ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स) में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी की लॉर्ड करन बिलिमोरिया से सार्थक भेंट
लंदन, यूनाइटेड किंगडम। अपने अंतरराष्ट्रीय प्रवास के क्रम में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिष्ठित ब्रिटिश-भारतीय उद्यमी एवं राजनेता लॉर्ड करन फरीदून बिलिमोरिया से शिष्टाचार भेंट की तथा शिक्षा, उद्योग, नवाचार एवं वैश्विक सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की।
भेंटवार्ता के दौरान दोनों महानुभावों ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं औद्योगिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। साथ ही युवा नेतृत्व, कौशल विकास, उच्च शिक्षा एवं वैश्विक साझेदारी के महत्व पर भी चर्चा हुई।
लॉर्ड करन बिलिमोरिया ब्रिटेन के प्रतिष्ठित सार्वजनिक जीवन के प्रमुख व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं। वे एक सफल उद्योगपति, शिक्षाविद् एवं राजनेता होने के साथ-साथ बर्मिंघम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी रह चुके हैं। भारतीय मूल के वैश्विक समुदाय के उत्थान तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2008 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित ‘प्रवासी भारतीय सम्मान’ से सम्मानित किया गया था।
इस अवसर पर परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों के वैश्विक प्रसार में ऐसे नेतृत्वकर्ताओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और उद्योग का समन्वय ही भविष्य की सशक्त एवं मूल्यनिष्ठ पीढ़ी के निर्माण का आधार बन सकता है।
यह भेंट भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य ज्ञान, संस्कृति एवं नेतृत्व आधारित सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी अवसर के रूप में देखी जा रही है।

