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    • जिंदा अध्यात्मवाद ही रहने वाला है
    • गायत्री उपासना विज्ञान की दृष्टि में
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    • व्यवहार व वातावरण (Kahani)
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    • परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी- (गुरुपूर्णिमा पर्व-1986) - देवत्व विकसित करें, कालनेमि न बनें
    • राष्ट्र के आर्थिक-साँस्कृतिक नवजागरण हेतु शाँतिकुँज की अभिनव शिक्षण सत्र योजना
    • परम वंदनीय माताजी पर विशेष- - सेवा साधना की यह तड़प हममें भी आ जाय
    • रीता बनाना तो सीखें (Kahani)
    • अपनों से अपनी बात- - अब यह पुकार अनसुनी न रहने पाए मूर्च्छना व व्यामोह कहीं श्रेयार्थी बनने से हमें वंचित न कर दे
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Magazine - Year 1995 - Version 2

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Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

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