• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Sunday 06, April 2025

शुक्ल पक्ष दशमी, चैत्र 2025




पंचांग 07/04/2025 • April 07, 2025

चैत्र शुक्ल पक्ष दशमी, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र | दशमी तिथि 08:00 PM तक उपरांत एकादशी | नक्षत्र पुष्य 06:24 AM तक उपरांत आश्लेषा | धृति योग 06:18 PM तक, उसके बाद शूल योग | करण तैतिल 07:37 AM तक, बाद गर 08:00 PM तक, बाद वणिज |

अप्रैल 07 सोमवार को राहु 07:37 AM से 09:11 AM तक है | चन्द्रमा कर्क राशि पर संचार करेगा |

 

सूर्योदय 6:03 AM सूर्यास्त 6:35 PM चन्द्रोदय 1:39 PM चन्द्रास्त 3:33 AM अयन उत्तरायण द्रिक ऋतु वसंत

 

  1. विक्रम संवत - 2082, कालयुक्त
  2. शक सम्वत - 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत - चैत्र
  4. अमांत - चैत्र

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष दशमी   - Apr 06 07:23 PM – Apr 07 08:00 PM
  2. शुक्ल पक्ष एकादशी   - Apr 07 08:00 PM – Apr 08 09:13 PM

नक्षत्र

  1. पुष्य - Apr 06 05:32 AM – Apr 07 06:24 AM
  2. आश्लेषा - Apr 07 06:24 AM – Apr 08 07:55 AM


×

SHRAVAN
VIDEO
रामनवमी के अवसर पर शांतिकुंज में निकली भव्य शोभायात्रा

रामनवमी के अवसर पर शांतिकुंज में निकली भव्य शोभायात्रा

4 likes 103578 views 1 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
AI के नैतिक उपयोग पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के TOP 3 योगदान

AI के नैतिक उपयोग पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के TOP 3 योगदान

4 likes 102748 views 3 comments 1 shares
Like
Share
Comment



IMAGE
Image अपडेट
3 likes 102265 views
Like
Share
Download
Comment
VIDEO
महिलाओं के लिए गायत्री उपासना | Mahilaon Ke Liye Gayatri Upasana |

महिलाओं के लिए गायत्री उपासना | Mahilaon Ke Liye Gayatri Upasana |

19 likes 126655 views 5 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
हमारे मन का भगवान कौन है ? | Hamare Man Ka Bhagwan Koun Hai

हमारे मन का भगवान कौन है ? | Hamare Man Ka Bhagwan Koun Hai

19 likes 125478 views 3 shares
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
34 likes 131371 views 1 comments 49 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
23 likes 131661 views 1 comments 13 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
22 likes 130552 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
22 likes 130331 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
20 likes 129068 views 11 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
23 likes 127802 views 1 comments 13 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
20 likes 126710 views 10 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
23 likes 125814 views 6 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
16 likes 131549 views 16 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
16 likes 131363 views 21 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
9 likes 129816 views 8 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
9 likes 129212 views 11 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
13 likes 131500 views 10 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
13 likes 131409 views 8 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
8 likes 129203 views 7 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
9 likes 129852 views 8 shares
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! आज के दिव्य दर्शन 07 April 2025 !! !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

14 likes 130759 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment



!! परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी का अमृत सन्देश !!

11 likes 130707 views 3 shares
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



पाँच चीजें जो पंचोपचार की हैं, जब इनमें से एक चीज चढ़ाया करें तो अपने विचारों को वस्तुओं के साथ-साथ उसी तरीके से लगा दिया करें, जिस प्रकार शिक्षण के लिए उसका आधार बनाया गया है। क्या बनाया गया है? जल चढ़ाते हैं हम, सबसे पहले देवता का पूजन करते हैं जल चढ़ाने के लिए। जल चढ़ाते हैं हम, पाद्यम समर्पयामि, अघ्र्यम समर्पयामि, आचमनम समर्पयामि। तीन चमचों से, तीन बाल्टियों से कराता है, कि तीन चमचों से महाराज जी, मैंने तो तीन बाल्टियों से नहीं कराता, तीन चमचों से करता हूँ। तो पहले ये बता, कि स्नानं समर्पयामि। भगवान जी को स्नान कराता है, महाराज जी, कैसे कराता है? एक चम्मच से कैसे नहा लेगा? एक चम्मच से तू नहा ले या अपने बच्चे को नहला दे? तेरा बच्चा नहा ले, तो हम जानेंगे कि तू भगवान को स्नान करा सकता है। नहीं, महाराज जी, तो फिर मैं तो ऐसे ही कर देता हूँ। और आचमनम समर्पयामि, चल, तू ये बता कि कुल्ला करता है, तो कितना पानी खर्च करता है? कुल्ला में तो महाराज जी, मैं एक लोटा पानी ले जाता हूँ, मुंह भी धोता हूँ और साबुन से धोता हूँ। तो कितना पानी खर्च करता है? आचमनम जब करता है, कुल्ला करता है, तब कितना पानी? महाराज जी, कम से कम एक लोटा, इतना तो खर्च हो जाता है। और भगवान जी को एक चम्मच, एक चम्मच से, तो बेटा उनका ओंठ भी गीला नहीं होगा। आचमन क्या कराता है? तो महाराज जी, क्या करता हूँ? तू दिल्लगी बाजी करता है, भगवान से मखौल करता है। आपने ही तो बताया था कि ऐसे जल चढ़ाना, हाँ बेटे, मैंने जब बताया था, तो एक और बात बताई थी, तूने वो याद नहीं रखी। क्रिया याद रख ली, वह क्या बताया था? ये बताया था कि जल चढ़ाते समय, मनुष्य की ये वृत्ति रहनी चाहिए। क्या वृत्ति रहनी चाहिए? कि हम आपको समर्पण करेंगे। जब देवता से मांगना मत, आपको हम समर्पण करेंगे, आपको हम देंगे। देवता इसीलिए देवता हैं, क्योंकि उन्होंने भगवान को दिया है। और तुझे भी देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए देने की वृत्ति सीखनी पड़ेगी। देने की वृत्ति जब तक तेरे अंदर नहीं आएगी, कोई देवता तेरे ऊपर कृपा नहीं कर सकता।

पं श्रीराम शर्मा आचार्य

10 likes 130317 views 2 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



मित्रो! हमारा सत्तर वर्ष का संपूर्ण जीवन सिर्फ एक काम में लगा है और वह है- भारतीय धर्म और संस्कृति की आत्मा की शोध। भारतीय धर्म और संस्कृति का बीज है- गायत्री मंत्र। इस छोटे से चौबीस अक्षरों  के मंत्र में वह ज्ञान और विज्ञान भरा हुआ पड़ा है, जिसके विस्तार में भारतीय तत्त्वज्ञान और भारतीय नेतृत्व विज्ञान दोनों को खड़ा किया गया है। ब्रह्माजी ने चार मुखों से चार चरण गायत्री का व्याख्यान चार वेदों के रूप में किया। वेदों से अन्यान्य धर्मग्रंथ बने। जो कुछ भी हमारे पास है, इस सबका मूल जड़ हम चाहें तो गायत्री मंत्र के रूप में देख सकते हैं। इसलिए इसका नाम गुरुमंत्र रखा गया है, बीजमंत्र रखा गया है।

बीजमंत्र के नाम से, गायत्री मंत्र के नाम से इसी एक मंत्र को जाना जा सकता है और गुरुमंत्र इसे कहा जा सकता है। हमने प्रयत्न किया कि सारे भारतीय धर्म और विज्ञान को समझने की अपेक्षा यह अच्छा है कि इसके बीज को समझ लिया जाए, जैसे कि विश्वामित्र ने तप करके इसके रहस्य और बीज को जानने का प्रयत्न किया। हमारा पूरा जीवन इसी एक क्रिया- कलाप में लग गया। जो बचे हुए जीवन के दिन हैं, उसका भी हमारा प्रयत्न यही रहेगा कि हम इसी की शोध और इसी के अन्वेषण और परीक्षण में अपनी बची हुई जिंदगी को लगा दें।

 बहुत सारा समय व्यतीत हो गया। अब लोग जानना चाहते हैं कि आपने इस विषय में जो शोध की जो जाना, उसका सार- निष्कर्ष हमें भी बता दिया जाए। बात ठीक है, अब हमारे महाप्रयाण का समय नजदीक चला आ रहा है तो लोगों का यह पूछताछ करना सही है कि हर आदमी इतनी शोध नहीं कर सकता। हर आदमी के लिए इतनी जानकारी प्राप्त करना तो संभव भी नहीं है। हमारा सार और निष्कर्ष हर आदमी चाहता है कि बताया जाए। क्या करें? क्या समझा आपने? क्या जाना? अब हम आपको यह बताना चाहेंगे कि गायत्री मंत्र के ज्ञान और विज्ञान में जिसकी कि व्याख्यास्वरूप ऋषियों ने सारे का सारा तत्त्वज्ञान खड़ा किया है, क्या है?
    

 गायत्री को त्रिपदा कहते हैं। त्रिपदा का अर्थ है- तीन चरण वाली, तीन टाँगवाली। तीन टुकड़े इसके हैं, जिनको समझ करके हम गायत्री के ज्ञान और विज्ञान की आधारशिला को ठीक तरीके से जान सकते हैं। इसका एक भाग है विज्ञान वाला पहलू। विज्ञान वाले पहलू में आते हैं तत्त्वदर्शन, तप, साधना, योगाभ्यास, अनुष्ठान, जप, ध्यान आदि। यह विज्ञान वाला पक्ष है। इससे शक्ति पैदा होती है। गायत्री मंत्र का जप करने से, उपासना और ध्यान करने से उसके जो माहात्म्य बताए गए हैं कि इससे यह लाभ होता है, अमुक लाभ होते हैं, अमुक कामनाएँ पूरी होती हैं। अब यह देखा जाए कि यह कैसे पूरी होती हैं और कैसे  पूरी नहीं होती? कब यह सफलता मिलती है और कब नहीं मिलती?

क्रमशः जारी
पं श्रीराम शर्मा आचार्य

13 likes 130621 views 1 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

174735999



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj