गायत्री द्वारा रोग निवारण
Listen online
View page note
Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
(डॉ. जगदीश निगम, कानपुर)
मैं डॉक्टर हूँ। डाक्टरी मेरी व्यवसाय है। दो वर्ष से मैं गायत्री की उपासना करता हूँ। रोग निवारण के लिए जितनी उपयोगी दवाएं सिद्ध नहीं होती उससे अधिक गायत्री के उपचार सिद्ध होते हैं। कितने ही कष्ट साध्य रोगियों पर मैं गायत्री मन्त्र का उपयोग करके आश्चर्यजनक लाभ देख चुका हूँ। उनमें से कुछ का संक्षिप्त विवरण नीचे प्रस्तुत कर रहा हूँ।
1- एक 16 वर्ष की लड़की जिसको फिट (दौरे) आने लगे थे और एक दिन वह फिट में पड़ी थी हर तरह से लोग होश में लाने की कोशिश कर रहे थे मगर होश में न आ सकी मैं जब पहुँचा और मंत्र पढ़कर उसके मुँह पर छींटा मारते ही उसने आँख खोल दी और ठीक हो गई लोग देखते रह गये।
2- बच्चे को नजर लग गई थी वह किसी तरह से चुप नहीं होता था, खूब जोर-जोर से रो रहा था और उछलता था मैंने उसके ऊपर 3 बार फूँक कर डाल दिया जिससे बच्चा फौरन ठीक हो गया।
3- एक स्त्री जिसको कि उसकी सौत लगी थी जिससे उसके खून माहवारी बहुत दिनों तक जारी रहता था, खाना नहीं खाती थी, हमेशा लेटी रहती थी इलाज काफी हुआ और बहुत से झाड़ने वाले भी आये मगर कुछ न हुआ जब मेरे पास इलाज के लिये आई तो मैं भी दवा देता रहा जिससे कुछ ठीक नतीजा न मिला। एक दिन मेरी तबियत में माता का ध्यान और इच्छा प्रकट हुई तो मैंने एक गिलास पानी मंगवाया और उसमें 6 बार मन्त्र पढ़-कर फूँक दिया और दिन भर उसको पीने को दिया जिससे वह बिलकुल ठीक हो गई और किसी प्रकार का रोग उसका अब तक नहीं हुआ है।
4- एक 18 साल का लड़का बेहोश पड़ा था बोल बन्द था, उसका इलाज हुआ और झाड़फूंक भी हुई मगर कुछ लाभ न हुआ। तब मेरे पास इलाज को आया मैंने भी दवाइयां दीं, मगर कोई लाभ न हुआ। तब मैंने उसको 7 बार गायत्री मंत्र की फूँक दी 2 दिन के बाद वह ठीक हो गया और फिर दवा होती रही और वह ठीक हो गया।
मेरा ध्यान हर समय अनुष्ठान करने में ही रहता है प्रायः तो मैं 11 माला सुबह और 3 माला शाम को जपता हूँ और पूजा मैं नहीं जानता हूँ। आगे आप मुझको समझाइयेगा। मैं चाहता हूँ कि आप मुझको गायत्री माता की चन्द फोटो यानी 6 फोटो अलग अलग बड़ी साइज की भेजने की कृपा करें। किताब नहीं रखी जा सकती है, कुछ कार्य के अनुष्ठान हवन बतायें ताकि लोगों के यहाँ पर जाकर कर सकूँ और उनको तत्काल लाभ हो जैसा कि यहाँ पर एक सज्जन हवन करते हैं और वह हवन में जरा सी आग रखकर जाप कर रहे हैं जिससे हवन थोड़ी देर में जलने लगता है और लोगों को विश्वास हो जाता है वह श्री हनुमान जी के उपासक मालूम होते हैं उनकी बीवी बुखार में बहुत दिनों से बीमार है मैंने उनसे हवन के लिए कहा था मगर उन्हें विश्वास नहीं है मुझको अकर्सन और फलौन का तरीका बताइयेगा- ताकि मैं अभ्यास करता रहूँ। मेरे पास अनुभव बहुत है मगर मैं आपको क्या क्या लिखूँ खैर चन्द अनुभव मैं आपको लिख रहा हूँ।
1- एक 16 वर्ष की लड़की कुमारी को रोजाना 6-7 बजे शाम को फिट आ जाते थे उसका इलाज किया गया मगर कुछ लाभ नजर न आया उसकी दाँती बैठ जाती थी, हाथ पाँव में ऐंठन होती थी, एक सज्जन ने कहा कि इसके ऊपर वदम देव है नहीं जा सकते हैं। मैं हवन ही करके हटा सकता हूँ और कोई नहीं हटा सकता है। मैंने कहा आज फिट नहीं आवेंगे जाकर उसका हाथ पकड़ कर 7 बार गायत्री मन्त्र पढ़कर फूँक दिया और कहा कि आज तुम सपना देखोगी सुबह बताना फिट नहीं आया और रात में उसने सपने में देखा कि 2 बाबा आये और कहा कि मैं नहीं आ सकती हूँ तो फिर उन्होंने लड़की के पीछे साँप छोड़ दिया लड़की भागी भागी फिरती रही फिर नींद खुल गई। उसकी माँ ने देखा कि एक कन्या लाल चुनरी पहने ऊपर से आ रही है और लड़की के पास आकर गायब हो गई उसी दिन से ठीक है और कोई रोग भी नहीं है।
2- मेरे बच्चे को कई दिन से तेज बुखार था। और खसरा भी निकल आया। मेरी इच्छा किसी दिन भी उससे बोलने को न हुई दवा दे जाती थी। यकायक एक दिन सुबह को जब मैं जाप करके उठा और पानी बच्चे के ऊपर छोड़ा और प्रेम से एक बार मन्त्र से फूँक डाला जिससे फौरन माता ने रक्षा की और बच्चा उसी समय से खेलने लगा।
3- एक अखबार देने वाले का लड़का जिसकी उमर 4 साल की थी खसरा में सख्त बीमार हो गया था यहाँ तक कि बचने की कोई उम्मीद न थी। उस बच्चे का पिता उसके जीवन से निराश हो गया था। मुझको इलाज के लिये बुलाने आया और अभी तक उसने देवी जी के पूजा ही करता रहा था। मैंने देखा और भगवती से प्रार्थना की बच्चा उसी से ठीक होता गया और आजकल आनन्द से खेल रहा है।
4- एक 4 साल का बच्चा तेज बुखार में पड़ा था, चौंकता था, आँख बन्द किये था, दवा डॉक्टर के यहाँ से आई थी और आजकल छोटी माता का प्रकोप भी है। मैंने 7 बार गायत्री मंत्र पढ़कर फूंक दिया और चला आया मगर शाम को उसके पिता भी बच्चे को लाये और बताया कि बच्चा अब बिलकुल ठीक है, गुरुजी दवा तो बिलकुल देने की जरूरत भी नहीं पड़ी, भगवती की कृपा से बिलकुल ठीक है।

