गायत्री-तीर्थ शांतिकुंज एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ हुआ होलिका दहन
गायत्री-तीर्थ शांतिकुंज एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में परंपरागत श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक वातावरण के बीच होलिका दहन का पावन कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधक, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
होलिका दहन के कार्यक्रम का विधिवत पूजन-अर्चन श्रद्धेयद्वय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी एवं आदरणीया शेफाली जीजी की उपस्थिति रही। उन्होंने होलिका दहन के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व बुराइयों के त्याग, आत्मशुद्धि तथा सद्भाव और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का प्रेरक संदेश देता है।
पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार, साधना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार अनुभव किया गया। होलिका दहन के साथ ही उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और आत्मिक उन्नयन के संकल्प को आत्मसात किया।

