• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • विषय प्रवेश
    • पूर्व व्यवस्था
    • पवित्रीकरणम्
    • सूर्य ध्यान-प्राणायामः
    • चन्दन धारणम्
    • संकल्प सूत्र धारणम्
    • कलश पूजनम्
    • देव नमस्कारः
    • गुरु वन्दना
    • देव नमस्कारः
    • पंचोपचार पूजनम्
    • अग्नि स्थापनाम्
    • गायत्री स्तवनम्
    • गायत्री मंत्राहुतिः
    • महामृत्युञ्जय मन्त्राहुतिः
    • पूर्णाहुतिः
    • आरती
    • गायत्री-स्तुति
    • हमारा युग निर्माण सत्संकल्प
    • विसर्जनम्
    • शान्ति-अभिषिंचनम्
    • जय घोष
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Books - युग यज्ञ पद्धति

Media: TEXT
Language: HINDI
SCAN TEXT


हमारा युग निर्माण सत्संकल्प

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 24 26 Last
15.1. प्रेरणा- सत्संकल्प हमारे मिशन के आधारभूत सिद्धान्तों और मान्यताओं का सार-संग्रह है। पूजा, जप आदि के अन्त में इसका पाठ नित्य किया करें। ऐसा करने से आपको न केवल श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा मिलती रहेगी, वरन् आप मिशन की आत्मा को पहचान कर उसके साथ एकरस भी हो सकेंगे। (सत्संकल्प सामूहिक रूप से दुहराया जाये।) 1. हम ईश्वर को/ सर्वव्यापी, न्यायकारी मानकर/ उसके अनुशासन को/ अपने जीवन में उतारेंगे। 2. शरीर को भगवान् का मंदिर समझकर/ आत्म संयम और नियमितता द्वारा/ आरोग्य की रक्षा करेंगे। 3. मन को कुविचारों और दुर्भावनाओं से/ बचाये रखने के लिए/ स्वाध्याय एवं सत्संग की/ व्यवस्था रखे रहेंगे। 4. इन्द्रिय-संयम/ अर्थ-संयम/ समय-संयम/ और विचार-संयम का/ सतत अभ्यास करेंगे। 5. अपने आपको/ समाज का एक अभिन्न अंग मानेंगे/ और सबके हित में/ अपना हित समझेंगे। 6. मर्यादाओं को पालेंगे/ वर्जनाओं से बचेंगे/ नागरिक कर्त्तव्यों का पालन करेंगे/ और समाजनिष्ठ बने रहेंगे। 7. समझदारी, ईमानदारी/ जिम्मेदारी और बहादुरी को/ जीवन का एक अविच्छिन्न अंग मानेंगे। 8. चारों ओर/ मधुरता, स्वच्छता,/ सादगी एवं सज्जनता का/ वातावरण उत्पन्न करेंगे। 9. अनीति से प्राप्त सफलता की अपेक्षा/ नीति पर चलते हुए/ असफलता को शिरोधार्य करेंगे। 10. मनुष्य के मूल्यांकन की कसौटी/ उसकी सफलताओं/ योग्यताओं/ एवं विभूतियों को नहीं/ उसके सद्विचारों और/ सत्कर्मों को मानेंगे। 11. दूसरों के साथ/ वह व्यवहार नहीं करेंगे/ जो हमें अपने लिए पसंद नहीं। 12. नर-नारी परस्पर/ पवित्र दृष्टि रखेंगे। 13. संसार में सत्प्रवृत्तियों के/ पुण्य-प्रसार के लिए/ अपने समय/ प्रभाव, ज्ञान/ पुरुषार्थ एवं धन का/ एक अंश नियमित रूप से लगाते रहेंगे। 14. परम्पराओं की तुलना में/ विवेक को महत्त्व देंगे। 15. सज्जनों को संगठित करने/ अनीति से लोहा लेने/ और नवसृजन की गतिविधियों में/ पूरी रुचि लेंगे। 16. राष्ट्रीय एकता/ एवं समता के प्रति/ निष्ठावान् रहेंगे। जाति, लिंग/ भाषा, प्रान्त/ सम्प्रदाय आदि के कारण/ परस्पर कोई भेद-भाव न बरतेंगे। 17. मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है/ इस विश्वास के आधार पर/ हमारी मान्यता है कि/ हम उत्कृष्ट बनेंगे/ और दूसरों को श्रेष्ठ बनायेंगे/ तो युग अवश्य बदलेगा। 18. ‘हम बदलेंगे-युग बदलेगा’/‘हम सुधरेंगे-युग सुधरेगा’/ इस तथ्य पर/ हमारा परिपूर्ण विश्वास है। शान्ति-अभिषिंचनम् 26.1. प्रेरणा- दीपयज्ञ के इस आध्यात्मिक प्रयोग से जो प्रेरणा और अनुदान प्राप्त हुए हैं, वे स्थिर हों, फलित हों, सभी तरह के पापों का शमन हो, सभी को शान्ति प्राप्त हो। इस भावना के साथ शान्ति पाठ करें। जिन्हें मंत्र याद है, वे सभी हमारे साथ-साथ शान्ति पाठ करें। (कार्यकर्त्तागण कलश का जल लेकर सब पर सिंचन करें।) ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्ष शान्तिः, पृथिवी शान्तिरापः, शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः, शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः, सर्व शान्तिः, शन्तिरेव शान्तिः, सा मा शान्तिरेधि ।। ॐ शांन्तिः ! शान्तिः !! शान्तिः !!! सर्वारिष्टसुशान्तिर्भवतु ।।
First 24 26 Last


