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Magazine - Year 1987 - Version 2

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अशरीरी आत्माएँ एवं उनके क्रिया कलाप

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भूत-प्रेत का मतलब है कि किसी श्मशान, खण्डहर, एकाकी पीपल पर रहने वली डरावनी सूरत जो औरतों पर विशेषतया बच्चों पर आक्रमण करती है ओर पीछा छोड़ने के बदलें में अपहरण कर्ताओं की तरह फिरौती माँगती है ओझा, सियाने, दिवाने भोपे उनके मिशन एजेंट होते हैं। कोई सौदा पटाने के लिए उनके कमीशन एजेंट होते हैं। कोई सौदा पटाने के लिए उनके पास लाना जरूरी है। नई उम्र की लड़कियों को चुड़ैल, जिन्द, मसान सताते हैं और तब छोड़ते हैं जब मनमाना पुजापा वसूल कर लेते हैं, नहीं तो बुखार, हैफनी, ऐंठने, सिर दर्द, उल्टी जैसी बीमारियों खाड़ी कर देते हैं।

हिंदुस्तान में यही है भूत-पलीतों का रूप जो पिछड़े देहाती समुदाय पर आये दिन सवार रहता है। भोपा, ओझा आदि उनको अक्सर शिकार बनाते रहते हैं।

यह पिछड़ेपन की निशानी है जो जनसाधारण को हैरान करती रहती है। पर वस्तुतः ऐसी स्थिति है नहीं। यदि शरीर छोड़ने के उपरांत आत्मा की स्थिति की वास्तविक जानकारी प्राप्त करनी हो तो उसे ऐसा सूक्ष्म शरीरधारी माना जा सकता है। जिसका पूर्व जन्म से सम्बन्धित व्यक्तियों से प्रेम न सही लगवा तो बना ही रहता है। अपना समय उन्हें कर्मानुसार जैसे भी भुगतान पड़ता है जैसे तो भुगतते ही है, इसके अतिरिक्त परिचितों और सम्बन्धियों को अपनी स्थिति के अनुसार लाभ पहुँचाते हैं। सूक्ष्म शरीर-धारी होने के कारण एक स्थान की घटनाओं या सम्भावनाओं की जानकारी उन्हें रहती है। उसे भी उपयुक्त व्यक्तियों तक पहुँचाने का प्रयत्न करते हैं। इससे घटनाक्रम रुकता तो नहीं, पर उस सम्भावना की पूर्व तैयारी रहने पर वह भटका नहीं लगता जो आकस्मिक विपत्ति सामने आ खड़ी होने पर लगता है। पूर्व सूचना यदि उससे पहले मिल जाय जब तक कि दुर्घटना घटित नहीं हुई है, तो प्रत्युत्पन्नमति वाले उससे पूरी तरह बच न सके तो बचाव का उपाय तो कर ही सकते हैं।

कोई सूक्ष्म शरीरधारी किसी स्वजन सम्बन्धी को हानि पहुँचायेगा, ऐसी आशंका किसी को भी नहीं करनी चाहिएं ऐसा तो पिछड़े लोग अपनी मानसिक आशंकाओं का वमन मनगढ़ंत रूप में करते रहते हैं और अपना विज्ञापन कराने के उपरान्त चुप हो जाते हैं।

प्रेतात्माओं के अस्तित्व और उनकी पूर्ववर्ती जानकारियों के सम्बन्ध में कुछ प्रमाणिक जानकारियाँ इस प्रकार है:-

अमेरिका के एक ट्रेन ड्राइवर होरेस एल सीवर प्रेतात्माओं से संपर्क साधने एवं उनसे निकट भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए विख्यात थे लोग उन्हें किंग ऑफ दी रोड कहते थे। 1810 में वे जब एक सैनय दल लेकर जा रहे थे तो मध्य मार्ग में सूक्ष्म प्रेरणा से उन्हें संदेश मिला कि आगे खतरा है गाड़ी रोक दो अन्यथा दुर्घटना के शिकार हो जाओगे। होरेस ने गाड़ी रोक दी। दल के कमाण्डर ने खोजबीन के उपरान्त पाया कि होरेस को दी गई पूर्व सूचना सही थी। आगे रेल की पटरियाँ उखड़ी हुई थी। ऐसे ही एक अन्य अवसर पर सामने से आ रही गाड़ी की जिसकी कि टकरा जाने की सुनिश्चित सम्भावना थी मीलों पूर्व इसी प्रकार उन्हें सूचना मिल गई थीं इस अवसर पर होरेस ने अपनी गाड़ी को रोका और फिर पीछे की ओर चलाना आरम्भ कर दिया। सामने से आ रही ट्रेन उनके रेल इंजन से टकराई तो सही पर दोनों की एक ही दिशा होने से कोई विशेष क्षति नहीं हुई। इसे वे सूक्ष्म शरीरधारी आत्मा द्वारा दिया गया संदेश मानते थे। हालीवुड के सुप्रसिद्ध मनोचिकित्सक केनी किंग किंग्स्टन ने अनेक मृतात्माओं से संपर्क बनाया है, उनका कहना है कि मृतात्माएँ जीवितों की सहायता ही करती देखी जाती है किंग्स्टन का कहना है कि फ्लिपतन वेव नामक एक व्यक्ति की आत्मा उन्हें समय समय पर सहायता देती रहती है। एक बार विश्वविख्यात धनकुबेर हयूजेस परिवार वालों को कोई सूचना दिये बिना ही घर से कही चले गये ढूंढ़ खोज करने पर जब उनका कही कोई पता नहीं चला तो धर वालो ने किंग्स्टन महाशय की सहायता ली। तब वेव की आत्मा ने उन्हें बताया था कि - “हयूजेस एक गोपनीय व्यापारिक दौर पर है और लाँस वेगास होटल की नीव मंजिल के एक फ्लेट में ठहरे हुए है।

सम्राट एडवर्ड सप्तम की पत्नि महारानी एलेक्जेन्डा पितरों से संपर्क में आस्था रखती थी। एक दिन एक पितर आत्मा ने उन्हें सूचित किया कि उनके पति अब कुछ ही दिनों में मेहमान है, अब वे अपने जन्म स्थान कोवे में प्राण त्याग देंगे। महारानी कोवे पहुँची तो पाया कि उनके पतिदेव पलंग पर मूर्च्छित पड़े थे हिलाने डुलाने पर उनने क्षण भर के लिए आंखें खोली और फिर सदा के लिए सो गए। इसी तरह की एक घटना इंग्लैंड में घटित हुई जिसमें पितरों द्वारा मृत्युशय्या पर पड़ी एक महिला की जानकारी उसकी लड़की को दी गई।”फैन्टास्म ऑफ लिविंग” पुस्तक में इस घटना का वर्णन करते हुए लेखक ने बताया है कि एक दस वर्षीय बालिका अपने पिता के साथ सड़क पर टहल रही थी कि अचानक उसके सम्मुख एक छाया प्रकट हुई उसकी माँ के अस्वस्थ होने का समाचार सुनाया। इस अप्रत्याशित घटना से वह लड़की भयभीत हो गई और उसने अपने पिता को घर वापस लौट चलने के लिए बाध्य किया। जैसे ही वे घर पहुँचे तो देखा कि उनकी पत्नि दिल का दौरा पड़ने से मूर्च्छावस्था में पड़ी जीवन की अन्तिम सांसें गिन रही है। शीघ्र ही चिकित्सक को बुलाया गया जिससे महिला की प्राण रक्षा हुई।कैलीफोर्निया में एक पुलिस अधिकारी को एक छाया पुरुष दिखा, जिसने बताया कि वहाँ स्ट्रीम लाइनर से एक ट्रक टकरा गया है जिससे ट्रक ड्राइवर की मृत्यु हो गई है। पुलिस अधिकारी ने एवेन्यू पहुँचने पर ऐसा कोई भी दृश्य नहीं दिखाई दिया। अतः वह वापस होने लगा। कुछ ही कदम पीछे मुड़े होगे कि एक ट्रक सामने से तीव्रगति से आया और स्ट्रीम लाइनर से टकराकर चकनाचूर हो गया उसने समीप जाकर देखा कि मरने वाला ड्राइवर उसका घनिष्ठ मित्र है, जिसकी पूर्व सूचना उसे पहले ही अदृश्य आत्मा द्वारा मिल चुकी थी।

प्रेतात्माओं से संपर्क साधने एवं उनके द्वारा मृत्यु की पूर्व घोषणा करने का विवरण रखने वालों में 17 वीं शताब्दी के जॉन ओब्रे नामक एक अंग्रेज को बहुत प्रामाणिक माना जाता है। उनके अनुसार एक अंग्रेज को बहुत प्रामाणिक माना जाता है। उनके अनुसार मृत मार्टिन लूथर की आत्मा द्वारा की गई भविष्यवाणियाँ अक्षरशः सत्य घटित हुई है। मृत्यु के पश्चात भी लूथर की सदाशयी आत्मा समय समय पर लोगों की सत्परामर्श दिया करती थी। महान कवि विलियम ब्लैक भी मृतात्माओं से अपने संपर्क के लिए विख्यात थे। रात्रि के एकान्त में माईकेल एंजिलों मोजेज, क्लियोपेट्रा जैसी कितनी ही स्वर्गीय आत्माओं से वे घण्टों वार्तालाप एवं विचार विमर्श किया करते थे।

प्रेत-पितर न केवल उपयोगी जानकारियाँ प्रदान करते हैं, वरन् माध्यम की सहायता से रोगियों को स्वस्थ करते हुए भी देखे जाते हैं। मेरी काडिंगटन ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “इन सर्च आफ दि हीलिंग पावर” में इस तरह के

कई उदाहरण प्रस्तुत किये हैं अफ्रीका के कई व्यक्ति इन्हीं अशरीरी आत्माओं की सहायता से लोगों की टूटी हुई हड्डियों जोड़ देते हैं। इसी तरह “द वर्ल्ड ऑफ पैराडाइज” पुस्तक में लेखक ने हवाई दीप में रहने वाली जन जातियों के बारे में लिखा है कि ये लोग कुछ सदाशयी मृत आत्माओं का प्रसन्न कर लेते हैं और उनसे रोगियों को स्वस्थ करने का काम लेते हैं। सूक्ष्म शरीरधारी आत्माओं में कुछ ही ऐसी होती है जो अपनी दुष्प्रवृत्तियों से प्रेरित होकर लोगों को डराती और हैरान करती है। किन्तु अधिकांश मृतात्माएँ ऐसी होती है जो अपनी जानकारी से लोगों को खतरों से सावधान करती एवं अपनी क्षमता के अनुरूप सहायता प्रदान करती रहती है। उनसे भयभीत होने की कोई जरूरत नहीं। अपितु उनसे सम्बन्ध स्थापित कर लाभान्वित होना चाहिए।

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