• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • धन का सदुपयोग
    • धन की तृष्णा से बचिए
    • धन विपत्ति का कारण भी ही सकता है ?
    • धन के प्रति उचित दृष्टिकोण रखिए
    • धन का सच्चा स्वरूप
    • ईमानदारी की कमाई ही स्थिर रहती है
    • धन का अपव्यय बन्द कीजिए
    • विलासिता में धन व्यय करना नाशकारी है
    • आर्थिक सफलता की कुञ्जी आत्म-विश्वास
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Books - धन का सदुपयोग

Media: TEXT
Language: HINDI
SCAN TEXT


धन का सदुपयोग

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


2 Last
गायत्री मंत्र का चौथा अक्षर 'वि' हमको धन के सदुपयोग की शिक्षा देता है-

वित्त शक्तातु कर्तव्य उचिताभाव पूर्तयः । न तु शक्त्या न या कार्य दर्पोद्धात्य प्रदर्शनम् । ।

अर्थात्-''धन उचित अभावों की पूर्ति के लिए है उसके द्वारा अहंकार तथा अनुचित कार्य नहीं किए जाने चाहिए ।''

धन का उपार्जन केवल इसी दृष्टि से होना चाहिए कि उससे अपने तथा दूसरों के उचित अभावों की पूर्ति हो । शरीर, मन, वृद्धि और आत्मा के विकास के लिए सांसारिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति के लिए धन का उपयोग होना चाहिए और इसीलिए उसे कमाना चाहिए ।

धन कमाने का उचित तरीका वह है जिसमें मनुष्य का पूरा शारीरिक और मानसिक श्रम लगा हो, जिसमें किसी दूसरे के हक का अपहरण न किया गया हो, जिसमें कोई चोरी, छल, प्रपञ्च, अन्याय दबाव आदि का प्रयोग न किया गया हो । जिससे समाज और राष्ट्र का कोई अहित न होता हो, ऐसी ही कमाई से उपार्जित पैसा फलता-फूलता है और उससे मनुष्य की सच्ची उन्नति होती है ।

जिस प्रकार धन के उपार्जन में औचित्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है, वैसे ही उसे खर्च करने में, उपयोग में भी सावधानी बरतनी चाहिए । अपने तथा अपने परिजनों के आवश्यक विकास के लिए धन का उपयोग करना ही कर्तव्य है । शानशौकत दिखलाने अथवा दुर्व्यसनों की पूति के लिए धन का अपव्यय करना मनुष्य की अवनति, अप्रतिष्ठा और दुर्दशा का कारण होता है ।

अपनी उचित शारीरिक, मानसिक, आत्मिक और सांसारिक आवश्यकताओं की उपेक्षा करके जो लोग अधिकाधिक धन इकट्ठा करने की तृष्णा में डूबे रहते हैं और सात पुस्त के लिए अमीरी छोड़ जाना चाहते हैं, वे बड़ी भूल करते हैं । मुफ्त की दौलत मिलने से अगामी संतान आलसी, व्यसनी, अपव्ययी तथा अन्य बुराइयों की शिकार बन सकती है । जिसने जिस पैसे को पसीना बहाकर नहीं कमाया है, वह उसका मूल्यांकन नहीं कर सकता । बच्चों के लिए सम्पत्ति जोड़ कर रख जाने के बजाय उनको सुशिक्षित, स्वस्थ और स्वावलम्बी बनाने में खर्च करना अधिक उत्तम है ।


2 Last


Other Version of this book



धन का सदुपयोग
Type: SCAN
Language: HINDI
...

धन का सदुपयोग
Type: TEXT
Language: HINDI
...


Releted Books



सर्वतोमुखी उन्नति
Type: SCAN
Language: HINDI
...

सर्वतोमुखी उन्नति
Type: TEXT
Language: HINDI
...

જીવન સાધનાનાં સોનેરી સૂત્રો
Type: SCAN
Language: EN
...

जीवन साधना के स्वर्णिम सूत्र
Type: TEXT
Language: EN
...

தவ வாழ்க்கைக்கான
Type: SCAN
Language: EN
...

जीवन साधना के स्वर्णिम सूत्र
Type: SCAN
Language: EN
...

మానసిక సంతులనం
Type: SCAN
Language: TELUGU
...

Mental Balance
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

மன சமநிலை
Type: SCAN
Language: TAMIL
...

मन: स्थिति बदले तो परिस्थिति बदले
Type: TEXT
Language: EN
...

મન: સ્થિતિ બદલો તો પરિસ્થિતિ બદલાશે
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

मनस्थिति बदलें तो परिस्थिति बदले
Type: SCAN
Language: EN
...

ઇન્દ્રિય સંયમ
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

इंद्रिय संयम
Type: SCAN
Language: HINDI
...

इन्द्रिय संयम
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Health Wealth and Spirituality
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

सावधानी और सुरक्षा
Type: TEXT
Language: HINDI
...

सावधानी और सुरक्षा
Type: SCAN
Language: EN
...

युग की माँग प्रतिभा परिष्कार
Type: TEXT
Language: EN
...

युग की माँग प्रतिभा परिष्कार-भाग १
Type: TEXT
Language: EN
...

कालाची गरज प्रतिभा परिष्कार भाग 2
Type: SCAN
Language: MARATHI
...

Refinement of Talents: Need of the present Era
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

युग की मांग प्रतिभा परिष्कार भाग-१
Type: SCAN
Language: EN
...

સર્વતોમુખી ઉન્નતિ
Type: SCAN
Language: GUJRATI
...

Articles of Books

  • धन का सदुपयोग
  • धन की तृष्णा से बचिए
  • धन विपत्ति का कारण भी ही सकता है ?
  • धन के प्रति उचित दृष्टिकोण रखिए
  • धन का सच्चा स्वरूप
  • ईमानदारी की कमाई ही स्थिर रहती है
  • धन का अपव्यय बन्द कीजिए
  • विलासिता में धन व्यय करना नाशकारी है
  • आर्थिक सफलता की कुञ्जी आत्म-विश्वास
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj