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Magazine - Year 1958 - Version 2

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गायत्री भक्तों के सत्प्रयत्न

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मझोला (नैनीताल) के गायत्री परिवार ने अपने क्षेत्र में 24 शाखाएं स्थापित करने व 108 यज्ञ कराने का निश्चय किया है। इनमें 10 शाखाएं बन चुकी हैं और 30 यज्ञ भी हो गए हैं। गायत्री उपासकों की श्रद्धा और प्रयत्न प्रशंसनीय हैं।

-लक्ष्मणसिंह मनराल

बोरीबली (बम्बई) में गायत्री शाखा की स्थापना की गई है जिसके सदस्यों ने 1 लाख 70 हजार जप दो हजार आहुतियों का हवन किया।

-सीताराम राठी

जमशेदपुर (बिहार) में गायत्री परिवार शाखा ने 40 हजार जप व तीन हजार आहुतियों के हवन का कार्यक्रम पूर्ण किया।

-पं. हरीराम

पिटौल (अलीगढ़) में चन्द्र ग्रहण के अवसर पर अखण्ड रामायण पाठ व गायत्री जप का प्रोग्राम रखा गया। 2400 आहुतियों का हवन करने के पश्चात् रामायणजी का जुलूस निकाला गया।

-गेंदालाल वर्मा

पुसावली (बदायूँ) की गायत्री शाखा की तरफ से गायत्री प्रचार का कार्य संगठित रूप से किया जा रहा है। सर्व श्री हरगोविन्दसिंह जी, मोहनलालजी, भीष्मदत्तजी, पन्नालालजी तथा राधेश्याम की एक समिति बनाकर आस-पास के क्षेत्र में नई शाखाएं स्थापित करने का कार्य जोरों से किया जा रहा है। ता. 24 नवम्बर को श्री चिमनलालजी सूरी बरेली से पधारे थे उनके स्वागतार्थ एक बड़ा हवन किया गया।

-गायत्रीप्रसाद गुप्ता

झाँसी में 6 लाख 48 हजार जप, 1200 चालीसा पाठ, 1200 मन्त्र लेखन व 7 हजार आहुतियों के हवन का कार्यक्रम समारोह सहित पूर्ण हुआ।

-बालकृष्ण अग्रवाल

हथौड़ा बुजुर्ग (शाहजहाँपुर) में गायत्री शाखा की तरफ से जप व हवन का कार्यक्रम पूर्णमासी के अवसर पर किया गया।

-कंचनलाल

दिगौड़ा (टीकमगढ़) में ता. 20 नवम्बर को गायत्री पुस्तकालय का प्रथम वार्षिकोत्सव बड़े समारोह से मनाया गया। श्री नन्दरामजी आयुर्वेद शास्त्री का प्रवचन बड़ा प्रभावशाली रहा।

-बैजनाथप्रसाद सोनकिया

माकडौन (उज्जैन) में श्री सत्यनारायण जी मोदी के स्थान पर अखण्ड ज्योति जलाई गई और 7 लाख 68 हजार जप व 4320 आहुतियों का कार्यक्रम पूर्ण किया गया। महिला समाज में श्री सीताबाई के स्थान पर भी 4 लाख 32 हजार जप व 3240 आहुतियों का हवन किया गया।

-गोरधनलाल सोनी

जोबट (झबुआ) में जगन्नाथ जी सोनी के पर सवा लक्ष जप व ग्यारह हजार आहुतियों का यज्ञ सानन्द सम्पन्न हुआ।

-बापुलाल

भोपाल (म. प्र.) की गायत्री शाखा में श्री राजकुमार मंडलोई ने 1008 आहुतियों का हवन कराया जिसमें नगर के प्रतिष्ठित धर्म-प्रेमी स्त्री-पुरुषों ने भाग लिया। श्री रामकृष्ण जी का गायत्री महिमा पर सारगर्भित भाषण हुआ।

-पं. शिवकुमार भारद्वाज

कनवास (कोटा) में 5 हवन कुण्डों की रमणीक यज्ञशाला में एक विशाल गायत्री यज्ञ ता. 24-25 नवम्बर को सम्पन्न हुआ जिसमें मथुरा से परम पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य, स्वामी प्रेमानन्द व श्री नत्था सिंह जी ‘आजाद’ पधारे थे। इनके अतिरिक्त अन्य विद्वानों के भी प्रभावशाली भाषण हुए जिनका जनता पर बड़ा प्रभाव पड़ा और अनेक व्यक्ति गायत्री के सदस्य बने

- कन्हैयालाल शर्मा

आवर (झालावाड़) में भँवरलालजी के यहाँ अगहन बदी अमावस्या को 12 हजार जप व 1200 सौ आहुतियों के हवन का कार्य क्रम सानन्द समाप्त हुआ। दूसरा हवन अगहन मुद्दा 3 को श्री राम-प्रतापजी श्रृंगी के यहाँ हुआ। तीसरा श्री सीता-रामजी भावसार के यहाँ हुआ। साप्ताहिक हवन व दैनिक जप नियमपूर्वक चल रहा है।

-ब्रजमोहन ‘निम्बार्क’

पत्र प्रेषकों से निवेदन

अखण्ड-ज्योति में छपने के लिए समाचार भेजने वाले बन्धुओं से प्रार्थना है कि प्रत्येक पत्र में अपना नाम व पता और व्यक्तियों के नाम बहुत स्पष्ट अक्षरों में लिखकर भेजें। इसमें लापरवाही करने के कारण अनेक लोगों और स्थानों के नाम गलत छप जाते हैं और बहुत से सज्जनों का नाम छोड़ भी देना पड़ता है। पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सम्पादक हर समय परिचित सज्जनों के ठीक-ठीक नाम भी स्मरण नहीं रख सकता। इसलिए केवल हस्ताक्षर के भरोसे न रहकर पूरा नाम अवश्य लिखना चाहिए। दूसरी प्रार्थना यह भी है कि जिस आयोजन का समाचार प्रकाशित कराना हो वह यथा-सम्भव उसी समय भेज देना चाहिए। जो समाचार अधिक देर से प्राप्त होते हैं वे प्रायः बेकार हो जाते हैं और उचित रूप से प्रकाशित नहीं किए जा सकते।

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