Thursday 02, October 2025
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Dussehra
गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन
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!! अखण्ड दीपक #Akhand_Deepak (1926 से प्रज्ज्वलित) चरण पादुका गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 02 October 2025 !!
अमृतवाणी: नशा छोड़ने का आसान तरीका पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य
परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश
अखण्ड-ज्योति से
इन पुराण गाथाओं से सृजनशिल्पियों को भी यही प्रेरणा मिलती है कि वे जागरुक जन को तलाश करें और उनकी आँतरिक प्रखरता का भावभरा प्रयास करें। इस प्रयोजन के लिए नवरात्रि नौ दिन तक चलने वाले साधना सत्रों से बढ़कर अधिक उपयोगी एवं अधिक सरल व्यवस्था अन्य कदाचित् ही करना बन पड़े। महान साँस्कृतिक परम्पराओं का पुनर्जीवन और सृजन के अभीष्ट आत्म-ऊर्जा का अभिवर्द्धन तथा जन-जीवन में उत्कृष्टता के समावेश का जैसा स्वर्ण सुयोग साधना सत्रों में मिल सकता है, उसकी तुलना का उपयोग-उपचार कदाचित ही कहीं खोजा जा सके। रात्रि के ज्ञानयज्ञ में वह सब कुछ कहा जा सकता है जो प्रज्ञावतार के युगांतरीय चेतना को जनमानस में प्रतिष्ठापित करने के लिए आवश्यक है।
इन तथ्यों की जानकारी तो प्रज्ञापुत्रों को पहचान भी रही है और वे नवरात्रि आयोजनों को इसी उदाहरण को लेकर पूरा करने एवं अधिकाधिक उत्साहवर्द्धक बनाने का प्रयत्न करते रहे हैं। इस बार उसमें प्रचण्ड आश्वमेधिक अनुष्ठानों एवं प्रथम पूर्णाहुति के अभूतपूर्व सफलता के बाद अग्रसर रजत जयंती वर्ष का अभिनव उत्तरदायित्व भी जुड़ गया है। नैष्ठिक साधकों , सृजन सेनानियों के अनंतगुनी विस्तार को देखते हुए जनसामान्यों में भी इन्हीं दिनों साधना क्षेत्र में नये संकल्पों का बीजारोपण एवं विकास हुआ है।
प्रत्येक नैष्ठिक साधकों को न केवल नवरात्रि अनुष्ठान साधना स्वयं करनी है वरन् जनकल्याण निमित्त अभी से लगना है तथा पुरानों को प्रोत्साहन तथा नये भावनाशीलों को तथ्यों से परिचित कराने का प्रयास भी करना है। इस बार के नवरात्रि 13 से 21 अक्टूबर का आयोजन पिछले दिनों की तुलना में अत्यधिक प्रभावी एवं प्रेरणाप्रद बन सके, इसके लिए समग्र तत्परता उत्पन्न करने वाली भाव श्रद्धा को उभारने, उछालने की आवश्यकता है।
समाप्त
पं श्रीराम शर्मा आचार्य
अखण्ड ज्योति अक्टूबर 1996
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