यूनिवर्सिटी ऑफ डेब्रसेन में अकादमिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा
अपने अंतरराष्ट्रीय प्रवास के अंतर्गत आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता, ने यूनिवर्सिटी ऑफ डेब्रसेन का आधिकारिक भ्रमण किया, जो शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए यूरोप के अग्रणी संस्थानों में प्रतिष्ठित है।
इस अवसर पर डॉ. पंड्या जी द्वारा आयुर्वेद चेयर के स्मारक पट्ट का अनावरण किया गया, जो भारतीय पारंपरिक ज्ञान परंपराओं को वैश्विक शैक्षणिक मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह गरिमामयी समारोह हंगरी में भारत के राजदूत आदरणीय डॉ. अंशुमान गौर जी एवं यूनिवर्सिटी ऑफ डेब्रसेन के रेक्टर प्रो. डॉ. ज़ोल्टान सिल्वैसी की विशेष उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव का साहित्य विश्वविद्यालय के ‘इंडियन कॉर्नर’ में विधिवत रूप से स्थापित किया गया, जो भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा के लिए समर्पित एक विशेष स्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह आयोजन सभी डीन एवं विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

