चमत्कार
    • उपासना के कुछ प्रत्यक्ष परिणाम
    • कठिन प्रारब्ध से सहज छुटकारा
    • भयंकर काले सर्प का विष निवारण
    • बालक की जीवन रक्षा
    • सुविधाजनक स्थान और अवसर
    • पारिवारिक वातावरण में सुधार
    • अनेक समस्याओं का समाधान
    • गायत्री द्वारा रोग निवारण
    • गायत्री द्वारा प्रेतबाधा का निवारण
    • पिता जी की प्राण रक्षा
    • Quotation
    • निराशा में आशा का प्रकाश
    • गायत्री साधना में वाक्य सिद्धि
    • महात्मा गायत्री स्वरूप जी
    • गायत्री की महिमा
    • अभीष्ट स्थान पर नियुक्ति
    • गायत्री तीर्थ की स्थापना समारोह
    • गायत्री की अलौकिक शक्ति
    • गायत्री-यज्ञ
    • गायत्री-यज्ञ (Kavita)
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Magazine - Year 1953 - Version 2

Media: TEXT
Language: HINDI
TEXT SCAN


कठिन प्रारब्ध से सहज छुटकारा

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 14 16 Last
( श्री मगन लाल गाँधी, नवसारी )

कठिन प्रारब्ध भोगों का कुचक्र ऐसा है जिसे भोगे बिना मनुष्य को छुटकारा नहीं मिलता। दशरथ जी भगवान राम के पिता थे, उनकी मृत्यु पुत्र शोक में अर्त बिलख बिलख कर हुई। इस प्रकार की मृत्यु संसार में सबसे अधिक कष्टदायक होती है। रामचन्द्र जी भगवान होते हुए भी अपने पिता जी को ऐसी करुणा जनक मृत्यु से न बचा सके। इसी प्रकार पाण्डवों का वृत्ताँत है। द्रौपदी का अपमान, अभिमन्यु का वध, अज्ञात वनवास, दास्यवृत्ति, नाना प्रकार के त्रास और अन्त में बर्फ में गलकर मरने की पीड़ा इतने दुख पाण्डवों को निरन्तर सहने पड़े, बेचारे जीवन भर परेशान रहे। भगवान कृष्ण उनके परम सखा, सहायक एवं सम्बन्धी थे फिर भी वे उनके प्रारब्ध भोगों को मिटाने में सफल न हो सके।

कई बार सत्पुरुषों को भी पूर्व संचित प्रारब्ध भोगों के कारण दुख उठाने पड़ते हैं। राजा विक्रमादित्य, हरिश्चन्द्र, अम्बरीष, नल आदि को जो कष्ट उठाने पड़े वे किसी से छिपे नहीं हैं। अहिल्या, द्रौपदी, शैव्या, आदि देवियों को जो कष्ट सहने पड़े उसमें उनके तात्कालिक कर्म कारण नहीं थे। उनके तत्कालीन जीवन तो परम पवित्र थे उसमें कोई कारण त्रास मिलने का न था फिर भी उन्हें किन्हीं भोगों को भोगने के लिए विवश होना पड़ा। ऐसी घटनाएं इस संसार में अनेकों घटित होती रहती हैं।

मुझे भी एक ऐसी ही घटना का सामना गत वर्ष-2 अप्रैल सन् 52 को करना पड़ा। मेरी दुकान में अचानक आग लग गई और देखते देखते हजारों रुपयों का सामान जलकर भस्म हो गया। अग्निकाण्ड की भयंकरता को देखते हुए पड़ौसी दुकानदारों का प्राण सूख रहा था, उनकी दुकान में भी आग फैल जाती तो अनेकों का भयंकर अनिष्ट होता। आग बुझाने के प्रयत्नों के साथ साथ हम लोग मन ही मन भगवान को पुकार रहे थे कि अब इस अनिष्ट को आगे बढ़ने से रोकिये। मेरी श्रद्धा गायत्री माता पर है माता का ध्यान रखने और उनसे अपनी आर्त पुकार करने के अतिरिक्त और कोई मार्ग न सूझ पड़ता था। दुकान जल जाने के बाद फिर क्या होगा मेरा कैसे गुजारा होगा यह चिंता सभी दर्शकों एवं हितैषियों के चित्त को दुखी बना रही थी। किसी प्रकार आग काबू में आई और उद्विग्नता कम हुई।

दुकान की आग बुझ गई पर चिन्ता और निराशा की आग जल उठी। हरि का हरनाम सहायक होता है। गायत्री माता से बेड़ा पार करने की पुकार करने लगा। और करता भी क्या ?

सच्ची प्रार्थना निष्फल नहीं जाती। मेरी भी निष्फल नहीं गई। कुछ समय पूर्व अनायास और अनिष्ठा पूर्वक दुकान का बीमा करा लिया था वह इस आड़े समय में काम आया जितनी हानि हुई थी उसके अधिकाँश की पूर्ति हो गई। एक और से मेरा भोग भुगत गया दूसरी और विगत कई वर्षों की लगातार गायत्री उपासना के फलस्वरूप उस हानि की पूर्ति भी हो गई।

काल पुरुष अपना काम करता है, प्रारब्ध भोग छूटते नहीं, पर माता की कृपा भी अपना काम करती है। डॉक्टर का तेज चाकू आपरेशन करता है पर दयामयी नर्स शीतल मरहम लगाने को तैयार रहती हैं। माता का अंचल पकड़कर हम अपने कठिन कर्मों के भवसागर को आसानी और सुविधापूर्वक पार कर सकते हैं।

First 14 16 Last


Other Version of this book



Version 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Version 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books


Articles of Books

  • गायत्री महामन्त्र
  • धर्म का अभ्युत्थान करो।
  • धर्म का अभ्युत्थान करो (Kavita)
  • गायत्री महिमा के 24 सूत्र
  • सच्ची शिक्षा का महान आयोजन
  • सच्चे धन की याचना
  • साधकों को चेतावनी
  • माता को आत्म समर्पण
  • आर्य समाज और गायत्री
  • गायत्री उपासक सोम शर्मा
  • गायत्री साधना निष्फल नहीं होती।
  • Quotation
  • गायत्री साधना के चमत्कार
  • उपासना के कुछ प्रत्यक्ष परिणाम
  • कठिन प्रारब्ध से सहज छुटकारा
  • भयंकर काले सर्प का विष निवारण
  • बालक की जीवन रक्षा
  • सुविधाजनक स्थान और अवसर
  • पारिवारिक वातावरण में सुधार
  • अनेक समस्याओं का समाधान
  • गायत्री द्वारा रोग निवारण
  • गायत्री द्वारा प्रेतबाधा का निवारण
  • पिता जी की प्राण रक्षा
  • Quotation
  • निराशा में आशा का प्रकाश
  • गायत्री साधना में वाक्य सिद्धि
  • महात्मा गायत्री स्वरूप जी
  • गायत्री की महिमा
  • अभीष्ट स्थान पर नियुक्ति
  • गायत्री तीर्थ की स्थापना समारोह
  • गायत्री की अलौकिक शक्ति
  • गायत्री-यज्ञ
  • गायत्री-यज्ञ (Kavita)
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj