• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • अक्लमन्दी नहीं बुद्धिमत्ता अपनाये।
    • दो पुण्य प्रयास जो इन्हीं दिनों करने हैं।
    • आवश्यक अनुरोध
    • धर्म, विज्ञान और दर्शन का समन्वय
    • पदार्थ और प्राणियों की सामर्थ्य का उद्गम
    • Quotation
    • लो! अब पदार्थ ही मर गया।
    • समस्त सम्भावनाओं से परिपूर्ण मानवीय व्यक्तित्व
    • लिंग भेद शाश्वत नहीं, परिवर्तनशील है!
    • जातस्य हि ध्रुवों मृत्युर्धुवं जन्म मृतस्य च॥
    • संस्कारों की महत्ता एवं उपयोगिता
    • अदृश्य का अनुकूलन आवश्यक अपेक्षित
    • सावधान् स्वर दूषण-त्रिशिरा-मारीच आ रहे हैं
    • अवरोध पुरुषार्थ के निरीक्षक, परीक्षक
    • सहकारिता ही उर्त्कष का आधार
    • विचारों और भावनाओं की शक्ति सामर्थ्य
    • स्वास्थ्य और शान्ति का शत्रु क्रोध
    • तीन महान तथ्य-अनुशासन,संयज एवं संरक्षण
    • गायत्री नगर में देव परिवार
    • विवेकवान् अपना जीवन दर्शन बदलें
    • प्रवाह में न बहते रहें, औचित्य भी देखें
    • प्रभात की पुण्य बेला में आत्म परिवर्तन अपेक्षित....
    • पुण्यात्मा गृहस्थ के घर एक अतिथि बनकर आये (kahani)
    • आत्मोर्त्कष और श्रेय साधना स्वर्णिम अवसर
    • Quotation
    • स्वार्थ और परमार्थ का असाधारण समन्वय
    • Quotation
    • बालको से भी गये बीते
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login





Magazine - Year 1980 - Version 2

Media: TEXT
Language: HINDI
TEXT SCAN


Quotation

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


First 24 26 Last
,स्र क्/द्मद्म ॥द्मद्ध[द्म द्गद्मँफ्द्म स्रद्भह्द्म स्नद्मद्म्न ह्लद्मह्य द्बद्मर्ड्ढं द्बस्द्यह्य द्धद्गब् ह्लद्मह्ह्य] द्वद्यद्ध द्यह्य क्द्बह्वद्ध फ्ह्नह्लद्भ स्रद्भह्द्म] ,स्र द्धठ्ठह्व ,स्र /द्मह्वद्ध द्व/द्मद्भ द्यह्य द्धह्वस्रब्द्म द्वद्यह्य क्/द्मह्य स्रह्य क्तंकह्य द्दद्मब् द्बद्भ ष्द्दह्नह् ठ्ठ;द्म क्द्मर्ड्ढं क्द्मस्द्भ द्वद्यह्य द्बद्मँश्च :द्ब;ह्य स्रद्म ह्वद्मह्यंक द्वद्यस्रह्य द्दद्मस्नद्म द्बद्भ द्भ[द्मस्रद्भ क्द्मफ्ह्य स्रद्ध द्भद्मद्द ब्द्ध्न

द्वद्यह्वह्य स्रद्मफ्ह्ल स्रद्मह्य कंकद्मह्यब् स्रद्भ ठ्ठह्य[द्मद्म क्द्मस्द्भ द्यद्ग>द्म द्धस्रद्यद्ध ह्वह्य द्धक्चक्चद्मह्यब्द्ध स्रद्ध द्दस् क्द्मस्द्भ द्वद्य ह्वद्मह्यंक स्रद्मह्य द्ध[द्मह्व द्गह्व ह्लद्गद्धह्व द्बद्भ क्तस्ड्डस्र द्धठ्ठ;द्म्न ,स्र द्यञ्जह्लह्व ह्वह्य ह्वद्मह्यंक स्रद्मह्य द्वक्चद्मस्रद्भ क्/द्मह्य स्रद्मह्य द्धठ्ठ;द्म क्द्मस्द्भ ष्ह्द्म;द्म ;द्द द्बद्मँश्च :द्ब;ह्यड्ड स्रद्म ह्वद्मह्यंक द्दस््न ह्ष् शद्द द्बभ्द्यह्व द्दह्नक्द्म क्द्मस्द्भ द्वद्यद्यह्य क्द्बह्वद्ध क्द्मश';स्रह्द्म, द्बख्द्भद्ध स्रद्ध्न य़द्मह्व श्चम्द्मह्नक्द्मह्यड्ड स्रह्य क्॥द्मद्मश द्गह्यड्ड द्दद्ग ॥द्मद्ध द्बद्भद्गद्मक्रद्गद्म स्रह्य क्द्बद्मद्भ ठ्ठद्मह्व स्रद्मह्य ठ्ठह्य[द्म क्द्मस्द्भ द्यद्ग> ह्वद्दद्ध द्बद्मह्ह्य द्दस््न द्बद्भ ;द्धठ्ठ द्दद्गह्यड्ड ह्लद्मह्य ह्वद्दद्धड्ड द्धद्गब्द्म द्दस् द्वद्यस्रद्ध द्ध'द्मस्रद्म;ह् स्रह्वद्म हृद्मह्यरु+स्रद्भ ह्लद्मह्य द्धद्गब्द्म द्दस् द्वद्यद्ध स्रद्ध द्गद्दनद्मद्म स्रद्मह्य द्यद्ग>ह्य ह्द्मह्य द्गद्मब्ख्द्ग द्बरु+ह्यफ्द्म द्धस्र ह्लद्मह्य स्रह्नहृ द्धद्गब्द्म द्दह्नक्द्म द्दस् शद्द स्रद्मद्ग ह्वद्दद्धड्ड क्ठ्ठ−॥द्मह्नह् द्दस््न

First 24 26 Last


Other Version of this book



Version 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Version 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books


Articles of Books

  • अक्लमन्दी नहीं बुद्धिमत्ता अपनाये।
  • दो पुण्य प्रयास जो इन्हीं दिनों करने हैं।
  • आवश्यक अनुरोध
  • धर्म, विज्ञान और दर्शन का समन्वय
  • पदार्थ और प्राणियों की सामर्थ्य का उद्गम
  • Quotation
  • लो! अब पदार्थ ही मर गया।
  • समस्त सम्भावनाओं से परिपूर्ण मानवीय व्यक्तित्व
  • लिंग भेद शाश्वत नहीं, परिवर्तनशील है!
  • जातस्य हि ध्रुवों मृत्युर्धुवं जन्म मृतस्य च॥
  • संस्कारों की महत्ता एवं उपयोगिता
  • अदृश्य का अनुकूलन आवश्यक अपेक्षित
  • सावधान् स्वर दूषण-त्रिशिरा-मारीच आ रहे हैं
  • अवरोध पुरुषार्थ के निरीक्षक, परीक्षक
  • सहकारिता ही उर्त्कष का आधार
  • विचारों और भावनाओं की शक्ति सामर्थ्य
  • स्वास्थ्य और शान्ति का शत्रु क्रोध
  • तीन महान तथ्य-अनुशासन,संयज एवं संरक्षण
  • गायत्री नगर में देव परिवार
  • विवेकवान् अपना जीवन दर्शन बदलें
  • प्रवाह में न बहते रहें, औचित्य भी देखें
  • प्रभात की पुण्य बेला में आत्म परिवर्तन अपेक्षित....
  • पुण्यात्मा गृहस्थ के घर एक अतिथि बनकर आये (kahani)
  • आत्मोर्त्कष और श्रेय साधना स्वर्णिम अवसर
  • Quotation
  • स्वार्थ और परमार्थ का असाधारण समन्वय
  • Quotation
  • बालको से भी गये बीते
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj