• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
  • About Us
    • Gayatri Teerth Shantikunj
    • Mission Vision
    • Patron Founder
    • Present Mentor
    • Blogs & Regional sites
    • DSVV
    • Organization
    • Our Establishments
    • Dr. Chinmay Pandya - Our pioneering youthful representative
  • Initiatives
    • Spiritual
    • Environment Protection
    • Social Development
    • Education with Wisdom
    • Health
    • Corporate Excellence
    • Disaster Management
    • Training/Shivir/Camps
    • Research
    • Programs / Events
  • Read
    • Akhandjyoti Magazine
    • Books
    • News
    • E-Books
    • Events
    • Gayatri Panchang
    • Geeta Jayanti 2023
    • Motivational Quotes
    • Lecture Summary
  • Spiritual Wisdom
    • Thought Transformation
    • Revival of Rishi Tradition
    • Change of Era - Satyug
    • Yagya
    • Life Management
    • Foundation of New Era
    • Gayatri
    • Indian Culture
    • Scientific Spirituality
    • Self Realization
    • Sacramental Rites
  • Media
    • Social Media
    • Video Gallery
    • Audio Collection
    • Photos Album
    • Pragya Abhiyan
    • Mobile Application
    • Gurukulam
    • News and activities
    • Blogs Posts
    • Live
    • Yug Pravah Video Magazine
  • Contact Us
    • India Contacts
    • Global Contacts
    • Shantikunj - Headquarter
    • Join us
    • Write to Us
    • Spiritual Guidance FAQ
    • Magazine Subscriptions
    • Shivir @ Shantikunj
    • Contribute Us
  • Login

Media   >   Social Media   >   Daily Update

Thursday 30, October 2025

×

VIDEO
आसनों का प्रकार | गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां | वांग्मय No 13 पृष्ठ ४.२९

आसनों का प्रकार | गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां | वांग्मय No 13 पृष्ठ ४.२९

161 views
Like
Share
Comment



VIDEO
अध्यात्म भगोड़ों का नहीं शूरवीरों का साथ देता है |परिवार ही असली साधना है |प्रेरक कहानी

अध्यात्म भगोड़ों का नहीं शूरवीरों का साथ देता है |परिवार ही असली साधना है |प्रेरक कहानी

160 views
Like
Share
Comment



VIDEO
ईश्वर अपने बताए नियमों मर्यादाओं में बँधा है | Eswar Apne Bataye Niyam Maryadaon Mei Bandha Hai

ईश्वर अपने बताए नियमों मर्यादाओं में बँधा है | Eswar Apne Bataye Niyam Maryadaon Mei Bandha Hai

160 views
Like
Share
Comment



VIDEO
!! परम पूज्य गुरुदेव का कक्ष गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 30 October 2025 !!

!! परम पूज्य गुरुदेव का कक्ष गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 30 October 2025 !!

17 likes 11505 views 1 comments
Like
Share
Comment



VIDEO
 अब तेरा दु:ख दर्द हृदय का | Ab Tera Dukh Dard Hriday ka | Kirti Bhrgu, AWGP Pragya Geet

अब तेरा दु:ख दर्द हृदय का | Ab Tera Dukh Dard Hriday ka | Kirti Bhrgu, AWGP Pragya Geet

17 likes 11538 views 1 comments 1 shares
Like
Share
Comment



VIDEO
अमृत सन्देश:-  लोभ से मुक्ति का मार्ग। Lobh Se Mukti Ka Marg पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

अमृत सन्देश:- लोभ से मुक्ति का मार्ग। Lobh Se Mukti Ka Marg पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य

16 likes 11530 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment



गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज, नित्य दर्शन

गायत्री माता
Image गायत्री माता
30 likes 11725 views 3 comments 43 shares
Like
Share
Download
Comment
गायत्री माता - अखंड दीपक
Image गायत्री माता - अखंड दीपक
24 likes 11576 views 2 comments 17 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
23 likes 11571 views 2 comments 10 shares
Like
Share
Download
Comment
चरण पादुका
Image चरण पादुका
20 likes 11568 views 2 comments 4 shares
Like
Share
Download
Comment
सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
Image सजल श्रद्धा - प्रखर प्रज्ञा (समाधि स्थल)
20 likes 11668 views 1 comments 9 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
24 likes 11560 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
Image परम् पूज्य गुरुदेव व वंदनीय माताजी कक्ष
23 likes 11700 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Download
Comment
प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
Image प्रज्ञेश्वर महादेव - देव संस्कृति विश्वविद्यालय
22 likes 11555 views 2 comments 10 shares
Like
Share
Download
Comment
शिव मंदिर - शांतिकुंज
Image शिव मंदिर - शांतिकुंज
22 likes 11555 views 1 comments 8 shares
Like
Share
Download
Comment
हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
Image हनुमान मंदिर - शांतिकुंज
17 likes 11545 views 1 comments 7 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्चिंतन (बोर्ड)

Image हिंदी बोर्ड
16 likes 11608 views 1 comments 21 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी बोर्ड
15 likes 11597 views 1 comments 17 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
11 likes 11567 views 1 comments 5 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी बोर्ड
12 likes 11569 views 1 comments 4 shares
Like
Share
Download
Comment

आज का सद्वाक्य

Image हिंदी सद्वाक्य
15 likes 11613 views 1 comments 13 shares
Like
Share
Download
Comment
Image हिंदी सद्वाक्य
15 likes 11603 views 2 comments 12 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
11 likes 11652 views 1 comments 6 shares
Like
Share
Download
Comment
Image अंग्रेजी सद्वाक्य
11 likes 11606 views 1 comments 7 shares
Like
Share
Download
Comment



नित्य शांतिकुंज वीडियो दर्शन


!! शांतिकुंज दर्शन 30 October 2025 !! गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार !!

16 likes 11542 views 1 comments 2 shares
Like
Share
Comment



!! अखण्ड दीपक #Akhand_Deepak (1926 से प्रज्ज्वलित) चरण पादुका गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 30 October 2025 !!

14 likes 11537 views 1 comments
Like
Share
Comment



!! परम पूज्य गुरुदेव का कक्ष गायत्री तीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार 30 October 2025 !!

12 likes 11532 views 1 comments
Like
Share
Comment



युग परिवर्तन में प्रवासी भारतीयों की भूमिका

13 likes 11501 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Comment







परम् पूज्य गुरुदेव का अमृत संदेश



भारत भूमि से भूतकाल की तरह इन दिनों भी विश्व मानव की भ्रांतियों से उबारने का मार्ग दिखाने वाला अभियान तूफानी गति से चल पड़ा है। उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। लेकिन युग परिवर्तन के यह प्रयास इसी छोटी सीमा में अवरुद्ध नहीं रखे जा सकते। इन्हें विश्वव्यापी बनाने का काम उनका है, जो भारतीय संस्कृति की गरिमा से परिचित हैं और अन्य देशों में निवास करने के कारण उसे फैला सकने में समर्थ हैं।
दीपक जहां जलता है, वहीं रोशनी भी देता है। हीटर जहां चलता है, वहीं गर्मी फैलाता है। हर प्रवासी भारतीय का सामयिक एवं चिरस्थाई कर्तव्य यही है कि वह जहां भी रहे, वह अन्यान्य प्रकार की सृजन योजनाएं करते हुए युग समस्याओं के समाधान हेतु संबद्ध क्षेत्र में परिचित, प्रभावित करने में कुछ उठा न रखे। विश्व मानव की सेवा साधना का यह पुण्य संपादन हमारे पूर्वजों की परंपरा का पुनर्जीवन ही है, जिन्होंने धरती को स्वर्गादपि गरीयसी का मान दिलाया। वह देव मानव स्वयं देव मानव कहलाए।
यह सब कैसे किया जाए, इसका एक ही उत्तर है कि प्रवासी भारतीय स्वयं को देव संस्कृति का उत्तराधिकारी प्रतिनिधि अनुभव करें। संपर्क क्षेत्र को इस प्रवाह की महिमा व परिणति समझाते रहें। शुभारंभ वे निजी जीवन और परिवार से करें। जिनके अपने विश्वास प्रगाढ़ होते हैं, जो आदर्शों का स्वयं परिपालन करते हैं, उन्हीं के लिए संभव है कि वह दूसरों को आकर्षित, अनुप्राणित करें और अपने ही अपनाने के लिए सहमत करें।
इस दृष्टि से आवश्यक है कि प्रवासी भारतीय जहां भी रहते हों, संघबद्ध होकर रहें, परस्पर मिलने-जुलने का क्रम बनाएं और ऐसे उपाय सोचें-अपनाएं, जिनसे अपने समुदाय में देव संस्कृति की निष्ठा और परंपरा प्रगाढ़ बनी रहे। साथ ही उस स्थान पर भी प्रकाश फैलाना संभव हो सके, जहां अभी समुचित जानकारी के अभाव में अंधकार जैसी स्थिति बनी हुई है।

परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य 

11 likes 11542 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Comment




अखण्ड-ज्योति से



दुःख चाहे व्यक्तिगत हो या सामूहिक उनका कारण एक ही है और वह है कुबुद्धि। संसार में इतने प्रचुर परिमाण में सुख-साधन भरे पड़े हैं कि इन खिलौनों से खेलते-खेलते सारा जीवन हँसी-खुशी बीत सकता है। मनुष्य को ऐसा अमूल्य शरीर, मस्तिष्क एवं इन्द्रिय समूह मिला हुआ है कि इनके द्वारा साधारण वस्तुओं एवं परिस्थितियों में भी इतना आनन्द किया जा सकता है कि स्वर्ग भी उसकी तुलना में तुच्छ सिद्ध हो। इतना सब होते हुए भी लोग बेहाल दुःखी हैं, जिन्दगी में कोई रस नहीं, मौत के दिन पूरे करने के लिये समय को एक बोझ की तरह काटा जा रहा है। मन में चिन्ता, बेबसी, भय, दीनता और बेचैनी की अग्नि दिन भर जलती रहती है। जिसके कारण पुराणों में वर्जित नारकीय यात्राओं जैसी व्यथाएं सहनी पड़ती हैं।

यह संसार चित्र सा सुन्दर है इसमें कुरूपता का एक कण भी नहीं, यह विश्व विनोदमयि क्रीड़ा का प्राँगण है इसमें चिन्ता और भय के लिए कोई स्थान नहीं, यह जीवन आनन्द का निर्वाध निर्भर है इसमें दुःखी रहने का कोई कारण नहीं। स्वर्गादपि गरीयसी इस जननी जन्म भूमि में वे सभी तत्व मौजूद हैं जो मानस की कली को खिलाते हैं। इस सुरदुर्लभ नर तन की रचना ऐसे सुन्दर ढंग से हुई है कि साधारण वस्तुओं को वह अपने स्पर्श मात्र से ही सरस बना लेता है।

परमात्मा का राजकुमार आत्मा इस संसार में क्रीड़ा कल्लोल करने आता है। उसे शरीर रूपी रथ, इन्द्रियों रूपी सेवक, मस्तिष्क रूपी मंत्री देकर परमात्मा ने यहाँ इसलिये भेजा है कि इस नन्दन वन जैसे संसार की शोभा को देखे, उसमें सर्वत्र बिखरी हुई सरसता का स्पर्श और आस्वादन करे। प्रभु के इस महान उद्देश्य में बाधा उपस्थित करने वाली, जीवन के महान प्रयोजन को नष्ट करने वाली, स्वर्ग को नरक बना देने वाली कोई वस्तु है तो वह केवल ‘कुबुद्धि ही है’।

स्वस्थता हमारी स्वाभाविक स्थिति है, बीमारी अस्वाभाविक एवं अपनी भूल से पैदा हुई वस्तु है। पशु-पक्षी जो प्रकृति का स्वाभाविक अनुसरण करते हैं, बीमार नहीं पड़ते, वे सदा स्वास्थ्य का सुख भोगते हैं पर मनुष्य नाना प्रकार की मिथ्या आहार-विहार द्वारा बीमारी को न्यौता बुलाता है। यदि वह भी अपना आहार-विहार प्रकृति के अनुकूल रखे तो कभी बीमार न पड़े। इसी प्रकार सद्बुद्धि स्वाभाविक है। वह ईश्वर प्रदत्त है, दैवी है, जन्मजात है, जीवन संगिनी हैं।

क्रमश जारी....
अखण्ड ज्योति 1951 जून

6 likes 11556 views 1 comments 3 shares
Like
Share
Comment



×
Popup Image
❮ ❯
Like Share Link Share Download
Newer Post Home Older Post


View count

221207038



Archive

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your comment and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj