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Magazine - Year 1976 - Version 2

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जो मैं कहता हूँ वह परम्परागत है, ऐसा समझ उसे सच न मान लो। अपनी पूर्व परम्परा के अनुसार है, यह समझकर भी सच न मान लो, ऐसा होने वाला है, यह समझकर भी सच न मान लो। लौकिक न्याय समझ कर भी सच न मान लो। सुन्दर लगता है, इसलिए भी सच न मान लो। प्रसिद्ध साधु हूँ, यह समझ कर भी सच न मान लो। तुम्हें अपनी विवेक बुद्धि से मेरा उपदेश सच लगे, तो ही तुम इसे स्वीकार करो।

-भगवान बुद्ध

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