Other Version of this book



युग यज्ञ पद्धति - दीप यज्ञ
Type: SCAN
Language: HINDI
...

युग यज्ञ पद्धति
Type: TEXT
Language: HINDI
...

ಯುಗ ಯಜ್ಞ ಪದ್ಧತಿ
Type: SCAN
Language: EN
...

யுக யக்ஞ பத்ததி
Type: SCAN
Language: EN
...

Deep Yagya
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

યુગ યજ્ઞ પદ્ધતિ
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...


Releted Books



गायत्री साधना और यज्ञ प्रक्रिया
Type: TEXT
Language: HINDI
...

ગાયત્રી સાધના અને યજ્ઞ પ્રક્રિયા
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

गायत्री साधना और यज्ञ प्रक्रिया
Type: SCAN
Language: EN
...

दीप यज्ञों की दीप मालिका
Type: SCAN
Language: HINDI
...

दीप यज्ञों की दीप मालिका
Type: TEXT
Language: HINDI
...

वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः
Type: TEXT
Language: HINDI
...

યુગ સંસ્કાર પદ્ધતિ
Type: SCAN
Language: EN
...

யுக ஸம்ஸ்கார பத்ததி
Type: SCAN
Language: EN
...

युग संस्कार पद्धति
Type: SCAN
Language: EN
...

युग संस्कार पद्धति
Type: TEXT
Language: HINDI
...

The Integrated Science of Yagna
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

యజ్ఞము ఒక సమగ్ర శాస్త్రము
Type: SCAN
Language: EN
...

बलि वैश्व
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री महाविज्ञान
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री महाविज्ञान-भाग २
Type: SCAN
Language: EN
...

गायत्री महाविज्ञान-भाग १
Type: SCAN
Language: MARATHI
...

Gayatri Mahavigyan Part 3
Type: SCAN
Language: EN
...

Gayatri Mahavigyan Part 1
Type: SCAN
Language: EN
...

गायत्री महाविज्ञान
Type: SCAN
Language: HINDI
...

Super Science of Gayatri
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

गायत्री महाविज्ञान (तृतीय भाग)
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री महाविज्ञान भाग 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...

गायत्री महाविज्ञान-भाग ३
Type: SCAN
Language: EN
...

बलि वैश्व
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Articles of Books

  • विषय प्रवेश
  • पूर्व व्यवस्था
  • पवित्रीकरणम्
  • सूर्य ध्यान-प्राणायामः
  • चन्दन धारणम्
  • संकल्प सूत्र धारणम्
  • कलश पूजनम्
  • देव नमस्कारः
  • गुरु वन्दना
  • देव नमस्कारः
  • पंचोपचार पूजनम्
  • अग्नि स्थापनाम्
  • गायत्री स्तवनम्
  • गायत्री मंत्राहुतिः
  • महामृत्युञ्जय मन्त्राहुतिः
  • पूर्णाहुतिः
  • आरती
  • गायत्री-स्तुति
  • हमारा युग निर्माण सत्संकल्प
  • विसर्जनम्
  • शान्ति-अभिषिंचनम्
  • जय घोष
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj