• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
    • Our Establishments
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Books
    • Akhandjyoti Magazine
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summery
  • Spiritual WIsdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Sunday 09, February 2025

×

VIDEO
कुण्डलिनी ध्यान: शक्ति केंद्रों को जागृत करने की विधि | Kundalini Jagran

कुण्डलिनी ध्यान: शक्ति केंद्रों को जागृत करने की विधि | Kundalini Jagran

11 likes 125944 views 2 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
आस्तिकता का तत्त्वज्ञान एवं व्यवहारिक स्वरूप | Aastikata Ka Tatwagyan

आस्तिकता का तत्त्वज्ञान एवं व्यवहारिक स्वरूप | Aastikata Ka Tatwagyan

11 likes 125520 views 1 shares
Like
Share
Comment



POST

गेटबिक एयरपोर्ट (लंदन) में माताजी का विदाई समारोह था। माताजी बैटरी चलित गाड़ी में बैठकर अंदर गईं। बाहर 500 परिजन खड़े देख रहे थे। माता जी गाड़ी में बैठी हुई थीं। चैकिंग के लिए ब्रिटिश महिला कैथेरीन आईं। सिर से लेकर पैर तक स्पर्श किया-कहीं कुछ है तो नहीं।
माताजी प्रसन्न थीं परिजनों की ओर पीछे उनका चेहरा था। परिजनों की ओर देखकर कैथेरीन की ओर इशारा किया। हमारे पास कुछ नहीं है (हाथ हिलाकर) हँसती हुईं। फिर जब सिर से टटोलती पैरों तक आई चरणों को स्पर्श किया तो माताजी का तो सहज स्वभाव था, जो चरण स्पर्श करे उनको आशीर्वाद देतीं थीं। सो दोनों हाथ कैथेरीन के सिर पर रखकर आशीर्वाद दे रही थीं।
कैथेरीन अचकचा गईं। आश्चर्य चकित थीं। परिजन कैथेरीन के भाग्य को सराह रहे थे, जगत् जननी स्वयं दोनों हाथ से आशीर्वाद दे रही हैं। काश ऐसा प्यार भरा आशीर्वाद मिलता।
इसके बाद माताजी अंदर चलीं गईं आँखों से ओझल हो गईं। बाद में कैथेरीन बाहर आईं एवं परिजनों से चर्चा की कि कौन थी जिनके लिए आप लोग आये। जब पूरा परिचय दिया गया तो अपने आपको धन्य मान रहीं थीं। अगली बार जब माता जी टोरेण्टो जाने एवं आने, लॉस ऐन्जिल्स से आते समय गेटबिक एयरपोर्ट पर उतरीं तो सबसे पहले चरण स्पर्श करने कैथेरीन आईं एवं आते जाते समय बिना चैकिंग किये हवाई जहाज तक छोड़ने के लिए जाया करती थीं। ऐसी थीं मानव मात्र के लिए आशीर्वाद लुटाने वाली माता जी।
अखण्ड ज्योति 1995 फरवरी

11 likes 125018 views 2 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
हमने भगवान को कैसे बनाया | Hamne Bhagwan Ko Kaise Banaya

हमने भगवान को कैसे बनाया | Hamne Bhagwan Ko Kaise Banaya

11 likes 124508 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
25 likes 128791 views 1 comments 50 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
17 likes 128578 views 1 comments 21 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
15 likes 127916 views 1 comments 7 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
17 likes 127776 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
18 likes 127323 views 1 comments 15 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
17 likes 126480 views 4 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
18 likes 126678 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
18 likes 126031 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
18 likes 125722 views 11 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
16 likes 125389 views 10 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
9 likes 129016 views 24 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
7 likes 128186 views 17 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 127461 views 7 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
3 likes 127871 views 9 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
7 likes 128618 views 17 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
6 likes 128293 views 13 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
4 likes 127474 views 14 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
4 likes 127578 views 17 shares
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! देवात्मा हिमालय मंदिर Devatma Himalaya Mandir गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 09 February 2025 !!

8 likes 125022 views 5 shares
Like
Share
Comment



!! महाकाल महादेव मंदिर #Mahadev_Mandir गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 09 February 2025 !!

9 likes 125061 views 2 shares
Like
Share
Comment



!! गायत्री माता मंदिर Gayatri Mata Mandir गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 09 February 2025 !!

9 likes 124632 views 2 shares
Like
Share
Comment



!! परम पूज्य गुरुदेव का कक्ष 09 February 2025 गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

9 likes 124469 views 2 shares
Like
Share
Comment



!! आज के दिव्य दर्शन 09 February 2025 !! !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

10 likes 124876 views 6 shares
Like
Share
Comment



!! प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर Prageshwar Mahadev 09 February 2025 !!

7 likes 124016 views 2 shares
Like
Share
Comment



!! सप्त ऋषि मंदिर गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 09 February 2025 !!

9 likes 125166 views 5 shares
Like
Share
Comment



!! अखण्ड दीपक Akhand Deepak (1926 से प्रज्ज्वलित) एवं चरण पादुका गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 09 February 2025 !!

7 likes 123836 views 2 shares
Like
Share
Comment



!! परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी का अमृत सन्देश !!

7 likes 126937 views 2 shares
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



जो हमारे पास है, वह बोया जाए। क्या चीज है हमारे पास? मैंने देखा है शरीर है, निश्चय कर लिया, निश्चय कर लिया रात सोने के लिए होती है। रात को तो मैं सोता भी रहा हूं, और जो कुछ राम नाम मुझसे बना है, मैंने राम का नाम रात में लिया है। दिन में लिया नहीं, दिन में कभी नहीं लिया, दिन में मैंने कभी राम का नाम नहीं लिया। रात को सोते समय, सूरज डूबने से लेकर सूरज उदय होने तक, चारपाई पर पड़े हुए, अथवा कहीं भी, किसी भी हैसियत में, मैंने भगवान का नाम लिया है और बाकी समय भगवान के काम किया है। सूरज निकलने से सूरज अस्त होने तक, यह मेरा श्रम सारे समाज के लिए लगा, भगवान के लिए लगा। एक बुद्धि, बुद्धि भी उसी के लिए लगी, लोगों की अकल न जाने कहां-कहां फिरती रहती है। कोई मालदार बनता है, कोई महल बनाता है, कोई उन्नति करता है, कोई किसी से अपने बैर का बदला चुकाता है, जाने क्या-क्या आदमी के दिमाग में होती है। मेरे दिमाग में कोई बात नहीं आई, सिर्फ एक ही बात आई कि भगवान को भगवान के लिए हमारी अकल और हमारी बुद्धि का उपयोग किस तरीके से किया जा सकता है और कैसे करना चाहिए। बस, मैं यही विचार करता रहा। जो समस्याएं सामने थी समाज की, मेरे सामने, मेरी क्या समस्या होनी चाहिए? मैं क्या समस्या का करूंगा? मेरे पास क्या समस्या है, बताइए आप? रोटी खाना, कपड़े पहनना, इसमें कौन दिक्कत है? जब यह भिखारी को मिल जाता है, कोढ़ी को मिल जाता है, अपंग को मिल जाता है, तो मुझे क्यों नहीं मिलेगा? जब दो हाथ-पांव लिए बैठा हूं और मेहनत करता हूं, तो फिर मुझे यह क्यों न मिलेगा? मैंने अपना सारा का सारा मन भगवान के लिए लगाया। 

पं श्रीराम शर्मा आचार्य

9 likes 127784 views 1 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



अध्यात्म की प्रधान कसौटी

किन्तु किसी व्यक्ति की महानता के लिए इतना ही पर्याप्त नहीं है। महामानवों में एक अतिरिक्त गुण होता है और वह है परमार्थ। दूसरों को दुखी या अधःपतित देखकर जिसकी करुणा विचलित हो उठती है, जिसे औरों की पीड़ा अपनी पीड़ा की तरह कष्टकर लगती है, जिसे दूसरों के सुख में अपने सुख की आनन्दमयी अनुभूति होती है, वस्तुतः वही महामानव, देवता, ऋषि, सन्त, ब्राह्मण, अथवा ईश्वर-भक्त है। निष्ठुर व्यक्ति, जिसे अपनी खुदगर्जी के अतिरिक्त दूसरी बात सूझती ही नहीं, जो अपनी सुख सुविधा से आगे की बात सोच ही नहीं सकता ऐसा अभागा व्यक्ति निष्कृष्ट कोटि के जीव जन्तुओं की मनोभूमि का होने के कारण तात्विक दृष्टि से ‘नर-पशु’ ही गिना जायगा।

ऐसे नर-पशु कितना भजन करते हैं, कितना ब्रह्मचर्य रहते है, इसका कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता। भावनाओं का दरिद्र व्यक्ति ईश्वर के दरबार में एक कोढ़ी कंगले का रूप बनाकर ही पहुँचेगा। उसे वहाँ क्या कोई मान मिलेगा ? भक्ति का भूखा, भावना का लोभी भगवान् केवल भक्त की उदात्त भावनाओं को परखता है और उन्हीं से रीझता है। माला और चन्दन, दर्शन और स्नान उसकी भक्ति के चिह्न नहीं, हृदय की विशालता और अन्तःकरण की करुणा ही किसी व्यक्ति के भावनाशील होने का प्रमाण है और ऐसे ही व्यक्ति को, केवल ऐसे ही व्यक्ति को ईश्वर के राज्य में प्रवेश पाने का अधिकार मिलता है।
    

हमें अपने परिवार में से अब ऐसे ही व्यक्ति ढूंढ़ने हैं जिन्होंने अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप समझ लिया हो और जीवन की सार्थकता के लिए चुकाए जाने वाले मूल्य के बारे में जिन्होंने अपने भीतर आवश्यक साहस एकत्रित करना आरम्भ कर दिया हो। हम अपना उत्तराधिकार उन्हें ही सौंपेंगे। बेशक, धन-दौलत की दृष्टि को कुछ भी मिलने वाला नहीं है, हमारे अन्तःकरण में जलने वाली आग की एक चिंगारी ही उनके हिस्से में आवेगी पर वह इतनी अधिक मूल्यवान है कि उसे पाकर कोई भी व्यक्ति धन्य हो सकता है।
 क्रमशः जारी
 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
 अखण्ड ज्योति 1965 जनवरी पृष्ठ 51

5 likes 128049 views 2 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

180650531



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj